04/10/2025
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🗣️ बुजुर्ग की गुहार :
"बेटा गुजर चुका है कुछ दिन पहले, घर पर मैं ही कमाने वाला हूं… 4 पोतियों का इकलौता सहारा हूं।
मेरी रेहड़ी ही मेरी जिंदगी है, यही सहारा है।
प्रशासन से हाथ जोड़कर निवेदन है कि मेरा चालान न काटें, हमें जीने दें।"
💔 एक ओर बुजुर्ग की मजबूरी, दूसरी ओर रोज़ी-रोटी की लड़ाई…
क्या प्रशासन सुनेगा इस अकेले सहारे की पुकार?