Study of law

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08/09/2023

#रामप्रकाश राकेश
#घोसीचुनाव
गागर अक्सर छलका करती
सागर नहीं छलकते देखे।
बहुत मिले हैं मंचों पर चढ़,थोथे गाल बजाने वाले
बहुत मिले हैं देश सुधारक,रामराज चिल्लाने वाले।
बंद नहीं पानी की जिनमें, वे घन बहुत गरजते अक्सर,
जिनके घट में शीतलता हो, बादल वही बरसते देखे।

क्यों करे बड़े लम्हों का wait, छोटे छोटे पलो को करे celebrate 🤣🤣🙏

Photos from Study of law's post 07/09/2023

#श्रीकृष्ण_जन्माष्टमी #जन्मदिन #मथुरावासी #हिंदीसाहित्य #हिंदी_कविता #वियोग

श्याम गए तो गए मथुरा मथुरा न गयी वृषभानु दुलारी,
कौन सी आन रही मन में वह आन गयी मन से न उतारी,
जाकर हाल न पूँछ सकी किस हाल में है ब्रजधाम बिहारी,
प्यार के बन्धन बांध हमें किस बांध में जाके बँधे बनवारी।
2
पन्द्रह ही दिन बोल गए इक मास हुए पर लौट ना आए,
भेजती कोई कबूतर जो कि सन्देश यहाँ से वहाँ पहुँचाए,
कौन कमी रही प्यार में जो यदुनंदन प्यार की रीति भुलाए
जो सबको भरमा गये हैं उनको भला कौन वहाँ भरमाए।
3
कोई नही दिन बीतता है मनमोहन को जब याद ना आए,
काग मयूर बया बगुले बस देखते हैं किस ओर से आए,
आए जो हैं ब्रजभूमि से तो अभी राधिका की छवि देखके आए,
देख उन्हें मन नाच उठे मानो राधिका को ख़ुद देखके आए।

4
फूल खिले भँवरे लिपटे मकरंद भरी बगिया महकाये,
सावन के दिन भाद्र की रात आषाढ़ की दोपहरी जब आये,
धीर धरो कितना भी भले मन पे पर धीर धरा नहि जाए,
कोई कहीं से नही कहता चलो राधिका है वहाँ नैन बिछाये।
5
गोकुल के बछड़े बछड़ी बस व्याकुल हैं मथुरा नहि आये,
वृक्ष कदम्ब के वैसे खड़े न झुके न गिरे न खिले मुरझाये,
मौन खड़े गिरिराज वहीं यमुना उसी ओर ही नीर बहाये
भूल गए ब्रज वासी ही या ब्रजवासियों को घनश्याम भुलाये।
6
राधिका का उन्माद चढ़ा अब और कोई उन्माद नहीं है
राधिका हो न हो राधिका के प्रति मानस में दुर्वाद नही है
राधिका से पहले नहि था कुछ राधिका के कुछ बाद नहीं है ,
याद में राधिका है इतना बिन राधिका के कुछ याद नहीं है,
7
श्याम बिना नहीं राधिका तो बिन राधिका स्याम नहीं रह पाते,
श्याम में राधा नही रहती यदि श्याम वियोग नहीं सह पाते,
वृक्ष नदी तट पे रहते जलधार के साथ नहीं बह पाते।
भीतर भीतर पीर भरे पर पीर किसी से नहीं कह पाते।
8
आदि व अन्त अनंत में राधिका मध्य में राधिका की छवि छायी,
अर्ध्य व ऊर्ध्य प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष दिशा विदिशा में वही है समायी,
जीत में हार में लाभ में हानि में राधिका राधिका ही दे दिखायी,
नैन ही राधिका में जा बसे या कि राधिका ही हर ओर से आयी।
9
फूल कदम्ब के फूल उठे या कि राधिका फूल के फूल हुई है,
है ऋतुराज अनंग प्रसन्न की ये ऋतु ही अनुकूल हुई है।
पाँव रखे जिस ओर जहां उस ओर की चंदन धूल हुई है,
भूल गयी मुझे राधिका या मुझसे ही कोई बड़ी भूल हुई है।

Priyanshu Gajendra

Photos from Study of law's post 06/05/2023

New batch start for B.a.ll.b 3rd year with 3 demo classes

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22/03/2023
27/01/2023

#पढ़े_सार्थक_बने_सार्थक
Classes started for all class

29/10/2022

New batch every monday

04/08/2022

New batch started from 16/08

24/03/2022

New batch start for Ll.b. / b.a.ll.b. at Saarthak coaching from 29/03 with 4 days demo
More info 8077114405,9458239864

16/08/2021

Ll.b. and b.a.ll.b.classes start on coaching center from 26/08
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