20/11/2025
इस्लाम में खाने के आदाब (हदीस की रौशनी में)
“इस्लाम एक मुकम्मल ज़िंदगी का निज़ाम है—यहाँ तक कि खाने के भी आदाब सिखाए गए हैं।
सुन्नत के तरीके अपनाकर हर निवाला इबादत बन सकता है।
खाना शुरू बिस्मिल्लाह से… और खत्म अल्हम्दुलिल्लाह से!”
1. खाना शुरू करने से पहले “बिस्मिल्लाह” पढ़ना
रसूल ﷺ ने फ़रमाया:
“जब तुम में से कोई खाना खाए, तो बिस्मिल्लाह कहे। अगर शुरू में भूल जाए तो कहे:
بِسْمِ اللَّهِ أَوَّلَهُ وَآخِرَهُ”
(तिर्मिज़ी)
2. दाहिने हाथ से खाना
नबी ﷺ का फ़रमान:
“दाहिने हाथ से खाओ और दाहिने हाथ से पियो।”
(सहीह मुस्लिम)
3. अपने सामने की चीज़ से खाना
रसूल ﷺ ने फ़रमाया:
“बच्चे! अल्लाह का नाम लो, दाहिने हाथ से खाओ और अपने सामने से खाओ।”
(सहीह बुखारी)
4. खाने में सादगी और नफ़ासत
नबी ﷺ ने फ़रमाया:
“आदम की औलाद सिर्फ़ कुछ निवालों पर क़ायम रह सकती है… पेट का एक तिहाई खाना, एक तिहाई पानी और एक तिहाई साँस के लिए होना चाहिए।”
(तिर्मिज़ी)
5. खाने में बेकार की बातों से बचना
खाने के वक़्त शांति और शुक्र के साथ खाना सुन्नत है।
6. दो लोगों का खाना तीन के लिए और तीन लोगों का खाना चार के लिए काफ़ी है
रसूल ﷺ ने फ़रमाया:
“दो लोगों का खाना तीन के लिए काफी है और तीन लोगों का खाना चार के लिए काफी है।”
(सहीह बुखारी)
7. खाना खत्म होने के बाद अल्हम्दुलिल्लाह कहना
नबी ﷺ ने फ़रमाया:
“जो व्यक्ति खाना खाकर कहे:
الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَطْعَمَنِي هَذَا
अल्लाह उसके पिछले गुनाह माफ़ कर देता है।”
(तिर्मिज़ी)
8. खाने में नफ़ासत और शुक्रगुज़ारी
इस्लाम में खाने को गिराना, बर्बाद करना या उसके बारे में शिकायत करना मना है।
खाना मिले तो अल्लाह का शुक्र अदा करना सुन्नत है।
दोस्तों आपको मेरी जानकारी पसन्द आई हो तो आप मुझे Please 🥺 Like comment Share follow अवश्य करें धन्यवाद जी आप सभी को