29/05/2026
भक्ति रूपी मणि सोने की रक्षा के लिए एक मजबूत तिजोरी और अलमारी चाहिए और वो है
"सदा सत्संग"
Sadguru Shri Riteshwar Ji
जीवन का उद्देश्य है आनंद की प्राप्ति।
आनंदित रहो और दूसरों को आनंद देने का कारण बनो।
29/05/2026
भक्ति रूपी मणि सोने की रक्षा के लिए एक मजबूत तिजोरी और अलमारी चाहिए और वो है
"सदा सत्संग"
Sadguru Shri Riteshwar Ji
मनुष्य के भीतर सूक्ष्म अहंकार तब आता है जब वो सोचता है मैं संसार के लिए ,सनातन के लिए कुछ कर रहा हूँ l जबकि सनातन का अर्थ अपनी संतान की सेवा करना अर्थात अपनी संतानो को संस्कार देना है ,उन्हें सुरक्षित रखना है l अब बताओ इसमें अहंकार कहाँ आएगा इसलिए शब्द के मर्म को समझिये ,ज्ञानवान होइए तब आपके भीतर में जो काम क्रोध मद ( अहंकार ) ,मोह और लोभ है वो आपके अंडर अर्थात आपके अधीन होगा अन्यथा ये वृत्तियाँ आपको गुलाम बनाकर आपका सर्वनाश कर देंगी l
😊😊😊
सीताराम सीताराम सीताराम कहिये l
जेहि विधि राखे राम तेहि विधि रहिये ll
😊😊😊
गुरुदेव के दर्शन कर उनको निहारते रह गये भक्त...
Sadguru Shri Riteshwar Ji
#दर्शन #गुरू
27/05/2026
🌸 पवित्र पद्मिनी एकादशी के शुभ अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ।
भगवान श्री विष्णु की कृपा आप और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे। यह पावन व्रत आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति लेकर आए।
॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥
Sadguru Shri Riteshwar Ji
गायक ब्रजवासी का गुरदेव के प्रति सुन्दर भाव....
Sadguru Shri Riteshwar Ji
#प्रेम
Live
हमे जीवन में धर्म, सत्य के मार्ग पे चलना और बच्चों को भी इसकी शिक्षा देना चाहिए तभी हमारे परिवार, समाज और देश का कल्याण होगा और हम आनंदित जीवन जी पाएंगे।
Sadguru Shri Riteshwar Ji
#जीवन
ji की गुरुदेव से दिसंबर 2025 में हुई भेंट केवल एक सामान्य मुलाकात नहीं थी, बल्कि वह एक आध्यात्मिक प्रेरणा का क्षण बन गई।
गुरुदेव के आशीर्वाद और मार्गदर्शन के बाद उनके कार्यों में एक नई गति और धर्मभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा।
पहले जहाँ विकास और प्रशासन उनके कार्यों की पहचान थे, वहीं अब संस्कृति, सनातन और धार्मिक चेतना का स्वर भी प्रबल होने लगा है।
संतों का संग व्यक्ति के भीतर सेवा और राष्ट्रधर्म की भावना को जागृत करता है।
जब सत्ता संतों के चरणों तक पहुँचती है, तब निर्णयों में केवल राजनीति नहीं, लोककल्याण और संस्कार भी दिखाई देते हैं।
भारतीय परंपरा में सदैव संतों ने राजसत्ता को धर्म और मर्यादा का मार्ग दिखाया है।
ji की गुरुदेव से दिसंबर 2025 में हुई भेंट केवल एक सामान्य मुलाकात नहीं थी, बल्कि वह एक आध्यात्मिक प्रेरणा का क्षण बन गई।
गुरुदेव के आशीर्वाद और मार्गदर्शन के बाद उनके कार्यों में एक नई गति और धर्मभाव स्पष्ट रूप से �
23/05/2026
श्री आनंदम गुरुकुलम, वृन्दावन
प्रवेश प्रारंभ
Sadguru Shri Riteshwar Ji
मोहे लागी लगन गुरु चरणन की हो गुरु चरणन की....
सुंदर भजन by Shivjee Choudhary