14/05/2026
*आज का युवा और भटकती दिशा* — एक चिंतन
आज का युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति माना जाता है। युवा ऊर्जा, साहस, नए विचार और परिवर्तन का प्रतीक होता है। किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसके युवाओं पर निर्भर करता है। लेकिन वर्तमान समय में यह चिंता का विषय बनता जा रहा है कि अनेक युवा नशे, लड़ाई-झगड़ों, हिंसा और दंगों जैसी गलत गतिविधियों में तेजी से शामिल हो रहे हैं। उन्हें न अपने भविष्य की चिंता दिखाई देती है और न ही इन कार्यों से होने वाले नुकसान का एहसास।
नशा आज युवाओं के जीवन को भीतर से खोखला कर रहा है। कई युवा दिखावे, गलत संगति, सोशल मीडिया के प्रभाव या तनाव के कारण नशे की ओर आकर्षित हो जाते हैं। शुरुआत शौक से होती है, लेकिन धीरे-धीरे वही आदत उनके जीवन को बर्बादी की ओर ले जाती है। नशा केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि सोचने-समझने की क्षमता और परिवार की खुशियों को भी नष्ट कर देता है।
इसी प्रकार छोटी-छोटी बातों पर लड़ाई, गाली-गलौज और हिंसा की घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं। कुछ युवा अपनी ताकत और गुस्से को गलत दिशा में उपयोग कर रहे हैं। कई बार राजनीतिक या सामाजिक भड़कावे में आकर युवा दंगों और अशांति का हिस्सा बन जाते हैं। उस समय वे यह नहीं सोचते कि इससे समाज, देश और स्वयं उनके भविष्य पर कितना बुरा प्रभाव पड़ता है।
इसके पीछे कई कारण हैं — परिवार में संस्कारों की कमी, बेरोजगारी, गलत मित्र मंडली, मोबाइल और सोशल मीडिया का गलत उपयोग, तथा जीवन में सही मार्गदर्शन का अभाव। आज युवा जल्दी सफलता चाहते हैं, लेकिन मेहनत और धैर्य से दूर भागते हैं। यही अधीरता उन्हें गलत रास्तों की ओर ले जाती है।
आवश्यकता इस बात की है कि युवाओं को सही शिक्षा, अच्छे संस्कार और सकारात्मक वातावरण मिले। माता-पिता को बच्चों के साथ समय बिताना चाहिए और उनकी समस्याओं को समझना चाहिए। स्कूलों और समाज को भी युवाओं को खेल, शिक्षा, कला और सामाजिक कार्यों की ओर प्रेरित करना चाहिए। यदि युवा अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाएंगे, तो वे देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
अंततः कहा जा सकता है कि युवा किसी भी राष्ट्र की आशा होते हैं। यदि वे नशा और हिंसा छोड़कर अपने लक्ष्य, शिक्षा और समाज सेवा की ओर ध्यान दें, तो देश का भविष्य उज्ज्वल बन सकता है। युवाओं को यह समझना होगा कि आज का उनका निर्णय ही उनके कल का निर्माण करता है।
24/03/2026
*रणजीतपुरा उप-तहसील में एक बार फिर से कैप्टन श्रेयांश स्कूल ने रचा इतिहास*
*बिना हाॅस्टल के उपखण्ड में सर्वश्रेष्ठ परिणाम*
*राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित माध्यमिक परीक्षा 2026 में कैप्टन श्रेयांश मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रणजीतपुरा के बच्चों ने शानदार परीक्षा परिणाम देकर रणजीतपुरा उप-तहसील,कस्बे, विद्यालय, और अभिभावको का नाम रोशन किया और इतिहास के पन्नों पर स्वर्णिम अक्षरों में अपना नाम दर्ज करवाया✌🏻✌🏻🥇🥇🥇🌹*
*मोहित पुत्र श्री नरेंद्र :– 93%*
*लक्ष्मण पुत्र श्री रुघाराम :– 92. 17%*
*मनीषा पुत्री श्री भोमाराम :– 89%*
*सपना पुत्री श्री अर्जुनराम:– 84.17%*
*रिछपाल पुत्र श्री हड़मान राम:–83%*
*ममता पुत्री श्री सत्यप्रकाश:– 82%*
*रमणदीप कौर पुत्री श्री कलवंत सिंह:– 82%*
*रोहिताश पुत्र श्री देवीलाल:– 81%*
*रौनक पुत्री श्री भोजराज:– 81%*
*कर्णपाल सिंह पुत्र श्री महेंद्र सिंह:– 81%*
*आयुष पुत्र श्री रामकुमार:– 80.17%*
*पुनमचंद पुत्र श्री हेतराम :– 80%*
*सजना पुत्री श्री ओमप्रकाश:– 79%*
*आईना पुत्री श्री महेंद्र:– 79%*
*आदेश पुत्र श्री लालचंद :– 78%*
*दुर्गा पुत्री श्री दौलतरा :–75%*
*पूजा पुत्री श्री कुम्भाराम :– 74. 33%*
*पूजा पुत्र श्री मदन गोपाल :–74%*
*नवरतन पुत्र श्री जगदीश :– 73%*
*खुशबु पुत्री श्री श्रवण साहु:– 73%*
*दिक्षा पुत्री श्री श्रवण कुमार:– 73%*
*खुशबू पुत्री श्री पूनाराम:– 70%*
*संगीता पुत्री श्री भागीरथ : 67.50%*
*मनोज पुत्र श्री बाबूलाल :–67%*
*श्रीराम पुत्र श्री सूरजाराम:–66%*
*अनिल पुत्र श्री राजाराम:– 66%*
*धीरज पुत्र श्री ओमप्रकाश:- 65.17%*
*राकेश पुत्र श्री हरिराम :– 65%*
*चंदा पुत्री श्री कैलाश :- 65%*
*बलदेव पुत्र श्री शंकरलाल :- 65%*
*अभिषेक पुत्र श्री श्याम:- सुन्दर :- 64%*
*विकास पुत्र श्री कोजाराम:- 63%*
*सरिता पुत्री श्री हरिराम:- 62.50%*
*नरेश पुत्र श्री किशनाराम:- 62.50%*
*ममता पुत्री श्री धर्मपाल:- 61%*
*भवानीशंकर पुत्र श्री ओमप्रकाश:- 61%*
*सागर पुत्र श्री भागीरथ:- 60%*
*इसे बोलते है रिजल्ट ✌🏻✌🏻✌🏻✌🏻✌🏻✌🏻✌🏻 रणजीतपुरा में एक बार फिर से 100 प्रतिशत रिजल्ट आने पर सभी बच्चो अभिभावकों, और ग्रामवासियों को बहुत बहुत बधाई और ढेरों शुभकामनाएं 🌹🌹🥇🥇🥇🥇🙏🏻🙏🏻*
*यह है आपके सभी लाड़लों का परिणाम*
12/02/2026
कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा के शुभारंभ पर संदेश
प्रिय विद्यार्थियों,
आज से आपकी बोर्ड परीक्षाएँ प्रारम्भ हो रही हैं। यह समय आपके पूरे वर्ष की मेहनत, अनुशासन और लगन को सिद्ध करने का अवसर है। परीक्षा को डर या तनाव के रूप में नहीं, बल्कि अपने ज्ञान और आत्मविश्वास को प्रदर्शित करने के सुनहरे अवसर के रूप में देखें।
आपने जो भी तैयारी की है, उस पर पूरा विश्वास रखें। प्रश्न पत्र को ध्यानपूर्वक पढ़ें, समय का सही प्रबंधन करें और शांत मन से उत्तर लिखें। याद रखें — धैर्य, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी हैं।
आप सभी के उज्ज्वल भविष्य और श्रेष्ठ परिणामों के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ।
मेहनत पर विश्वास रखें, सफलता निश्चित है।
सादर शुभकामनाएँ सहित,
अनिल शर्मा
कैप्टन श्रेयांश मेमोरियल स्कूल, रणजीतपुरा
09/01/2026
राष्ट्रीय युवा दिवस और स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष में 11 जनवरी को होने वाले रक्तदान शिविर के लिए मैं सभी युवाओं और आम जनता से अपील करता हूं कि वे बढ़-चढ़कर इस शिविर में भाग लें और रक्तदान करें।
*"रक्तदान महादान है, इसमें शामिल होकर आप किसी की जिंदगी बचा सकते हैं।"*
स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों और उनके युवाओं के प्रति योगदान को श्रद्धांजलि देने के लिए यह एक अच्छा अवसर है। आइए, हम सभी इस रक्तदान शिविर में भाग लेकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं और किसी की जिंदगी बचाने में अपना योगदान दें।
*कब:* 11 जनवरी
*कहाँ:* [स्थल का नाम सीनियर सेकेंडरी स्कूल राववाला]
*समय:* [समय प्रातः10:30से 2 दोपहर बजे]
आप सभी से अनुरोध है कि इस शिविर में शामिल हों और रक्तदान करके किसी की जिंदगी बचाने में मदद करें।
*आइए, हम सब मिलकर रक्तदान शिविर में भाग लें और समाज के लिए कुछ अच्छा करें!*
07/01/2026
कैप्टन श्रेयांश कुमार गांधी, एस.एम.
(1976–2003)
“सरलता का सजीव उदाहरण, किंतु चेतवोडियन आदर्श के प्रति पूर्णतः सच्चे।
इस अधिकारी ने ऑपरेशन पराक्रम के दौरान खानों (माइंस) की बरामदगी करते हुए
07 जनवरी 2003 को अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
भारतीय सैन्य परंपरा के अनुरूप, यह अधिकारी
अपने व्यक्तिगत सुरक्षा और आराम की पूरी तरह उपेक्षा करते हुए
हमेशा और हर समय मोर्चे से अपने सैनिकों का नेतृत्व करता रहा।”
Vipul Gandhi
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