25/08/2020
https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSep7MOFolO45B5L-83Dtml3RSQEcILVwEoJEfyVSHIy0XOrEA/viewform
LIS 4 ALL is a small step forwarded for development of LIS Education and Profession in less privileged States and People of India. it will promote causes.
25/08/2020
https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSep7MOFolO45B5L-83Dtml3RSQEcILVwEoJEfyVSHIy0XOrEA/viewform
The Second Opinion:-
अभी फिर से करीबन 4 घंटे बाद, दुबारा पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान (Library & Information Science -LIS) के उसी वेबसाईट पर 10 प्रश्नों के एक दूसरे टेस्ट सीरीज को हल किया तो Score रहा 7/10 यानी 10 में से 7 प्रश्न सही| It means 70%. Not Bad, Indeed!
दूसरी बात जो पहली टेस्ट सीरीज थी जिसमे 3/10 का स्कोर था .... उसको ही जब दुबारा रिफ्रेश करके हल किया तो स्कोर रहा 10/10. यानी 100%. इससे इस बात की पुष्टि हो गयी की एक बार जो चीज पढ़ा उसको याद रखने की क्षमता - Carrying Capacity बेहतर है| और संभवत: ये सब पर समान रूप से लागू होती है|
अब जो विश्लेष्ण (Analysis) है वो ये है की किसी परीक्षा में आपके प्रदर्शन /स्कोर का संबंध अभ्यर्थी के वय से सम्बंधित नहीं है| बल्कि ये इस बात पे निर्भर है की पूछे हुए प्रश्न आपके उपलब्ध ज्ञान के दायरे में आते हैं या नहीं| मतलब आप कितने तैयार या सचेत हैं| इसके अलावा बहुत सारे सवालों के सही जवाब हम अपनी चेतना का सकारात्मक उपयोग करके कर ले जाते हैं | इसमे आपका Common Sense, Presence of Mind, Time Sense, Tricks, Absolute Guessing, Problem analysis pattern, Control on heart beat and anger as well as anxiety इत्यादि शामिल है|
ये बातें न सिर्फ पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के विधा पे लागू होती है बल्कि लगभग सभी विधाओं पे लागू होती है फिर चाहे वो अकादमिक परीक्षा हो या फिर प्र्तिस्पर्धात्मक परीक्षा !
आपको अपनी प्राथमिकता का स्पष्ट समझ होनी चाहिए! आप अपने उपलब्ध समय का कहा, कितना, क्यों, कैसे उपयोग कर रहे हैं ये मायने रखता है|
बाकी आप जानते हैं .... मन के हारे हार है ... मन के जीते जीत!
So, At Last .... Always strive for your best! Carry on guys!
चलो इसी बहाने मेरे फेसबुक पेज के लिए एक पोस्ट भी तैयार हो गया! काफी दिनों से कुछ नहीं लिखा था उसके लिए !
😊
मुझे तुम्हारे बीते कल से कोई वास्ता नहीं! तुम्हारी असफलतायें भी मुझे सोचने को विवश नहीं करती| मैं सिर्फ तुम्हारी अभी तक समुचित रूप से उपयोग न हुई क्षमताओं को देख रहा हूँ और उससे सृजित होने वाली संभावनाएं मुझे उत्साहित करती हैं!
#तराश
समूह में कार्य (Team Work) तभी कारगर हो सकता है जब अधिकारी और कर्मचारी के बीच सकारात्मक समन्वय स्थापित हो। कर्मचारियों को अपने अनुसार कार्य करने की स्वतंत्रता दी जानी चाहिये...पर्यवेक्षक (Supervisory authority)को कार्य के परिणाम से मतलब रखना चाहिये।तभी कर्मचारी/समूह कार्यकर्ता सकारात्मक व अपेक्षित परिणाम दे पायेंगे। अन्यथा टकराव की स्थिति तो उत्पन्न होगी ही। स्वभाविक है। टकराव से बचना आवश्यक है। परस्पर सकारात्मक संवाद भी उतना ही महत्वपूर्ण है। और कार्यालयीन भाषा का उपयोग ही अपेक्षित है। 🙂
दिनांक 22-08-2017 से 24-08-2017 तक म.रा.स. केंद्रीय पुस्तकालय, म.गा.अं.हि.वि. वर्धा द्वारा वर्तमान सत्र 2017-2018 के विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिये पुस्तकालय अभिविन्यास कार्यक्रम (Library orientation program) का आयोजन किया गया। जिसमें करीबन 70-80 लोगो ने सहभागिता की। इसमे बी.ए., एम.ए., एम.फिल. तथा पी.एच.डी. के विद्यार्थीं एवं शोधार्थी थे। यह एक वार्षिक कार्यक्रम होता है जिसमें पुस्तकालय उपयोक्ताओं को केंद्रीय पुस्तकालय द्वारा उपलब्ध करायी जाने वाली सेवा एवं सुविधायों के साथ इसके नियमों के बारे में अवगत कराया जाता है।
इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में प्रतिदिन 6 घंटे दो अलग अलग सत्रों में निर्धारित थें। इस प्रकार इन तीन दिनों में कुल छ: सत्र आयोजित किये गये।
इस कार्यक्रम में पुस्तकालय उपयोक्ताओं को निम्नलिखित बातों/जानकारियों से अवगत कराया गया:-
1. केंद्रीय पुस्तकालय में उपलब्ध संग्रह के बारे में- जिनमें पाठय पुस्तक, संदर्भ पुस्तक, शोध पत्रिका, सामान्य पत्रिका, समाचार पत्र आदि के बारे में बताया गया।
2. वेबओपेक (WebOPAC- Online Public Access Catalouge) http://10.10.126.225/ के बारे में बताया गया। Library Catalogue को किन किन Key Words से Search करना है, से अवगत करवाया गया। साथ Catalogue को कैसे Browse करना है, इसके बारे में भी बताया गया।
3. केंद्रीय पुस्तकालय में उपलब्ध E-Resources (E-Journals, E-Books, E-Newspapers etc.) से अवगत कराया गया। साथ ही JSTOR, JCCC, Springer, JGATE से भी अवगत कराया गया।
4. केंद्रीय पुस्तकालय द्वारा विकसित किये जा रहे संस्थागत शोध संग्रह(Institutional Repository- IR) http://14.139.120.139:8080/jspui/ के बारे में बताया गया। जिसके माध्यम से छात्र/छात्राएँ पी.एच.डी व एम.फिल के थेसिस और डिजरटेशन को ऑनलाइन अलग अलग कीवर्ड(शोधकर्ता, शोधनिर्देशक, शोध शीर्षक, वर्ष, विषय आदि ) से एक्सेस कर सकते हैं।
5. यदि किसी विद्यार्थीं/शोधार्थी को कोई पुस्तक या शोध पत्रिका मंगाने के लिये सुझाव देना है तो उसके ऑनलाईन/ऑफलाईन प्रक्रिया से अवगत कराया गया।
6. केंद्रीय पुस्तकालय के विभिन्न नियमों व दिशा निर्देशों से अवगत कराया गया और साथ ही पुस्तकालय उपयोकताओं से सकारात्मक सहयोग व सक्रियता की अपेक्षा व्यक्त की गई।
ये तीन दिन का कार्यक्रम मुख्य रूप से क्रियांवित करने के लिये मुझे ही सौपा गया था। मैंने भरसक प्रयास किया की पुस्तकालय उपयोक्ताओं को सारी जरूरी जानकारियों से अवगत कराऊ और उनके इस विषय से संबंधित जिज्ञासाओं को शांत व संतुष्ट करूँ। मुझे लगता है ऐसा करने में मै सफल रहा। हालांकि कुछ प्रशासनिक व प्रबंधकीय स्तर पर समस्याएँ आयी थी... But its okay... all goes... 🙂🙄🤔👍🏍️
#पुस्तकालय #अभिविन्यास #कार्यक्रम
22/05/2017
IoT that is Internet of Things:-
The Internet of things (IoT) is the inter-networking of physical devices, vehicles (also referred to as "connected devices" and "smart devices"), buildings, and other items embedded with electronics, software, sensors, actuators, and network connectivity which enable these objects to collect and exchange data.🙂🙄🤔
https://en.wikipedia.org/wiki/Internet_of_things
Internet of things - Wikipedia In 2013 the Global Standards Initiative on Internet of Things (IoT-GSI) defined the IoT as "a global infrastructure for the information society, enabling advanced services by interconnecting (physical and virtual) things based on existing and evolving interoperable information and communication tech...
Anybody who have list of Indian as well as foreign LIS journal which was recently recommended by UGC, New Delhi.. please share..... if possible... otherwise.. give the link anywhere accessible!