15/06/2022
अग्निपथ रिक्रूटमेंट योजना की खास बातें-
1. सेना में भर्ती मात्र चार साल के लिए होगी.
2. चार साल वाले सैनिकों को अग्निवीर नाम दिया जाएगा.
3. चार साल बाद सैनिकों की सेवाओं की समीक्षा की जाएगी. समीक्षा के बाद कुछ सैनिकों की सेवाएं आगे बढ़ाए जा सकती हैं. बाकी को रिटायर कर दिया जाएगा.
4. चार साल की नौकरी में छह-नौ महीने की ट्रेनिंग भी शामिल होगी.
5. रिटायरमेंट के बाद पेंशन नहीं मिलेगी बल्कि एक मुश्त राशि दी जाएगी.
6. अग्निपथ मॉडल के तहत सेना में (PBOR) रैंक से नीचे के अधिकारियों की भर्ती की जाएगी। अधिकारियों ने जानकारी दी है कि 4 साल की सेवा में 6 महीने की ट्रेनिंग अवधि भी शामिल है। अग्निपथ के जरिए सेना का हिस्सा बने सैनिकों को प्रति माह 30 हजार से 40 हजार रुपये तक सैलरी मिलेगी। साथ ही इन्हें 48 लाख रुपये का इंश्योरेंस मिलेगा। अधिकारियों ने बताया कि सैनिकों को 'अग्निवीर स्किल सर्टिफिकेट' भी मिलेगा, जो उन्हें सेना की सेवा के बाद अन्य नौकरी हासिल करने में मदद करेगा।
7. खास बात ये होगी कि अब सेना की रेजीमेंट्स में जाति, धर्म और क्षेत्र के हिसाब से भर्ती नहीं होगी बल्कि देशवासी के तौर पर होगी. यानि कोई भी जाति, धर्म और क्षेत्र का युवा किसी भी रेजीमेंट के लिए आवेदन कर सकेगा. दरअसल, सेना में इंफेंट्री रेजीमेंट अंग्रेजों के समय से बनी हुई हैं जैसे सिख, जाट, राजपूत, गोरखा, डोगरा, कुमाऊं, गढ़वाल, बिहार, नागा, राजपूताना-राईफल्स (राजरिफ), जम्मू-कश्मीर लाइट इंफेंट्री (जैकलाई), जम्मू-कश्मीर राईफल्स (जैकरिफ) इत्यादि. ये सभी रेजीमेंट जाति, वर्ग, धर्म और क्षेत्र के आधार पर तैयार की जाती हैं. आजादी के मात्र एक ऐसी, द गार्ड्स रेजीमेंट ऐसी है जो ऑल इंडिया ऑल क्लास के आधार पर खड़ी की गई थी. लेकिन अब अग्निवीर योजना में माना जा रहा है कि सेना की सभी रेजीमेंट ऑल इंडिया ऑल क्लास पर आधारित होंगी. यानि देश का कोई भी नौजवान किसी भी रेजीमेंट के लिए आवेदन कर सकेगा. आजादी के बाद से रक्षा क्षेत्र में ये एक बड़ा डिफेंस रिफोर्म माना जा रहा है.
8. योजना को हरी झंडी मिलने के बाद साल अगस्त के महीने से रिक्रूटमेंट रैलिया शुरु हो जाएंगी और सेना (थलसेना, नौसेना और वायुसेना) में भर्तियां शुरु हो जाएंगी
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