Khsagra

Khsagra Academic & cultural events of KHS Agra Headquarter and its regional centers

17/07/2026

केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा, उच्चतर शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से RE-NEET' 2026 परीक्षा में सफल समस्त विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं। जो विद्यार्थी परीक्षा में असफल हो गए हैं, उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है, उनके लिए आगे अनेक अवसर एवं विकल्प मौजूद हैं जिनके माध्यम से वे अपने भविष्य एवं देश का नाम रोशन करेंगे। संस्थान आपके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।

केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा मुख्यालय पर दिनांकः 21.06.2026 को 12 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग कार्यक्रम का...
22/06/2026

केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा मुख्यालय पर दिनांकः 21.06.2026 को 12 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

07/05/2026
सत्रांत समारोह 2025–26 का सफल आयोजनकेंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग द्वारा सत्र 2025–26 ...
04/05/2026

सत्रांत समारोह 2025–26 का सफल आयोजन
केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग द्वारा सत्र 2025–26 के लिए दिनांक 30-04-2026 को सत्रांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रातः 11:00 बजे से अपराह्न 2:00 बजे तक आयोजित हुआ, जिसमें 20 देशों के 103 विद्यार्थियों, विद्वानों, राजनयिकों, शिक्षकों एवं प्रशासनिक कार्मिकों की गरिमामय उपस्थिति रही। केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल के उपाध्यक्ष प्रो. सुरेंद्र दुबे ने कार्यक्रम में अध्यक्षीय वक्तव्य के रूप में “अप्प दीपो भव” के माध्यम से हिंदी की ललक को बनाए रखने का संदेश दिया। मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के अध्यक्ष प्रो. प्रदीप कुमार जोशी ने भारत की गुरु शिष्य परंपरा की महत्ता के साथ विदेशी विद्यार्थियों के अर्जित हिंदी ज्ञान को अपने-अपने देशों में प्रचारित करने पर जोर दिया। संस्थान के निदेशक प्रो. सुनील बाबुराव कुळकर्णी ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए हिंदी भाषा के वैश्विक महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर चाड के प्रथम सचिव जिमितोला कोजिनान ने “वसुधैव कुटुंबकम्” के अर्थ को समझाया। इनके साथ ही मंचासीन अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. जोगेंद्र सिंह मीणा ने विभाग की उपलब्धियों और विदेशी विद्यार्थियों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की। प्रो. अपर्णा सारस्वत ने दिल्ली केंद्र पर अध्ययनरत विदेशी विद्यार्थियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। मंचासीन अतिथियों के कर कमलों से सत्र 2025-26 के सफल विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र एवं पदक वितरित किए गए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पुरुषोत्तम पाटील ने कुशलतापूर्वक किया।
इस कार्यक्रम में विभाग की विद्यार्थी केंद्रित पत्रिका हिंदी विश्व भारती का विमोचन मंचासीन अतिथियों द्वारा किया गया। समारोह में चाड, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, श्रीलंका और जापान के विद्यार्थियों ने बहुत ही कुशलता से हिंदी में अपने विचार प्रस्तुत कर हिंदी भाषा के प्रति अपनी अभिरुचि और दक्षता का परिचय दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मंगोलिया से ओर्होन, दक्षिण अफ्रीका से सुष्मिता, गुयाना से दूधनाथ और श्रीलंका के विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों से सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम की सफलता में संस्थान के सभी विभागाध्यक्षों, शैक्षिक समन्वयक, कुलसचिव, पुस्तकालयाध्यक्ष, अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग एवं दिल्ली केंद्र से आए शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। साथ ही अन्य विभागों के शिक्षकों, प्रशासनिक सदस्यों, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग, तथा सहयोगी कर्मचारियों ने आयोजन को सफल बनाने में सराहनीय भूमिका निभाई। अंत में डॉ. परमान सिंह द्वारा सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

20/04/2026
दिनांक 14 अप्रैल, 2026 को केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के अध्यापक शिक्षा विभाग एवं अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग द्वा...
15/04/2026

दिनांक 14 अप्रैल, 2026 को केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के अध्यापक शिक्षा विभाग एवं अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती समारोह का आयोजन अटल बिहारी वाजपेयी अंतरराष्ट्रीय सभागार में अपराह्न 4:30 बजे से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंचस्थ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। सभी अतिथियों का स्वागत उत्तरीय एवं स्मृति चिह्न देकर किया गया।
प्रो. चंद्रकांत कोठे विभागाध्यक्ष, अध्यापक शिक्षा विभाग, केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा ने स्वागत वक्तव्य तथा संस्थान एवं विभागीय परिचय देते हुए कहा कि केंद्रीय हिंदी संस्थान सन् 1961 से हिंदी शिक्षण प्रशिक्षण एवं भाषा के प्रचार प्रसार के लिए कार्य कर रहा है, अभी हाल ही में संस्थान को मानद विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त हुआ है I आज का दिन डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के योगदान को स्मरण करने का दिन है उन्होंने समाज में भेदभाव मिटाने और बंधुत्व सामूहिकता एवं सद्भाव बढ़ाने पर बल दिया I
कार्यक्रम को सानिध्य प्रदान करते हुए प्रो. हरिशंकर, शैक्षिक समन्वयक, केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा ने अपने उद्बोधन में कहा कि अंबेडकर जी जाति बंधनों से मुक्त हैं उन्होंने पूरे देश को करुणा और प्रेम का संदेश दिया है। भारतीय जनता आज भी मानसिक संकीर्णता से बंधी हुई है अतः आज इस मानसिक संकीर्णता से उबरने की और अंबेडकर जी के विचारों को अपनाने की आवश्यकता है I
प्रो. सुरेश शेळके, हिंदी विभाग, नागनाथ कला वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय, औंढा नागनाथ ने मुख्य अतिथि उद्बोधन में कहा कि आज हम डॉ भीमराव अंबेडकर जी की 135वीं जयंती मना रहे हैं I अंबेडकर जी की जयंती उनके जीवित रहते मनाई गई थी, यह वर्ल्ड रिकॉर्ड है उन्होंने कहा कि उनके नाम का अभिवादन “जय भीम” उनकी व्यापकता और महानता को दर्शाता है I अछूतों को उनके अधिकार दिलाने के लिए बाबा साहेब का योगदान महत्वपूर्ण है I बाबासाहेब ने संविधान निर्माण में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की I कुछ आलोचक यह मानते हैं कि स्वतंत्रता आंदोलन में बाबासाहेब की कोई भूमिका नहीं रही, अतः भारतवर्ष के इतिहास के पुनर्लेखन की आवश्यकता है I उन्होंने कहा कि जो सम्मान बाबा साहब को विदेशों में मिला वही सम्मान भारत में मिलने की आवश्यकता है, आने वाले समय में अंबेडकरवाद भारत को विश्व गुरु बनाने में महत्वपूर्ण सिद्ध होगा I
प्रो. सुनील बाबुराव कुळकर्णी, निदेशक, केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि आज का दिन हम सभी को अंतर्मुख होकर उनके कार्यों और योगदान को सोचने का है I “हो गए बहुत, होंगे बहुत, लेकिन उनके जैसा कोई नहीं” के माध्यम से कहा कि उनके व्यक्तित्व के विभिन्न आयाम है, जिसने जिस रूप में उन्हें देखा उसे वैसा ही दिखाई दिया आज उनके व्यक्तित्व के विभिन्न आयामों को पढ़ने की आवश्यकता है I बाबा साहेब के बताए हुए अध्यापक के बारे में विचार बहुत महत्वपूर्ण है, उन्होंने कहा कि एक अध्यापक का दायित्व बहुत बड़ा है, एक अध्यापक को केवल नौकरी के लिए ही नहीं बल्कि समाज का आधार स्तंभ बनना चाहिए उसे समाज के लिए आदर्श पुरुष होना चाहिए, शिक्षकों को अपने विषय का गहराई से ज्ञान होना चाहिए, उन्हें निरंतर पढ़ना और साधना करने वाला होना चाहिए, हर विषय का ज्ञान उनके लिए आवश्यक है उन्हें निरंतर अध्ययनशी होना चाहिए नया-नया ज्ञान आत्मसात करने वाला होना चाहिए, शिक्षक में अनुसंधान की वृत्ति होनी चाहिए, नित्य नए-नए विचार और नई-नई समस्याएं जो उत्पन्न हो रही है उनका समाधान करने वाला होना चाहिए, शिक्षकों में विद्यार्थियों के लिए आत्मभाव होना चाहिए, उन्हें निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करना चाहिए, शिक्षकों को अनुसंधान करने वाला होना चाहिए शिक्षकों को अंधानुकरण करने वाला नहीं होना चाहिए, बल्कि विचार शक्ति उत्पन्न करने वाला होना चाहिए और उन्हें किसी राजनीतिक दबाव में नहीं आना चाहिए, शिक्षकों का समाज के साथ अटूट रिश्ता होता है I अतः शिक्षा और शिक्षक समाज से अलग नहीं वरन् उसमें सुधार विकास और बदलाव करने वाले होने चाहिए I
संदीप म्यूजिकल ग्रुप (श्री गुड्डन बाबु) द्वारा भीम गीत कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया जिसमें गायन समूह के सदस्य श्री नरेंद्र बौद्ध, गुड्डू बौद्ध, सचिन कुमार, प्रेम नारायण रोशन खान, मयंक गौतम तथा नीरज कपूर ने “14 अप्रैल का दिन आया रे आओ मिलकर गायें” “ना रुकने वाले हैं, न झुकने वाले हैं, तुम जोर से बोलो हम भीम गीत वाले हैं, तुम जोर से बोलो हम जीत वाले हैं” आदि गीत गा कर समां बांध दिया I
मंच संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सरोज राय ने किया । कार्यक्रम में सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, प्रोफेसर सपना गुप्ता, डॉ मीनाक्षी दुबे, डॉ. अरिमर्दन कुमार त्रिपाठी, डॉ. दीपामणि बरूवा. डॉ. जोगेन्द्र सिंह मीणा, शैक्षिक सदस्य डॉ तस्मीना हुसैन, डॉ. सुनीता शर्मा, डॉ. राजश्री, डॉ प्रणीता मिश्रा, डॉ उषा शर्मा, डॉ, रिया डॉ. अनामिका, डॉ. शमा आदि सभी शैक्षिक एवं प्रशासनिक सदस्य तथा अध्यापक शिक्षा विभाग एवं अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग के सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे I

07 नवंबर, 2025 को भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के सृजन के 150 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में माननीय प्रधान म...
10/04/2026

07 नवंबर, 2025 को भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के सृजन के 150 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में माननीय प्रधान मंत्री, श्री नरेंद्र मोदी जी ने नई दिल्ली में वर्षभर चलने वाले राष्ट्र व्यापी समारोहों का उद्घाटन किया, उसी श्रृंखला को आज दिनांक 10 अप्रैल, 2026 को केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के अटल विहारी वाजपेयी अंतरराष्ट्रीय सभागार में केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा तथा अखिल भारतीय विद्या परिषद, आगरा महानगर के द्वारा ‘वंदे मातरम्’ गीत कार्यक्रम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि - श्री अनुज ठाकुर, (ब्रज प्रान्त संगठन मंत्री), श्री रजत जोशी, श्री सागर राणा, श्री दीपक कश्यप, अखिल भारतीय विद्या परिषद् के पदाधिकारी, कार्यक्रम के अध्यक्ष, प्रो. हरिशंकर, शैक्षिक समंवयक, केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा, कार्यक्रम के संयोजक प्रो. चंद्रकांत कोठे, विभागाध्यक्ष, अध्यापक शिक्षा विभाग एवं डॉ. अंकुश तुलसीराम औंधकर, कुलसचिव (अतिरिक्त प्रभार), केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के द्वारा सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया। सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन उत्तरीय से किया गया।
प्रो. चंद्रकांत कोठे, विभागाध्यक्ष, अध्यापक शिक्षा विभाग ने मुख्य अतिथि एवं समस्त पदाधिकारियों (ए.बी.वी.पी.) का स्वागत एवं परिचय देते हुए कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के समय वंदे मातरम् गीत के माध्यम से लोगों में ऊर्जा का संचार किया गया। आने वाली पीढ़ी इस गीत के महत्व को समझे इसलिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस गीत के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 2047 के विकसित भारत के विजन से जुड़ सकते हैं। इस गीत ने सभी लोगों में देश व राष्ट्रप्रेम का भाव जगाया है। इसके पश्चात् शिक्षक प्रशिक्षणार्थी, मुहम्मद आरिफ, (पश्चिम बंगाल) हिंदी शिक्षण पारंगत ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वंदे मातरम् एक गीत नहीं, वह एक मंत्र है जिसने भारत को आजादी दिलाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। वंदे मातरम् का अर्थ है – मैं अपनी माँ (भारत) का सम्मान करता हूँ। इस गीत ने लोगों में एकता स्थापित की और लोगों को देश प्रेम की ओर प्रेरित किया। आज भी इस गीत के माध्यम से हमारे अंदर देश प्रेम की भावना जागृत होती है। प्रवीण द्वितीय वर्ष की छात्रा अथुई जेलियांग नें अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इस गीत के माध्यम से पूर्वोत्तर भारत एकता के सूत्र में बंधा हुआ है। सभागार में उपस्थित समस्त मंचासीन सदस्यों तथा केंद्रीय हिंदी संस्थान के सभी विभागाध्यक्षों, शैक्षिक एवं प्रशासनिक सदस्यों तथा प्रशिक्षणार्थियों द्व्रारा ‘वंदे मातरम्’ गीत का सामूहिक गायन किया गया। शैक्षिक समन्वयक प्रो. हरिशंकर ने अपने उद्बोधन में कहा कि वंदे मातरम् में जो भाव हैं, हमें उनका अनुशीलन करना चाहिए। इस गीत में मातृभूमि की स्तुति की गयी है। यदि हम इस गीत में समाहित भावों, मूल्यों, सभ्यता और संस्कृति को समाहित कर लेते हैं तो हमारा 150वां जयंती वर्ष मनाना सार्थक है। यह भारत के जनमानस का गीत है, हमें इसको निरंतर आगे बढ़ाना है। अतः यह यात्रा निरंतर आगे बढ़ती रहनी चाहिए।
इस कार्यक्रम का मंच संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. प्रणीता मिश्रा, सहायक आचार्य, केंद्रीय हिंदी संस्थान, अध्यापक शिक्षा विभाग के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के शैक्षिक समन्वयक, प्रो. हरिशंकर, प्रो. चंद्रकांत कोठे, विभागाध्यक्ष, अध्यापक शिक्षा विभाग, कुलसचिव, डॉ. अंकुश तुलसीराम औंधकर, सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, शैक्षिक सदस्य, प्रशासनिक सदस्य एवं शिक्षक प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

केंद्रीय हिंदी संस्थान आगरा के मुख्यालय पर अवस्थित नवीकरण एवं भाषा प्रसार विभाग द्वारा दिनांक 10.03.2026 से 19.03.2026 त...
19/03/2026

केंद्रीय हिंदी संस्थान आगरा के मुख्यालय पर अवस्थित नवीकरण एवं भाषा प्रसार विभाग द्वारा दिनांक 10.03.2026 से 19.03.2026 तक गुजरात विद्यापीठ, अहमदाबाद के बी.एड. के प्रशिक्षणार्थियों हेतु हिंदी भाषा संवर्धनात्मक पाठ्यक्रम संचालित किया जा रहा हैI पाठ्यक्रम का समापन दिनांक 19.03.2026 को केंद्रीय हिंदी संस्थान के शैक्षिक समन्वयक प्रो. हरिशंकर की अध्यक्षता में किया गयाI कार्यक्रम में नवीकरण एवं भाषा प्रसार विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. सपना गुप्ता, पूर्वोत्तर शिक्षण सामग्री विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मीनाक्षी दुबे, अनुसंधान एवं भाषा विकास विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अरिमर्दन कुमार त्रिपाठी, गुजरात विद्यापीठ, अहमदाबाद से पधारीं प्रो. सोनल पटेल उपस्थित रहींI कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अनामिका गुप्ता ने कियाI

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