02/05/2023
Msg and drop your mobile number for physics,chem,maths,......personality development,Englishspeakin
02/05/2023
25/06/2021
Pls all intelligent and kind .and progresse people pls focus on following blazing silent issue on children education system.
If you agree with it pls share and msg me and give your number we will call you for big meeting for student wellfare and long impact on education
Students exploitation by schools and teachers
में एक बडे शिक्षक वर्ग के माध्यम से में ---समाज ,सरकार,अधिकारी , मन्त्री, डीएम कलक्टर आदि को स्कूलों के द्वारा विधार्थीयो (विशेषकर छोटे बच्चों )के प्रति अमानवीय व्यवहार को दर्शाना चाहता हूँ।
1. स्कूलों की गरमी की छुट्टियां 2 महीने से घटाकर लगभग सवा महीने करदी है। जिससे विधार्थी पहले जितना आनंद नहीं उठा सकते हैं।
2.स्कूल पहले जुलाई में खुलती थे अब कुछ स्कूल जबर्दस्ती कम्पीटिशन के चलते जून से क्लासेस शुरू कर देते हैं।
3.छुट्टियों में एक्सट्रा क्लास का नाटक आम हो गया है। क्या वास्तव मे बच्चे कुछ सिखेंगे।
4.बची कुची छुट्टियों में भरकर holiday homework ...., projects ... जिसको लेकर बच्चा पूरी छुट्टियों में tension में रहता है। इससे तो छुट्टियां बंद कर दो।
5 . एक बात-- छुट्टियों के तुरंत बाद जब तक बच्चा normal भी नहीं पाता पहले दिन से ही साडे पांच, छ घन्टे का स्कूल।
6 . सबसे बड़ी बात यह है कि तुरंत ही exam और test शुरू हो जाते हे।
आप सभी विद्वानों से अपेक्षा है कि विधार्थी को तनाव मुक्त , वास्तविक , व रूचिकर शिक्षा के लिए जबर्दस्ती का दबाव नहीं होना चाहिए । इस तरीके की व्यवस्था से हम विधार्थी को शिक्षा के लिए motivate कर रहे है या दूर।
अगर देश में न्यूटन आइन्सटीन कोटलर चाहिए तो विधार्थी मे रूझान पैदा करना होगा। जो pressure से नहीं होगा
Pls all intelligent and kind .and progresse people focus on blazing silent folloing issue
If you agree with it pls share and msg me on face book and give your number we will call you for big meeting for student wellfare and long impact on education
Students exploitation by schools and teachers
में एक बडे शिक्षक वर्ग के माध्यम से में ---समाज ,सरकार,अधिकारी , मन्त्री, डीएम कलक्टर आदि को स्कूलों के द्वारा विधार्थीयो (विशेषकर छोटे बच्चों )के प्रति अमानवीय व्यवहार को दर्शाना चाहता हूँ।
1. स्कूलों की गरमी की छुट्टियां 2 महीने से घटाकर लगभग सवा महीने करदी है। जिससे विधार्थी पहले जितना आनंद नहीं उठा सकते हैं।
2.स्कूल पहले जुलाई में खुलती थे अब कुछ स्कूल जबर्दस्ती कम्पीटिशन के चलते जून से क्लासेस शुरू कर देते हैं।
3.छुट्टियों में एक्सट्रा क्लास का नाटक आम हो गया है।
4.बची कुची छुट्टियों में भरकर holiday homework, projects जिसको लेकर बच्चा पूरी छुट्टियों में tension में रहता है।
5 . सबसे बड़ी बात-- छुट्टियों के तुरंत बाद जब तक बच्चा normal भी नहीं पाता पहले दिन से ही साडे पांच, छ घन्टे का स्कूल।
6 . सबसे बड़ी बात यह है कि तुरंत ही exam और test शुरू हो जाते हे।
आप सभी विद्वानों से अपेक्षा है कि विधार्थी को तनाव मुक्त वास्तविक व रूचिकर शिक्षा के लिए जबर्दस्ती का दबाव नहीं होना चाहिए ईस तरीके के व्यवस्था से हम विधार्थी को शिक्षा के लिए motivate कर रहे है या दूर।
अगर देश में न्यूटन आइन्सटीन कोटलर चाहिए तो विधार्थी मे रूझान पैदा करना होगा। जो pressure से नहीं होगा
30/03/2018
For the high choice students
*सूचना* : टीचर्स फोरम का *टीचर्स -डे (शिक्षक दिवस) कार्यक्रम* : कार्यक्रम को इस प्रकार निर्धारित किया गया है ।
*दिन* :10 सितम्बर 2017,रविवार ।
*समय* : शाम ठीक 5:30 से (लगभग ढाई - तीन घंटे)
*स्थान* : प्रथम तल ,अतिथिवन वाटर वर्क्स के निकट
*सहयोग शुल्क प्रति शिक्षक *300* /- व परिवार *600* /-(6 वर्ष से उपर 300/- अतिरिक्त देय ) कर दिया है।
सहयोग केलिए धन्यवाद ।🙏