25/05/2023
Jashne-Sheen Kaaf Nizam in QATAR
PLATFORM OF INDIAN LITERATURE
,ART & CULTURE. (भारतीय साहित्य ,कला
25/05/2023
Jashne-Sheen Kaaf Nizam in QATAR
31/12/2020
लम्हा लम्हा डराने वाला है
जाने क्या गुल खिलाने वाला है
जैसे तैसे गुज़ारा है ये साल
फिर नया साल आने वाला है
~शीन काफ़ निज़ाम
नया साल आप सभी को मुबारक |
28/11/2020
29 Nov 2020 शाम 5 बजे मिले ।
14/08/2020
12/08/2020
आप सभी को जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ।
09/08/2020
प्रतिभा वस्तु को सम्प्रेष्य नहीं बनाती,अनुभव को सम्प्रेषित करती है और अनुभव अद्वितीय होना चाहिए।
~अज्ञेय
08/08/2020
हमेंं "पढ़ना" सीखना चाहिए वैसे ही जैसे हमें "देखना" सीखना चाहिए। जीवन जीने की कला यही है|
~विन्सेंट वान गॉग