एक घने जंगल में एक चालाक लोमड़ी रहती थी।
एक दिन उसने एक मासूम हिरण को देखा और उसे मीठी बातों में फँसाने लगी। लोमड़ी बोली, “चलो, मैं तुम्हें मीठे फलों वाले पेड़ तक ले चलती हूँ।”
हिरण समझदार था। उसने लोमड़ी के पैरों के निशान देखे, जो गुफा के अंदर तो जा रहे थे, लेकिन बाहर नहीं आ रहे थे।
हिरण तुरंत समझ गया और वहाँ से भाग गया।
लोमड़ी भूखी रह गई।
सीख: समझदारी और सतर्कता हमेशा जान बचाती है।
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Sher or chidiya ki kahani Rajkumar Malviya
06/05/2026
Shujalpur सहर मे
06/05/2026
हमारे प्रिय जितेन्द्र नागर जी के भाई की शादी मे सम्मिलित हुए 💕👍🎉
https://www.facebook.com/AamliyaGaming एक घने जंगल में एक चालाक लोमड़ी और एक ताकतवर भालू रहते थे।
एक दिन भालू को शहद मिला, तो लोमड़ी ने चाल चली—वह बोली, “मैं तुम्हें और ज्यादा शहद दिखाती हूँ।”
लोमड़ी भालू को दूर जंगल में ले गई, जहाँ कोई शहद नहीं था। भालू समझ गया कि उसे बेवकूफ बनाया गया है।
गुस्से में भालू ने लोमड़ी को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन लोमड़ी तेज थी और भाग गई।
सीख: चालाकी हमेशा काम नहीं आती, और झूठ का अंजाम बुरा होता है।
Rajkumar Malviya
एक जंगल में एक छोटा चूहा रहता था। एक दिन वह जाल में फँस गया और जोर-जोर से मदद माँगने लगा। पास में बैठा बंदर उसकी आवाज सुनकर आया। बंदर ने अपने तेज हाथों से जाल फाड़ दिया और चूहे को बचा लिया। चूहा बोला, “धन्यवाद दोस्त!”
उस दिन से दोनों अच्छे मित्र बन गए और मिल-जुलकर खुशी से रहने लगे।
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Rajkumar Malviya
30/04/2026
Sher or snake🐍🐍https://www.facebook.com/AamliyaGaming
Rajkumar Malviya Rajkumar Malviya
एक घने जंगल में शेर और भालू के बीच खाने को लेकर झगड़ा हो गया। दोनों अपनी ताकत दिखाने लगे और जोरदार लड़ाई हुई। तभी एक चालाक लोमड़ी आई और बोली, “तुम दोनों लड़ते रहो, मैं ये खाना ले जाती हूँ।” यह सुनकर शेर और भालू को अपनी गलती समझ आई। उन्होंने लड़ाई बंद की और मिलकर खाना बांट लिया।
सीख: आपस की लड़ाई में अक्सर तीसरा फायदा उठा लेता है। 🤔💡👍 Rajkumar Malviya
Rajkumar Malviya एक छोटे से गाँव में एक गरीब लकड़हारा रहता था। एक दिन उसकी कुल्हाड़ी नदी में गिर गई। वह बहुत दुखी होकर बैठ गया। तभी एक देवता प्रकट हुए और उन्होंने सोने की कुल्हाड़ी दिखाई—लकड़हारे ने मना कर दिया। फिर चाँदी की दिखाई—उसने फिर मना कर दिया। अंत में उसकी पुरानी लोहे की कुल्हाड़ी दिखाई, तो उसने खुशी से कहा, “यही मेरी है।”
देवता उसकी ईमानदारी से खुश हुए और उसे तीनों कुल्हाड़ियाँ दे दीं।
सीख: ईमानदारी का फल हमेशा मीठा होता है।
शेर और चूहे की कहानी Rajkumar Malviya
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