14/05/2025
परीक्षा का समय नजदीक होने पर हाल ही में हमारे संस्थान में प्रशिक्षकों की एक सयुक्त बैठक आयोजित की गई। यह बैठक सहायक निदेशक महोदय श्री सुन्दरलाल चेतिवाल जी की अध्यक्षता में हुई जिसमें सभी विषयों के प्रशिक्षक उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य प्रशिशुओं की पढ़ाई की प्रगति अनुशासन और परीक्षा की तैयारी पर चर्चा करना था। प्रशिक्षकों ने अपने अपने अनुभव साझा किए और प्रशिशुओं की समस्याओं को समझने के लिए विभिन्न उपायों पर विचार किया गया। साथ ही आगामी परीक्षा के लिए टाइम टेबल और साप्ताहिक जाँच पाठ्यक्रम की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई। बैठक का माहौल सकारात्मक और सहयोगात्मक था। अंत में प्राचार्य महोदय ने सभी प्रशिक्षकों को प्रशिशुओं की बेहतरी के लिए मिलकर कार्य करने की प्रेरणा दी। यह बैठक बहुत ही सफल और उपयोगी रही।
14/04/2025
डॉ. अंबेडकर जी का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्यप्रदेश के महू नामक स्थान पर एक दलित परिवार में हुआ था। बचपन में ही उन्हें जातिगत भेदभाव और सामाजिक तिरस्कार का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। शिक्षा को अपना हथियार बनाते हुए उन्होंने देश-विदेश में पढ़ाई की और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।
उन्होंने समाज में व्याप्त अस्पृश्यता, जातिवाद और असमानता के खिलाफ आवाज़ उठाई। डॉ. अंबेडकर भारतीय संविधान के प्रमुख रचनाकार थे। उन्होंने ऐसा संविधान तैयार किया जो प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार देता है। वे महिलाओं के अधिकारों, श्रमिकों की सुरक्षा और शिक्षा के प्रबल समर्थक थे। उस युग के फेमिनिस्ट कहे जा सकते हैं, क्योंकि उन्होंने महिलाओं के अधिकारों के लिए भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने ‘बहिष्कृत हितकारिणी सभा’ जैसी संस्थाएं बनाईं, जो दलितों के उत्थान के लिए काम करती थीं। 1956 में उन्होंने बौद्ध धर्म स्वीकार किया और करोड़ों लोगों को समानता का मार्ग दिखाया। आज जिस हिंदू कोड बिल की बात होती है, उसका श्रेय डॉ. अंबेडकर जी को ही जाता है। उन्हें भारतीय संविधान के जनक के रूप में जाना जाता है और भारतीय लोकतंत्र में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। बाबासाहेब का जीवन संघर्ष, साहस और सामाजिक न्याय की मिसाल है। उनके विचार आज भी हमें समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व की प्रेरणा देते हैं।
11/04/2025
आज छात्रों को एआई. से रूबरू करवाया जिससे वह अपने रोजमरा के काम में एआई. का उपयोग ले सके और काम को आसानी के साथ कर सकें। एआई. दैनिक जीवन के कई पहलुओं को सशक्त बनाता है जैसे कि वर्चुअल असिस्टेंट और नेविगेशन ऐप से लेकर सोशल मीडिया एल्गोरिदम और ई.कॉमर्स अनुशंसाओं को , जिससे दक्षता निजीकरण कि सुविधा बढ़ती है ।
सिरीए एलेक्सा और गूगल असिस्टेंट जैसे एआई.संचालित वर्चुअल असिस्टेंट वॉयस कमांड समझते हैं सवालों के जवाब देते हैं और स्मार्ट होम डिवाइस को नियंत्रित करते हैं।एआई एल्गोरिदम समाचार फ़ीड को वैयक्तिकृत करते हैं और उपयोगकर्ता की प्राथमिकताओं के आधार पर सामग्री का सुझाव देते हैं।
01/04/2025
राजस्थान के इतिहास में 30 मार्च की तारीख खास महत्व रखती है। इस दिन साल 1949 को चार रियासतों का एकीकरण हुआ। इनके नाम जोधपुर, जयपुर, बीकानेर और जैसलमेर थे। इनको संयुक्त राज्य राजस्थान में मिलाया गया और अब नए बने हिस्से को राजस्थान कहा गया।
01/04/2025
राजस्थान सरकार ने "फिट राजस्थान" नामक एक अभियान शुरू किया , जिसके तहत लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.जिसमें हमारी आई.टी.आई के सभी छात्रों ने बड़ चड़कर अपना योगदान दिया।
13/03/2025
मिठाइयों का हो ओवर फ्लो, मस्ती हो कभी न लो
रंग और गुलाल का सुरूर छाया रहे, पॉकेट में भरी माया रहे
गुड़ लक की हो बौछार, आया होली का त्यौहार
हैप्पी होली !
04/03/2025
डॉ. कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को हुआ था। वह देशे के 11वें राष्ट्रपति थे, जिन्हें दुनिया मिसाइल मैन के नाम से भी पहचानती है। उनकी शख्सियत ऐसी थी कि वह तमाम नौजवानों के जिंदगी में बदलाव की वजह बने। आज भी उनके विचार प्रासंगिक हैं और बहुत से लोगों में जीने का जोश भरते हैं। ऐसे ही 10 मोटिवेशनल कोट्स हम आपके लिए लेकर आए हैं।
1. आपका सपना सच हो, इससे पहले आपको सपना देखना होगा।
2. श्रेष्ठता एक सतत प्रक्रिया है, कोई हादसा नहीं।
3. छोटा लक्ष्य अपराध है, लक्ष्य बड़ा रखें।
4. जीवन एक मुश्किल खेल है। आप इंसान होने के अपने जन्मजात अधिकार को बरक़रार रखते हुए ही इसे जीत सकते है।
5. यदि आप सूरज की तरह चमकना चाहते हैं, तो पहले सूरज की तरह जलें।
6. जो लोग मन से काम नहीं कर सकते, उन्हें जो सफलता मिलती है वो खोखली और आधी-अधूरी होती है जिससे आसपास कड़वाहट फैलती है।
7. इंसान को मुश्किलों की जरूरत पड़ती है क्योंकि सफलता का आनंद उठाने के लिए ये मुश्किल बहुत जरूरी हैं।
8. आसमान की तरफ देखिए। हम अकेले नहीं हैं। पूरा ब्रह्मांड हमारा दोस्त है और वो उन्हीं को सबसे सर्वोत्तम देता है जो सपने देखते हैं, मेहनत करते हैं।
9. अपनी पहली जीत के बाद आराम न करें क्योंकि अगर आप दूसरी बार असफल हो गए तो और भी होंठ यह कहने के लिए इंतज़ार कर रहे होंगे कि आपकी पहली जीत सिर्फ किस्मत थी।
10. आविष्कार करने का साहस दिखाएं, अंजाने रास्तों का सफ़र करें, असंभव लगने वाली चीजों को खोजें और समस्याओं पर विजय पाते हुए सफलता हासिल करें।