07/08/2026
राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस–2026 की जिला स्तरीय अध्यापक प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न
स्कूली विद्यार्थियों के लिए साल भर चलने वाली सभी विज्ञान प्रतियोगिताओं में सबसे ज्यादा लोकप्रिय विज्ञान प्रोजेक्ट प्रतियोगिता 'राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस' (एन सी एस सी) 2026-27 के अंतर्गत जिला स्तरीय अध्यापक प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल, सेक्टर-17, जगाधरी में किया गया। कार्यशाला में जिले के राजकीय एवं निजी विद्यालयों के 81 टीजीटी एवं पीजीटी विज्ञान अध्यापकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य तपोस भट्टाचार्य की। विद्यालय से ही मुख्याध्यापिका डॉ अंजली ने उपस्थित रिसोर्स पर्सन मुख्य अतिथि वी प्रतिभागी अध्यापकों का स्वागत किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला परियोजना अधिकारी श्री के. एस. संघवा ने इस विज्ञान कार्यक्रम 'राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस' के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह गतिविधि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान कौशल तथा नवाचार की भावना विकसित करने का एक प्रभावी मंच है। उन्होंने अध्यापकों से विद्यार्थियों को शोध आधारित गतिविधियों के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। सहायक परियोजना अधिकारी डॉ. धर्मवीर ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की परियोजनाओं के प्रकार, कार्यप्रणाली, अध्यापकों की विद्यार्थियों के साथ सहभागिता पर बड़े विस्तार से चर्चा की।
कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ के रूप में कुरुक्षेत्र से आए राज्य समन्वयक राजपाल पांचाल ने अध्यापकों के साथ संवाद स्थापित करते हुए परियोजना चयन, वैज्ञानिक पद्धति, अनुसंधान तकनीक तथा प्रभावी प्रस्तुतीकरण से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।
प्रशिक्षण के विभिन्न सत्रों का संचालन रिसोर्स पर्सन सुमन शर्मा, दीपक शर्मा, गौरव वालिया, विक्रम वर्मा तथा जिला समन्वयक दर्शन लाल बवेजा ने किया व परियोजना निर्माण, पंजीकरण प्रक्रिया तथा विभिन्न चरणों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने अध्यापकों को राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के विभिन्न विषयों, परियोजना लेखन, डेटा संकलन, विश्लेषण तथा प्रस्तुतीकरण के व्यावहारिक पहलुओं का प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत सभी अध्यापक अपने-अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के लिए शोध आधारित परियोजनाएँ तैयार करवाएंगे। आगामी अक्टूबर माह में आयोजित होने वाली जिला स्तरीय प्रतियोगिता में विद्यार्थी अपने गाइड अध्यापक के साथ अपनी परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण करेंगे। चयनित परियोजनाएँ आगे राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर जिले का प्रतिनिधित्व करेंगी।
कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान क्षमता, समस्या समाधान कौशल तथा नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करना है, ताकि वे विज्ञान के माध्यम से समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान खोजने की दिशा में कार्य कर सकें।