21/10/2022
तेरा यूँ मुझे छोड़कर जाना ठीक नही,
तेरा यूँ मुझसे रुख मोड़कर जाना ठीक नही,
देखे थे कुछ ख्वाब साथ मे हमने,
उन ख्वाबो को तोड़ कर जाना ठीक नही,
तेरा यूँ मुझे छोड़कर जाना ठीक नही,
हालात तब भी यही थे आज भी बदले नही,
इन हालातो का बहाना बनाना ठीक नही,
जो भी लम्हा साथ गुजारा हमने,
उन लम्हो को यूँ ही भूल जाना ठीक नही,
तेरा यूँ मुझे छोड़कर जाना ठीक नही....
दोष इसमे ना तेरा है ना मेरा कोई,
फिर भी किस्मत को कोसना ठीक नही,
उम्मीद मे हुँ इस, कदम तेरे लौटेगे,
मेरी उम्मीँदो को यूँ तोड़ कर जाना ठीक नही,
तेरा यूँ मुझे छोड़कर जाना ठीक नही,
तेरा यूँ मुझसे रुख मोड़कर जाना ठीक नही...
21/10/2022
P-1
स्त्री का प्यार सबके नसीब में नही होता
वो जीवन में सिर्फ़ एक ही मर्द से
दिल से प्यार कर पाती हैं ,
वो मर्द उसका प्रेमी हो या फिर पति
वो टूट क़र जीवन में एक बार ही
किसी मर्द को चाहती हैं।
स्त्री उस मर्द के कंधे पर अपना सर
रख सुकून से सो पाती हैं
उससे प्यार की दो बाते कर पाती हैं
उससे वो अपने सारे राज बता सकती हैं
उसे बेपनाह प्रेम कर सकती हैं।
और जब स्त्री उस मर्द से
जुदा हो जाती हैं
तो फिर किसी दूसरे मर्द को
उस जैसा प्रेम नही कर पाती ,
उनका जिस्म भले जिसके भी
नसीब में गया हो
लेकिन उनका दिल
उसी मर्द को ताउम्र ढूँढता हैं
जिस मर्द के कंधे पर वो
सर रख सुकून से सोया करती थी।
स्त्री का प्रेम जब छूट जाता है
चाहे पति हो या प्रेमी
स्त्री वोही सकून चाहती है
जो उसे उसका पति या प्रेमी
पहले देता था
स्त्री तन का सुख मगति है
जब उसका पति उसे नहीं देता
फिर वो मजबूर अपने प्रेमी से चाहती है
स्त्री का बदन तन्हाई मे बहुत मचलता है
भोग करने को जब वो
उन 4दिनों से गुजरती है
अगर उसे ना मिले
जीवन दोनों के साथ चलता है
स्त्री का प्रेम जिसे मिला हो,
उसे पूछना प्रेम क़्या होती हैं..!!
ै #प्रेम #हूं..!!
♥️♥️♥️♥️♥️♥️
अगर मेरी स्टोरी आपके दिल को छू गयी हो तो रिक्वेस्ट ज़रूर भेजे
आपका अपना दोस्त Ananat Jay Sawar
09/10/2022
💞 ये जो मोहब्बत है💞
एक लड़का college मे एक लडकीयो के ग्रुप से गलती से टकरा जाता है ।
लड़कियाँ- (गुस्से मे) अबे आंख नहीं है क्या तेरा
देखकर नहीं चल सकता?
लडका- oh..... beautiful.
लडकीया- sorry. हमने आपको बुरा भला कहा,
तारीफ के लिए शुक्रीया ।
लडका-( मुस्कराते हुए ) वैसे तो आप सभी खुबसुरत हो पर मांफ करना मैं इनकी तारीफ कर रहा था ।
लडकीया- अबे तू अन्धा है क्या? दिखता नहीं ये बुरके मे है? और तुझे परदे के पिछे की तश्बीर नजर आ ग्ई?
लड़का - क्या कीसी की तारीफ करना गुनाह है क्या?
लडकीया - बेवजह किसी की तारीफ नहीं करते ।
लडका-पर मेरे पास तो वजह है।
मैं एक सवाल आप सभी खुबसुरत और गुणी जनो से पूछता हूँ, येदी कीसी व्यक्ति का एक हांथ नहीं है तो उस टूटे हांथ की ताकत कहां जाती है?
लडकीया-दूसरे हांथमें ।
लड़का -धन्यवाद, बिलकुल, इन महोतरमा का चेहरा बुरके से ढका है और सिर्फ आंख ही खुली है और इनकी चेहरे की सारी सुन्दरता इनकी आंखों मे समा ग्ई है।
लडकीया - चल हवा आने दे लफंगे।
लड़का - धन्यवाद एक नये नाम के लिए ।
अगले दिन फिर college मे खुद लड़कीयां उस लड़के को ढूँढती है । और वह उन्हें दिखाई देता है ।
लडकीया-अबे मजनू की औलाद इधर आना जरा।
कल तो तू बड़ी डायलाग बाजी कर रहा था आज नहीं करेगा ।
लड़का - लगता है मेरी बातें आप सबको बेहद अच्छी लगी, काश हम भी अच्छे लगते ।
लडकीया - तुझे किसने ये कह दिया कि हमें तेरी बातें अच्छी लगी हाँ?
लड़का -आप सबने तो अभी कहा ।
लडकीया -कब और कैसे?
लड़का-कल इतनी बड़ी बात भी नहीं हुई थी फिर भी आज आप लोगों ने मुझे ढूँढकर बुलाया ।
दूसरी कल आप सबने मुझे लफंगा कहा और आज मजनू कहा । दुनिया में ऐसा मैं पहला व्यक्ति हूँगा जिसे 24 घंटे के अन्दर ही प्रोमोशन मिल गया ।
लडकीया- कौन सा प्रोमोशन?
लडका -कल लफंगा आज मजनू 😂
लडकीया-तेरा नाम क्या है ।
लड़का -आप सब ही नाम भी रखते हो और जल्दी भूल भी जाती हो ये बिमारी के लक्षण हैं 😂
लडकीया -ज्यादा भाषण न दे चल फटाफट अपना असली नाम बता?
लड़का -पर मेरी एक शर्त है मन्जूर हो तो बोलो अभी नाम बक देता हूँ ।
लडकीया-कौन सी शर्त?
नाम तो बता दूंगा क्योंकि कोई खास नाम नहीं है मेरा पर येदी ये महोतरमा जी अपने खुबसुरत होंठों से पूछेगी तो मेरा नाम अपने आप खास भी हो जाएगा और आप सबको भी पता चल जायेगा ।
लडकीया - हमने पूछा और इसने पूछा एक ही बात है क्योंकि हम दोस्त है ।
लड़का - ठीक है पर मेरे नाम पे इतनी दिलचस्पी क्यों है आप सबको ?
बुरके वाली - किसी को कोई दिलचस्पी नहीं है आपके नाम जानने की,,,, चलो दोस्तों ।
लड़का - ये हुई ना बात । जुबान खोलो तो इस तरह की सामने वाला घायल हो जाये । लोग मुझे दिपक कहते हैं
लडकीया - ये कैसा नाम हुआ दिपक ।
लड़का -हाँ जीस दिन जिन्दगी अन्धेरी होगी उस दिन दिपक का महत्व पता चलेगा अभी तो रोशनी में दिपक को समझना मुश्किल है।
बुरके वाली - अन्धेरा होने से भी आपकी जरूरत नहीं पड़ेगी ।
लड़का -खुदा करे की आपकी जिंदगी कभी अन्धेरी न हो।
बुरके वाली - दुआ मांग रहे हैं या बददुआ।
लड़का -आपको जो सोचना है सोचो। बस खुदा और मैं ही जानते हैं कि ये दुआ ही थी या कूछ और ।
लडकीया - ये हिरो, ये तुमसे बात कर लिया तो ये न समझना की ये तुझे पशंद करती है क्योंकि ये बुक हो चुकी है।
लड़का - कितनी अजीब बात है आप सब लड़की होकर भी टोपोरी जैसी बातें करते हो।लड़की होना भी सौभाग्य की बात है क्योंकि एक बहन और एक माँ भी एक लड़की ही होती है ।भले वह पराई धन होती है पर वह बेटों से ज्यादा प्यार पाती है । माँ बाप कभी भी अपने बेटे को बेटी या परी बोलकर नहीं बुलाते पर बेटीयो को बेटा या परी कहकर भी बुलाया जाता है ।
कहते है की मां की शिक्षा सौ स्कूलों के बराबर होती है पर जब आप लोग भी शादी के बन्धन में बंधकर माँ बनोगी तो क्या येही शिक्षा दोगी? रही बात इनके या मेरे पशंद की बात, ये तो कल एक एक्सीडेन्ट था। पर जो तारीफ निकला वह सही था । बात तो आप लोगों ने आगे बढ़ाई थी। अब रही इनके बुक होने की बात तो बस इतना ही कहेंगे की आपकी नई जिन्दगी खुशियों से भरी रहे । अब आप सभी से माफी चाहते है की जो हुआ उसके लिए मैं दिल से शर्मिन्दा हूँ । इतना कहके लड़का चला जाता है ।
बुरके वाली -पता है दिपक जाते जाते हमारी ऐहमीयेत बता गया । गलती उसकी नहीं हमारी थी हम उसका टांग खिंच रहे थे और हम खुद ही गीर गये। फिर ये बुक की बात क्यों की?
लडकीया - अरे हम तो उस लफंगा से तेरा पीछा छुड़ाने के लिए झूठ कहा ।
बुरके वाली - पिछा तो हम कर रहे हैं उस बेचारे का।
लडकीया -वाह मेडम को बेचारे से हमदर्दी हो गई है
बुरके वाली - मुझे उससे कोई हमदर्दी नहीं है वह तो हमें हराकर चला गया और हमदर्दी की जरूरत हमेशा पराजित इंसानों को होती है ।
दूसरे रोज दिपक college नहीं आता क्योंकि उसकी माँ बिमार हो गई थी।
इधर college में सब अपनी मस्ती में है पर एक नजर बार बार दिपक को तलाश रही है ।
लडकीया -चांदनी(बुरके वाली का नाम) तू कहती है हम गलत थे पर शर्मिन्दा दिपक हो गया आज वह शर्म से आया नहीं ।
चाँदनी -ये खामोशी मुझे लगता है ये बहुत बड़े तूफान के आने का इंतजार कर रहा है ।
लडकीया -क्या मतलब?
चाँदनी- कूछ नहीं ।
शाम को college छुट्टी के बाद चाँदनी और उसकी माँ मार्केट शापींग करने जाती है तो वापसी पे गाड़ी खराब हो जाती है । तो चाँदनी की मां एक रिक्से वाले को अवाज देती है सर पे गमछा शरीर पे एक बनीयान हट्टा ध कट्टा नौजवान रिक्सा लेके आता है ।
चाँदनी दिपक को पहचान जाती है इसलिए मुँह दूसरी ओर कर लेती है ताकि दिपक उसे पहचान न सके।
चाँदनी की माँ अपने घर का पता बताकर पूछती है
चलेगा?
दिपक -क्यों नहीं ।
चाँदनी की मां -कितना किराया?
दिपक -आपको जो बनता है दे देना ।
चाँदनी और उसकी माँ रिक्से में बैठ जाते हैं रिक्शा चलो पड़ता है इधर चाँदनी के दिल में हजारों सवाल एक साथ खड़े हो जाते हैं ।
"""बाकी अगले पोस्ट मे """"
🙏🙏
30/08/2022
आप सभी को चौरचन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई 🙏🙏 चौरचन पावन की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🙏
01/08/2022
*🚩 जय श्री महाँकाल 🚩*
श्रावण सोमवार की शुभकामनाए, महाकाल बाबा की कृपा आप सभी पर बरसती रहे।🙏🏼😊
*🙏🏻जय महादेव🙏🏻*
*🙏🏻सुप्रभात🙏🏻*