03/01/2023
काशी विश्वनाथ ज्योतिष केंद्र
[email protected] आचार्य संगम मिश्रा काशी मो08429403407
03/01/2023
03/01/2023
कुंडली में मारक स्थान जाने सरलता पूर्वक इस वीडियो को जरूर देखें
02/01/2023
जन्म समय कैसे शुद्ध करे सीखें उदाहरण सहित janm sthan kese shuddha kare sikhe जन्म समय कैसे शुद्ध करें सीखे उदाहरण सहित ज्योति सर्वोपरि एवं शिक्षा में सबसे अधिक है
02/01/2023
मंगल का केंद्र त्रिकोण में जाने से क्या फल होता है ?
02/01/2023
तारा बल पर विशेष जानकारी के लिए वीडियो जरूर देखें बहुत सटीक
कुंडली में विशेष करके तारा बल का जरूर विचार करना चाहिए kundli ke tara बल का विशेष महत्व है इसे बढ़कर आप सभी मित्रों को जानना चहिए
क्षेम तारा : ठीक है, शांति, शुभ घटनाओं
प्रत्यारी तारा : बाधाएं और विफलताओं
साधक तारा : उपलब्धियां, सफलता, जीवन में वृद्धि, स्थिति में सुधार
वध तारा : जीवन, मृत्यु, गंभीर बीमारियों, आपदाओं और दुर्भाग्य का खतरा
सम्पत तारा ~धन और समृद्धि विपत: ~खतरे, आपदाएं, दुर्घटनाएं, दुर्भाग्य क्षेम तारा~ : ठीक है, शांति, शुभ घटनाओं
जन्म तारा में जन्म लेने वाले व्यक्ति ?
जन्म तारा : जन्म के समय में मौजूद जोखिम, जन्म प्रक्रिया में खतरे, स्वास्थ्य, दिमाग इत्यादि से सम्बंधित खतरा। होता जब भी किसकी कुंडली में जन्म तारा का दशा चलता है तो
नवतारा जन्म नक्षत्र से शुरू होते है: 1. जन्म नक्षत्र या जन्म तारा , 2. सम्पत तारा , 3. विपत तारा, 4. क्षेम तारा , 5. प्रत्यारी तारा , 6. साधक तारा , 7. वध तारा, 8. मित्र तारा, 9.अति-मित्र तारा ९ तारा होते हैं
सामुद्रिक विद्या:- यह विद्या भी भारत की सबसे प्राचीन विद्या है। इसके अंतर्गत व्यक्ति के चेहरे, नाक-नक्श और माथे की रेखा सहित संपूर्ण शरीर की बनावट का अध्ययन कर व्यक्ति के चरित्र और भविष्य को बताया जाता है।
हस्तरेखा ज्योतिष :हाथों की आड़ी-तिरछी और सीधी रेखाओं के अलावा, हाथों के चक्र, द्वीप, क्रास आदि का अध्ययन कर व्यक्ति का भूत और भविष्य बताया जाता है। यह बहुत ही प्राचीन विद्या है और भारत के सभी राज्यों में प्रचलित है।
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