Mala Agnhotri
give the smile every child
03/26/2025
"शहीद भगत सिंह जी के पोते रविंदर संधू जी द्वारा आयोजित वर्ल्ड रिकॉर्ड कार्यक्रम में शिक्षा वृत्त केंद्र के सदस्य भी गर्व से शामिल हुए। यह सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि देशभक्ति, शिक्षा और जागरूकता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प है। हम सभी के लिए यह अत्यंत गौरव का क्षण है कि हम इतिहास रचने का हिस्सा बने। जय हिंद!"💐🇮🇳
"शहीदों की कुर्बानी, देश की पहचान – नमन उन वीरों को, जिनसे है हिंदुस्तान!"
शिक्षा मित्र केंद्र की ओर से, हम 2025 के शहीद दिवस को प्रकृति के सान्निध्य में और आज़ाद हिंद फ़ौज की अदम्य भावना के साथ समर्पित करते हैं। यह दिन उन वीरों की अमर गाथा को नमन करने का है, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें स्वतंत्रता की रोशनी दी।
आइए, हम उनके सपनों का भारत गढ़ने के लिए शिक्षा और जागरूकता का दीप जलाएं। यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी!
03/10/2025
"8 मार्च: जब महिलाओं ने खुद को पहचाना और बच्चों ने कृतज्ञता जताई"
शिक्षा वृत्त केंद्र में इस महिला दिवस पर कुछ खास हुआ—कुछ ऐसा, जिसने कई दिलों को छू लिया। बच्चों ने अपने मन की बात कही, अपनी माताओं और शिक्षिकाओं के प्रेम और समर्पण के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। उनके शब्दों में सिर्फ कृतज्ञता नहीं थी, बल्कि वह अहसास भी था कि कैसे ये महिलाएं हर मुश्किल में उनका सहारा बनीं। लेकिन इस दिन की असली रोशनी तब फैली जब कई महिलाओं ने जाना कि उनके लिए भी एक विशेष दिन होता है—महिला दिवस।
आज भी हमारे समाज में कई महिलाएं ऐसी हैं, जिन्हें यह तक नहीं पता कि उनका अस्तित्व कितना महत्वपूर्ण है। वे सिर्फ दूसरों के लिए जीती आई हैं, अपनी इच्छाओं और सपनों को पीछे छोड़ दिया। लेकिन 8 मार्च को, उन्होंने पहली बार महसूस किया कि वे भी खास हैं, कि उनकी भी पहचान है। वे खुलकर हंसीं, उन्होंने अपने बचपन को फिर से जी लिया। सालों बाद, किसी ने उनके लिए भी एक दिन मनाया, और यह उनके लिए सिर्फ एक दिन नहीं था—यह उनके भीतर छुपे दर्द को बांटने, अपने अधूरे सपनों को महसूस करने और खुद को फिर से खोजने का एक अवसर था।
कई महिलाओं ने अपनी कहानियां साझा कीं—शिक्षा अधूरी रहने का दर्द, अपने अधिकारों से अनजान रहने की पीड़ा, और एक ऐसी जिंदगी जो हमेशा दूसरों के लिए जी गई। लेकिन इस दिन, उन्होंने जाना कि वे भी अपनी जिंदगी का केंद्र बन सकती हैं। उनके चेहरे पर जो मुस्कान थी, वह केवल खुशी नहीं थी—वह आत्मसम्मान, जागरूकता और एक नई शुरुआत की निशानी थी।
लेकिन यह बदलाव सिर्फ हमारे प्रयासों से नहीं होगा, यह बदलाव हम सबकी भागीदारी से आएगा। अगर आप भी इन महिलाओं और बच्चों का समर्थन करना चाहते हैं, अगर आप भी किसी की मुस्कान की वजह बनना चाहते हैं, तो अपने कदम आगे बढ़ाइए। शिक्षा, जागरूकता, और आत्मनिर्भरता का यह अभियान हर उस व्यक्ति के लिए खुला है जो बदलाव लाने की इच्छा रखता है।
आइए, हम सब मिलकर इन बच्चों और महिलाओं को सिर्फ एक दिन नहीं, बल्कि हर दिन उनकी पहचान का एहसास कराएं। क्योंकि जब एक महिला सशक्त होती है, तो एक परिवार, एक समाज और एक पूरी पीढ़ी सशक्त होती है।
03/08/2025
महिला दिवस पर Success Foundation और Miss Chaman Khan जी के साथ एक सार्थक पहल! ✨
इस खास दिन पर हमने नारी सशक्तिकरण, शिक्षा और जागरूकता का संदेश फैलाने का संकल्प लिया। हर स्त्री में अपार शक्ति है, जरूरत है उसे सही दिशा और अवसर देने की। समाज में बदलाव तभी आएगा जब हर महिला शिक्षित, आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी होगी।
आइए, हम सब मिलकर नारी शक्ति का सम्मान करें और उनके उज्जवल भविष्य के लिए काम करें!
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