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आर. एस. एस. के वर्तमान वरिष्ठ प्रचारक मनोज कांत मिश्रा जी के भतीजे सुबोध कांत मिश्रा का चयन केंद्रिय विश्वविद्यालय पंजाब...
06/05/2026

आर. एस. एस. के वर्तमान वरिष्ठ प्रचारक मनोज कांत मिश्रा जी के भतीजे सुबोध कांत मिश्रा का चयन केंद्रिय विश्वविद्यालय पंजाब हुआ । बम बम बधाई भाई- भतीजा ।
इससे पहले इनका चयन एडवांस स्टडीज शिमला के लिए भी हुआ था जहाँ ये पोस्ट- डाक्टरेट के लिए चुने गये थे ।

22/04/2026
अघोषित आपातकालआंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पर व्यंग्य के आरोप में हैदराबाद के कॉमेडियन को यूपी से हिरासत में लिया गयाआं...
16/04/2026

अघोषित आपातकाल

आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पर व्यंग्य के आरोप में हैदराबाद के कॉमेडियन को यूपी से हिरासत में लिया गया
आंध्र प्रदेश की पुलिस ने उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण पर व्यंग्य करने के आरोप में एक स्टैंडअप कॉमेडियन अनुदीप कटिकला को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से हिरासत में लिया है. कॉमेडियन का एक वीडियो सामने आने के बाद जनसेना पार्टी के संयुक्त सचिव बाडे वेंकट कृष्णा ने काकीनाडा आईटाउन थाने में मामला दर्ज करवाया था.

पवन कोराड़ा
15/04/2026 कला-साहित्य

पवन कल्याण, बैकग्राउंड में अनुदीप कटिकाला. (फोटो: वीडियो स्क्रीनग्रैब और एक्स/)
नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश पुलिस ने मंगलवार (14 अप्रैल) को उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण का कथित तौर पर मजाक उड़ाने के संबंध में एक स्टैंडअप कॉमेडियन अनुदीप कटिकला को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से हिरासत में ले लिया.

अनुदीप कटिकला पर आरोप है कि उनके ऑनलाइन वीडियो में आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण पर व्यंग्य के जरिए अपमान किया गया है. उन्हें मंगलवार को शाम करीब 7 बजे हिरासत में लिया गया. उनके परिवार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार उन्हें फिलहाल उनके माता-पिता के साथ ट्रेन से काकीनाडा ले जाया जा रहा है.

इस मामले में एफआईआर की प्रति की समीक्षा करने वाले एक वकील ने स्पष्ट किया कि पुलिस की कार्रवाई औपचारिक गिरफ्तारी नहीं बल्कि हिरासत है.

पुलिसकर्मियों ने कटिकाला को उनके मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है और द वायर फिलहाल उनसे संपर्क में है.

कटिकला के खिलाफ 11 अप्रैल को दोपहर 1:15 बजे इंस्पेक्टर मंडला नागा दुर्गाराव द्वारा काकीनाडा प्रथम नगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर (संख्या 62/2026) दर्ज की गई. यह मामला जगन्नाथपुरम के कैनाल रोड निवासी 51 वर्षीय बड़े वेंकट कृष्ण की लिखित शिकायत के बाद दर्ज किया गया.

शिकायतकर्ता ने बताया कि वह 2014 से जन सेना पार्टी (जेएसपी) के कार्यकर्ता और 2022 से पूर्वी गोदावरी जिला जेएसपी के संयुक्त सचिव के रूप में कार्यरत हैं.

कल्याण की पार्टी जेएसपी, भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन का हिस्सा है.

द वायर द्वारा प्राप्त एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता ने 11 अप्रैल को सुबह 10:00 बजे यूट्यूब चैनल ‘अनुदीप कटिकाला ऑफिशियल’ पर 29.57 सेकंड का एक वीडियो देखा.

शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि इस वीडियो में कल्याण और उनके परिवार के सदस्यों को निशाना बनाया गया है, व्यंग्य्य और अभद्र भाषा का प्रयोग करके उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल किया गया है और शांति भंग करने और शत्रुता भड़काने के लिए झूठी जानकारी फैलाई गई है.

एफआईआर और कानूनी आरोप

एफआईआर में कटिकाला पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम, 2000 की कई धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं.

बीएनएस के तहत उन पर आपराधिक मानहानि के लिए धारा 356(2) का आरोप है, जो किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर झूठे बयान देने के लिए दंडित करता है; सार्वजनिक उपद्रव को बढ़ावा देने वाले बयानों के लिए धारा 353(2) का आरोप है, जो समूहों के बीच दुश्मनी पैदा करने के लिए झूठी जानकारी फैलाने को संबोधित करता है; और किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से किसी भी शब्द, हावभाव या कृत्य के लिए धारा 79 का आरोप है.

इसके अलावा, पुलिस ने आईटी अधिनियम की धारा 67 भी लगाई है, जो इलेक्ट्रॉनिक रूप में अश्लील सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करने पर रोक लगाती है.

उल्लेखनीय है कि आईआईटी बॉम्बे से स्नातक और हैदराबाद स्थित सिली साउथ कॉमेडी क्लब के संस्थापक कटिकाला ने हाल ही में ‘द टॉलीवुड रोस्ट शो’ नामक एक प्रस्तुति दी थी.

इस प्रस्तुति में उन्होंने तेलुगु सिनेमा के उन अभिनेताओं को संबोधित किया, जिन्हें उन्होंने ‘मेगा फैमिली’ कहा, जिसका नेतृत्व अभिनेता चिरंजीवी कर रहे थे, जो कल्याण के बड़े भाई और अभिनेता राम चरण के पिता हैं.

वायरल वीडियो में कटिकाला ने कल्याण की शादियों का जिक्र करते हुए कहा, ‘पवन कल्याण से मैंने एक बात सीखी है, वो है पत्नी को तलाक देना. सभी पुरुषों को ये सीखना चाहिए.’

उन्होंने सुझाव दिया कि कल्याण की हाल ही में तलाकशुदा भतीजी, निहारिका कोनिडेला, उनसे सलाह ले सकती हैं, और कहा कि उपमुख्यमंत्री के तलाक सौहार्दपूर्ण प्रतीत होते हैं और उनमें दुर्व्यवहार के कोई आरोप नहीं हैं.

उल्लेखनीय है कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी अक्सर सोशल मीडिया पर कल्याण का मजाक उड़ाने के लिए इस कॉमेडियन के वीडियो का इस्तेमाल करते हैं.

कटिकाला ने रामचरण को ‘नारीवादी’ भी कहा क्योंकि उनकी पत्नी उपासना कामिनेनी कोनिडेला – अपोलो हॉस्पिटल्स में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी की उपाध्यक्ष – कथित तौर पर उनसे अधिक धनी हैं.

इससे पहले ‘द न्यूज़ मिनट‘ से बात करते हुए कटिकाला ने बताया कि वह तेलुगु भाषा के एक स्त्री-विरोधी अपशब्द को, जो परंपरागत रूप से पत्नी की कमाई पर जीने वाले पुरुष का अपमान करता है, नारीवादी प्रशंसा में बदलने का प्रयास कर रहे थे, जो पुरुष के आत्मविश्वास को दर्शाता है.

उन्होंने आगे बताया कि उनके सेट में अभिनेता बालकृष्ण के प्रशंसकों, कल्याण और महेश बाबू के प्रशंसकों की प्रतिद्वंद्विता और उनके खुद के बढ़े हुए वजन पर भी चुटकुले शामिल थे, जिसका उन्होंने मजाक में श्रेय 2006 में आई फिल्म ‘राखी’ में अभिनेता जूनियर एनटीआर की उपस्थिति को दिया.

वायरल वीडियो और विरोध

इस वीडियो को लेकर कटिकाला ने माफी भी मांगी. हालांकि, मामला ने तूल पकड़ लिया. 11 अप्रैल को इन अभिनेताओं के एक प्रशंसक संदीप धनपाला कथित तौर पर एक समूह के साथ हैदराबाद के ‘द स्ट्रीट कॉमेडी क्लब’ पहुंचे. कटिकाला की अनुपस्थिति के बावजूद इस समूह ने कथित तौर पर स्त्री-विरोधी गालियां दीं, एक कॉमेडियन भगत अनुकांती को धमकाया और कटिकाला का फोन नंबर मांगा, जिसके बाद क्लब के मालिक ने उन्हें वहां से जाने के लिए राजी किया.

जेएसपी नेता संदीप पंचकारला, जो भीमिली के पार्टी प्रभारी हैं, ने माफी की मांग की और कानूनी कार्रवाई की धमकी दी.

द वायर ने पंचकारला से इस बारे में टिप्पणी के लिए संपर्क किया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.

जेएसपी के एक अन्य नेता किरण रॉयल, जिन पर फिलहाल एक महिला द्वारा जबरन वसूली और धमकी देने के अलग-अलग आरोप लगे हैं, ने कटिकाला को धमकी दी और एक मिसाल कायम करने के लिए उन्हें जेल भेजने की मांग की.

कल्याण और रामचरण दोनों ने ही अपने समर्थकों को रोकने के लिए कोई बयान जारी नहीं किया है.

कला जगत की प्रतिक्रिया

कला जगत के सदस्यों ने इस पुलिस कार्रवाई की आलोचना की है.

हैदराबाद की दृश्य कलाकार तबिता पर्सी ने द वायर को बताया, ‘अगर उनका मकसद यह तय करना है कि हम किसी राजनेता या सेलिब्रिटी का मज़ाक नहीं उड़ा सकते, तो क्या हमें अब/हमेशा के लिए असहमति जताने और खुलकर निंदा करने की अनुमति है? ज़ाहिर है, इंटरनेट पर एक कॉमेडियन उनके लिए एक आसान निशाना है, जिसे वे उदाहरण के तौर पर पेश कर सकते हैं. अनुदीप को कॉमेडी का बेहिसाब शौक है और उनकी रुचि हमेशा से सामाजिक मुद्दों पर बात करने में रही है. वह व्यवस्था की बेतुकी प्रकृति पर बोलना चाहते थे. वह एक उभरते हुए कॉमेडियन हैं जो कॉमेडी की अपनी भाषा विकसित कर रहे हैं, दर्शकों के लिए कारगर शैली खोज रहे हैं. उम्मीद है कि इस सब हंगामे के बाद भी उन्हें अभ्यास करने का मौका मिलेगा.’

हैदराबाद के स्टैंड-अप कॉमेडियन विवेक मुरलीधरन ने द वायर से बात करते हुए व्यंग्य्यात्मक लहजे में कहा, ‘मैं काकीनाडा पुलिस को उनके साहस, बहादुरी, ईमानदारी और समर्पण के लिए सलाम करता हूं, जिन्होंने प्रयागराज तक जाकर एक व्यक्ति को चुटकुले सुनाने के लिए गिरफ्तार किया. उन्हीं की बदौलत शक्तिशाली लोग रात को चैन से सो पाते हैं, बिना मजाक उड़ाए जाने के डर के.’

ऐतिहासिक पैटर्न

गौरतलब है कि यह गिरफ्तारी भारत में राजनीतिक या धार्मिक व्यंग्य्य के लिए हास्य कलाकारों को कानूनी कार्रवाई का सामना करने के व्यापक ऐतिहासिक पैटर्न में फिट बैठती है.

काकीनाडा के खिलाफ सक्रिय सरकारी तंत्र जनवरी 2021 में इंदौर में मुनव्वर फारूकी की गिरफ्तारी की याद दिलाता है, जिन्हें एक राजनेता के बेटे की शिकायत पर एक महीने तक जेल में रहना पड़ा था, वो भी प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही.

इसी तरह कुणाल कामरा, जिन्हें 2020 में सुप्रीम कोर्ट के बारे में किए गए ट्वीट के लिए अदालत की अवमानना ​​की कार्यवाही का सामना करना पड़ा था, को 2025 की शुरुआत में मुंबई के हैबिटेट कॉमेडी क्लब में एक एफआईआर और तोड़फोड़ का सामना करना पड़ा, क्योंकि उन्होंने कथित तौर पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का मजाक उड़ाया था. हालांकि शिंदे का नाम उनके प्रदर्शन में नहीं लिया गया था.

अन्य कलाकारों को भी इसी तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा है: वीर दास के खिलाफ 2021 में उनके ‘आई कम फ्रॉम टू इंडियाज’ मोनोलॉग के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज की गई थी; समय रैना के खिलाफ 2025 में असम में उनके यूट्यूब शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के संबंध में अश्लीलता के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी.

इसके अलावा अग्रिमा जोशुआ को 2020 में छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में एक क्वोरा थ्रेड से संबंधित व्यंग्य के लिए ऑनलाइन दुर्व्यवहार और धमकियों का सामना करना पड़ा था; और किकू शारदा को 2016 में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह की मिमिक्ररी करने के लिए गिरफ्तार किया गया था.

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Anudeep Katikala had recently performed a set titled The Tollywood Roast Show in which he poked fun at the public figures of Pawan Kalyans family.

 #समाजशास्त्र_विषय के  #टॉपर भी  #फर्जी हैं। अभिलंब उनकी  #नियुक्ति  #रद्द की जाएहाल के दिनों में उच्च शिक्षा संस्थानों ...
16/04/2026

#समाजशास्त्र_विषय के #टॉपर भी #फर्जी हैं। अभिलंब उनकी #नियुक्ति #रद्द की जाए
हाल के दिनों में उच्च शिक्षा संस्थानों में नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। ताज़ा मामला समाजशास्त्र विषय के एक कथित “टॉपर” से जुड़ा है, जिन पर अनुभव प्रमाण-पत्र एवं शैक्षणिक दस्तावेजों में फर्जीवाड़े का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला न केवल विश्वविद्यालयों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को भी चुनौती देता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित अभ्यर्थी ने नियुक्ति के समय जो अनुभव प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया था, उसकी जांच में कई विसंगतियाँ पाई गई हैं। संबंधित विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय से प्राप्त रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि प्रस्तुत प्रमाण-पत्र या तो संदिग्ध है या पूरी तरह से फर्जी है। यहां तक कि जिस संस्थान का नाम अनुभव के लिए दिया गया, वहां उस विषय का अस्तित्व ही नहीं पाया गया। यह स्थिति अत्यंत गंभीर है और सीधे तौर पर चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगाती है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस प्रकार के मामलों में जांच के बावजूद अब तक कठोर कार्रवाई नहीं की गई है। यदि एक “टॉपर” स्तर के अभ्यर्थी पर इस प्रकार के आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह उन हजारों योग्य एवं मेहनती अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है, जो ईमानदारी से प्रतियोगिता में भाग लेते हैं। इससे न केवल प्रतिभा का ह्रास होता है, बल्कि युवाओं में व्यवस्था के प्रति अविश्वास भी बढ़ता है।
शिक्षा विभाग, विश्वविद्यालय प्रशासन एवं संबंधित आयोग की जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे मामलों में त्वरित एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही, भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया को और अधिक मजबूत एवं पारदर्शी बनाया जाए।
अंततः, यह कहना गलत नहीं होगा कि यदि शिक्षा व्यवस्था में ही ईमानदारी और सत्यनिष्ठा का अभाव हो जाएगा, तो समाज के समग्र विकास की कल्पना करना व्यर्थ है। अतः समय की मांग है कि ऐसे फर्जीवाड़ों पर कठोर प्रहार किया जाए और शिक्षा प्रणाली की गरिमा को पुनः स्थापित किया जाए।
Note;-सभी इतिहास के अभ्यर्थी अपने-अपने अधिवक्ता के साथ दिनांक 20 4.2026 को उच्च न्यायालय पटना में उपस्थित होकर अपना पक्ष मजबूती से जरूर रखें

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12/04/2026

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