17/07/2025
*We came to know that other student Activists associated with bsCEM and FACAM members are also missing for the last one week. After knowing that comrade Samrat Singh and Gurkirat Kaur were picked up by Delhi police, now it is being strongly anticipated that all activists have been illegally detained by Delhi police.*
1. Etmam Ul Haque (FACAM) Member
2. Baadal (FACAM) Member
3. Gaurang Student Activist (BSCEM)
4. Gaurav Students Activist (BSCEM
5. Vallika Varshi ( NAZARIYA MAGAZINE)
6. Samrat Singh Social Activist and Psychologist
We Demand that concerned authority/officer should immediatly provide wherabouts of all Activists immediately !!
13/07/2025
हमारे बहुत ही संघर्षशील साथी साइकोलॉजिस्ट सम्राट सिंह यमुनानगर जो पिछले 20 सालों से समाज के बीच में रहकर दलितों, पिछड़ों ,मुस्लिम,किसान ,मजदूरों व हर वर्ग की आवाज उठा रहे हैं और समाज के हर आंदोलन में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले साथी को #कल शाम 7 बजे उनके घर से दिल्ली पुलिस प्रशासन की टीम ने बिना किसी नोटिस दिए ओर न कोई केस या FIR के बारे में बताया गैर कानूनी तरीके से गिरफ्तार कर लिया है,सत्ता की तानाशाही के खिलाफ बोलने वालों को सरकार गिरफ्तार करके आम जनता की आवाज दबाना चाहती हे ...
#छात्र एकता मंच दिल्ली पुलिस प्रशासन और सत्ता का कड़े शब्दों में विरोध करता है अगर दिल्ली प्रशासन साथी को नहीं छोड़ती तो पूरे हरियाणा में आंदोलन किए जाएंगे...
Release Samrat Singh immediately!!
👉जारीकर्ता: छात्र एकता मंच (हरियाणा)
14/05/2025
छात्र #एकता #मंच
भारतीय जनता पर शासक वर्ग की पार्टियों द्वारा थोपे गए युद्ध के चलते भारत की कम्युनिस्ट पार्टी CPI (Maoist) द्वारा पत्र जारी कर Ceasefire (युद्धविराम) कर शांति वार्ता की अपील की गई है।
जिसमें मध्य भारत में लगाए जा रहे मिल्ट्री कैंपों को हटाने , नए कैंप स्थापित ना करने ,गांव के लोगों को फर्जी मुठभेड़ों में हत्या न करने का आहवान कर शांतिवार्ता के लिए परिस्थितियाँ बनाने का अनुरोध किया गया है।
साथ ही जनवादी क्रांतिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनता से युद्धविराम व शांतिवार्ता का समर्थन कर शासक वर्ग की पार्टियों के खिलाफ संघर्ष करें।
साथियों..
आप को पता होगा भारत देश के अंदर ही आदिवासियों और क्रांतिकारियों की अपने ही देश में हत्या करना बंद करो। आदिवासियों और क्रांतिकारियों की को लगातार जूठे कैश लगाकर उन्हें मारा जा रहा है।
मध्य भारत व देश के अनेक हिस्सों में लगभग चार दशक से अपनी ही जनता के खिलाफ भारत सरकार ने युद्ध छेड़ा हुआ है।
जिसमें एक तरफ जनता और भारतीय क्रांति का नेतृत्व करती हुई कम्यूनिस्ट पार्टी (C.P.I (Maoist) है।
वहीं दूसरी तरफ शासक वर्ग का नेतृत्व करती हुई ब्राह्मणवादी हिंदुत्व फासीवादी सरकारें हैं।
जहाँ जनता व उनकी पार्टी CPI (Maoist) जल - जंगल - जमीन - आत्मसम्मान को बचाने के लिए संघर्ष कर रही है वहीं सरकार आदिवासियों को उजाड़कर, उनके गांव जलाकर , झूठी मुठभेड़ों में हत्या कर जल - जंगल - जमीन को बड़े दलाल पूंजीपतियों व सम्राज्यवादी मालिकों की झोली में भर देना चाहती है।
यह सभी भारतीय सेना के कैंप लगाकर हथियारों के माध्यम से लम्पट गुंडों को भर्ती कर (DRG के नाम पर) किया जा रहा है।
इस युद्ध में सरकार अपने मालिकों के मुनाफे को सुनिश्चित करने के लिए लगातार निहत्थे आदिवासियों और उनके साथ संघर्ष कर रहे माओवादियों को तरह - तरह की फर्जी मुठभेड़ों में हत्या कर रही है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2024 में शुरू किए गए असंवैधानिक ऑपरेशन समाधान - प्रहार व ऑपरेशन कगार के दौरान अब तक बीते एक साल में 400 से अधिक भारतीय जनता की हत्या कर चुकी है।
युद्ध जोकि शासक वर्ग की पार्टियों द्वारा आम जनता पर थोपा गया है। इसके खिलाफ लिखने, आवाज उठाने व जनवादी अधिकारों के लिए लड़ने वाले हजारों सामाजिक कार्यकर्ताओं को बिना मुकदमें जेलों में बंद किया जा रहा है। आलम यह है कि जनवादी संगठनों जैसे मूलवासी बचाओ मंच (MBM) को भी शासक वर्ग की पार्टियां बैन कर रही हैं।
छात्र एकता मंच सभी जनवादी संगठनों,सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनता से अपील करता है।
कि सभी लोग शोषणकारी सरकार के विरुद्ध फर्जी मुठभेड़ों के विरुद्ध और भारत कि कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) द्वारा आहवान युद्धविराम एवं शांतिवार्ता के लिए पूरे जोर से अपनी आवाज उठाओ और इस शोषणकारी सरकार पर पुरजोर से दबाव बनाए।
(Maoist) द्वारा शांतिवार्ता के आहवान का समर्थन करो!
•
#बस्तर व देश के अन्य हिस्सों में सरकार द्वारा थोपे गए युद्ध का विरोध करो।
• #ऑपरेशन समाधान - प्रहार को खत्म करो।
(Maoist) द्वारा शांतिवार्ता के आहवान का समर्थन करो।
#बस्तर व देश के अन्य हिस्सों में सरकार द्वारा थोपे गए युद्ध का विरोध करो।
#इंकलाब जिंदाबाद!
#साम्राज्यवाद मुर्दाबाद !
29/04/2025
#सभी #साथी #जरूर पढ़ें।
सभी साथियों को हमारा क्रांतिकारी सलाम!
ब्राह्मणवादी संशोधनवादी महिला विरोधी
मानसिकता के खिलाफ संघर्ष तेज करो।
साथियों, छात्र एकता मंच के सामने एक गंभीर मामला आया है।
जिसमें (मजदूर अधिकार संगठन) ने बताया गया कि सुमित देवडू संगठन में कार्यरत रहते समय संगठन के नेतृत्व के खिलाफ जाकर संगठन तोड़ने , महिला विरोधी गतिविधियों और उपभोक्तावादी गतिविधियों में शामिल पाया गया है।
जिसके कारण सुमित को संगठन ने निकाल दिया गया है।
हम मजदूर अधिकार संगठन द्वारा की गई इस कार्रवाई का समर्थन करते हैं और इस तरह से मजदूर, किसान,महिला विरोधी मानसिकता का वाले सुमित देवडू का विरोध करते हैं
और मजदूर अधिकार संगठन के फैसले का समर्थन करते हैं।
सुमित जैसे तत्वों के द्वारा की गई जाने वाली इस प्रकार की कार्रवाई महिला विरोधी,जन विरोधी मानसिकता के खिलाफ आप सभी से आवाज उठाने की अपील करते हैं। ऐसे लोग समाज में कुरीतियां फैलाने के अलावा और कुछ नहीं करते इन्हें जनता के दुखों और तकलीफों से कुछ लेना देना नहीं होता ऐसे लोग समाज के साथ धोखा ही करते है।
साथ में जनता के शोषण को बढ़ाने में राज्य की मदद करते है।
साथियों हम आपको बता देना चाहते हैं कि *सुमित देवुडु (सोनीपत) कुछ साल पहले छात्र एकता मंच का सदस्य भी रहा है जो बाद में पढ़ाई पूरी होने के बाद मजदूर अधिकार संगठन में काम करने चला गया था ।
अत: मजदूर अधिकार संगठन द्वारा की गई जांच पड़ताल और कार्रवाई के आधार पर छात्र एकता मंच की कार्यकारिके कमेटी ने इस मामला पर यह निर्णय लिया है
की छात्र एकता मंच से (सुमित देवडू,सोनीपत) औपचारिक रूप से निकाल दिया जाए है और इस बारे में सभी संगठन सदस्यों व सभी हमदर्दों से संगठन अपील करता है और सूचित करता है कि सुमित देवडू जैसे मजदूर, किसान विरोधी,महिला विरोधी मानसिकता के लोगों को इतिहास के कूड़ेदान में फेंक दें एक बार हम फिर से मजदूर अधिकार संगठन का समर्थन करते हैं।
और सुमित देवडू सोनीपत जैसी तत्वों को बहिष्कार करते हैं।
संशोधन वाद के खिलाफ संघर्ष तेज करो!
साम्राज्यवाद मुर्दाबाद!
इंकलाब जिंदाबाद!
छात्र एकता मंच ( हरियाणा )
Press release
अवसरवादी - विघटनवादी - संसोधनवादी, महिला विरोधी सुमित देवडू का बहिष्कार करो!
संगठन की क्रांतिकारी विचारधारा मार्क्सवाद को ठोस व्यवहार में लागू करते हुए जुझारू मजदूर आंदोलन का निर्माण करो!
साथियों, आज शासक वर्ग मजदूर आंदोलन समेत दुनिया के हर जनहितैषी आंदोलन को खत्म करने के लिए शारीरिक व मानसिक युद्ध छेड़े हुए हैं. एक तरफ जनता के आंदोलन को पुलिस-फ़ौज के माध्यम से खत्म करने की कोशिश की जा रही है वही दूसरी तरफ जनता में व जनता के हितों में काम करने वाले कार्यकर्ताओं में अविश्वास की भावना पैदा करने के लिए लगातार मीडिया के माध्यम से लगातार मार्क्सवाद विरोधी प्रचार किया जा रहा है. मार्क्सवाद को गलत साबित करने के लिए शिक्षण संस्थानों में अनेक शोध करवा रहा है. शासक वर्ग ये साबित करने में लगा हुआ है कि मार्क्सवाद फेल हो चुका है व पूंजीवाद जनवाद ही एकमात्र ऐसी विचारधारा है जो दुनिया पर राज करेगी.जो कार्यकर्ता शासक वर्ग के इस प्रोपगेंडा का शिकार नही होते उन्हें खरीदने के लिए बड़े-बड़े इनाम घोषित कर रहा है.लेकिन हमें नही भूलना चाहिए कि शासक वर्ग हमे कमजोर करने के लिए हमारे अंदर मौजूद सर्वहारा विरोधी ( जो निजी संपत्ति को बचाए रखना चाहता है ) भावनाओं का भी सहारा लेता है. जिसके कारण अनेक निम्न-पूंजीवादी सोच रखने वाले कार्यकर्ता शासक वर्ग की भावनाओं का शिकार हो जाते हैं.वे अपने आप को दिखाते को शोषित वर्ग के पक्ष में है लेकिन हकीकत में वे शासक वर्ग की भावनाओं द्वारा द्वारा चलाए जाते हैं.ये सब समाज मे आज से शुरू नही हुआ है बल्कि हजारों साल से हो रहा है. जब 1905 में रूस में बुर्जुआ जनवादी क्रांति असफल हुई तो बोल्शेविक पार्टी में भी शासक वर्ग की विचारधारा की सेवा करने वाले अनेक संसोधनवादी सामने आए.जिन्होंने न सिर्फ शासक वर्ग की विचारधारा की सेवा की बल्कि बोल्शेविक पार्टी में अनेकों बार तोड़-फोड़ करने की कोशिश की. जिसमे वे एक समय के लिए तो सफल हुए लेकिन अंत मे उन्हें हार का ही मुँह देखना पड़ा व सर्वहारा वर्ग का नेतृत्व करने वाली पार्टी को जीत मिली. कार्यकताओं के पतित होने से क्रांति के ज्वार में ठहराव तो आ सकता है लेकिन वैज्ञानिक साम्यवाद को आने से नही रोका जा सकता. साम्यवाद की जीत तय है इस हकीकत को कोई नही बदल सकता.
हमारे इलाके में भी शोषित वर्ग से गद्दारी करने वाला एक कार्यकर्ता सुमित देवडू हैं. जिसका राजनीतिक पतन व जनताविरोधी चरित्र इस प्रकार है -
अवसरवादी-विघटनवादी-संसोधनवादी सुमित राजनीतिक रूप से पतित कैसे है.
1 दर्शनशास्त्र के रूप में- सुमित का दर्शनशास्त्र हेगल और फायरबाग का दर्शनशास्त्र है जिसके अनुसार हर चीज के दो पहलू है लेकिन प्रधान पहलू कोनसा है ये पता नही होता है ( हीगेल का सिद्धांत ). अपनी विघटनकारी जरूरत के हिसाब से प्रधान पहलू को गौण ओर गौण पहलू को प्रधान पहलू बनाते हैं. इसके साथ ही परिस्थितियों के अनुसार कार्य करने की जीवनशैली अपनाते हैं.यह फायरबाख के सिद्धांत के अनुसार परिस्थितियों का गुलाम होना है. विघटनकारी ओर संसोधनवादी सिद्धान्तों का प्रयोग मार्क्सवाद का नकाब ओढ़ कर करते हैं. इसलिए यह दर्शनशास्त्र में संसोधनवाद है.
2. राजनीतिक अर्थशास्त्र - सुमित मजदूरों को आर्थिक संघर्ष तक ही सीमित रखते हैं. मजदूर के राजनीतिक संघर्ष ( राजनीतिक सत्ता पाने की भावना, मजदूरों की शिक्षा-दीक्षा ) पर ध्यान न देना.
3. समाजवाद- सुमित ओर सुमित जैसे तत्वों का समाजवाद सामंती समाजवाद है. जिस प्रकार बड़ा सामन्त छोटे सामन्त पर दया का हाथ रखता है उसी प्रकार ये लोग भी जनसगठन की जरूरत को न समझते हुए भाईचारे को ही केंद्र में रखते हैं. जनसंगठन में एक -दूसरे का साथ देते हुए एक -दूसरे की गलतियां छुपाते है.कामरेड माओ के शब्दों में ये मालूम होते भी सम्बन्धित वयक्ति स्पष्ट रूप से गलत है लेकिन वो पुरानी जान पहचान का है, एक ही इलाके का है, स्कूल दोस्त हैं, घनिष्ठ मित्र हैं, पिरीज़न है या पहले मातहत रह चुका है इसलिए उससे सिद्धांत के आधार पर तर्क न करना बल्कि शांति व मित्रा बनांए रखने के लिए मामले को घिसटते देना या फिर मामले को ऊपरी तौर पर छु देना . उसका पूरी तरह से समाधान न करना जिसे की अच्छे संबंध बने रहे. नतीजे के तौर पर संगठन तथा संबंधित व्यक्ति दोनों को नुकसान पहुचना है. इसका शानदार उदाहरण सुमित ओर सुमित जैसे तत्वों का उदारतावादी - अवसरवादी- विघटनकारी स्वरूप है.
इतना ही नही सुमित अनेक महिला विरोधी यौन मामलों में लिप्त था जो उसने संगठन समेत अपनी पत्नी से छुपाए रखा, आइए सुमित के महिला विरोधी चरित्र के बारे में बताते है. 1. जनसंगठन की महिला साथी के साथ रेप करने की कोशिश करना
2. एक साथी की जीवनसाथी के साथ अतिरिक्त विवाह संबंध में जाना
3. वेश्यावृत्ति में संलिप्त होना
4. एक महिला साथी के साथ अनैतिक रूप से लैंगिक बातचीत में जाना
5.एक साथी की बहन के साथ संबंधों में जाना ( शादी का झूठा वादा करते हुए )
6. चलती ट्रेन में एक किन्नर के साथ लैंगिक संबंध बनाना
7. पुरुषों से अनैतिक रूप से लैंगिक सम्बधों में जाना
8. पेशेवर महिला साथी को कॅरियर बनाने के प्रोत्साहित करना 9. पेशेवर महिला साथी में बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करना 10. एक महिला साथी के साथ संबंध में जाने के लिए अपने चार एकड़ जमीन की शेखी बघारना ( लोभ देना ) 11.इन सभी महिला विरोधी घटनाओं को करते समय अपनी पत्नी को धोखा देना व उसे आज तक भी अपने बारे में न बताना.
कुल मिलाकर आज लगता सुमित का संगठन में आने का एक ही मकसद लगता हैं कि महिला साथियों व पुरुषों को अपनी भोग-विलास की वस्तु समझते हुए उनका शोषण व उत्पीड़न करना. जब उसे ये पता चला है कि अब उसके मंसूबे पूरे होने वाले नही है तो उसने अपने अवसरवादी-विघटनवादी तरीके से संगठन को तोड़ने की कोशिश की.
सुमित द्वारा संगठन में तोड़-फोड़ करने व सांठनिक नियमों को ताक पर रखने की कुछ झलके -
1. उचित कमेटी में अपनी बातों को न रखते हुए मौजूदा नेतृत्व के खिलाफ दुष्प्रचार करना.
2.नेतृत्व से बदला लेने की बात करना
3.संगठन से निकाले गए जनविरोधी तत्व के साथ एकता स्थापित करने के लिए संगठन विरोधी की गई मीटिंग में सक्रिय भागेदारी लेना
4.रेप के मामले में दुरुस्तीकरण अभियान में शामिल न होते हुए मौजूदा साथी ( जिसे दुरुस्तीकरण अभियान चलाना ) को नेतृत्व का भगत बताना
5.रेप के मामले मे दुरुस्तीकरण अभियान में शामिल न होने पर कारण बताओ नोटिस का आज तक जवाब न देना
6. पेशेवर साथियों को कॅरियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करना, सांगठनिक नियमो की अवहेलना करना
7.महिला विरोधी तत्व के खिलाफ की कारवाई को जनता में गलत बताना
8.संगठन में फैसला लेने के सांगठनिक नियम जनवादी केन्द्रीयता का उल्लंघन करते हुए नेतृत्व को तानाशाह बताना
9.संगठन के विशेष बैठक में नेतृत्व के खिलाफ ग्रुप बनाने की कोशिश करना
10.साजिश करके संगठन की उच्च कमेटी में अपने मनपसंद लोगों को भेजना
11.संगठन के विशेष बैठक में लिए गए केंद्रीय कार्यभार की अवहेलना करते हुए कार्यकर्ता में केंद्रीय कार्यभार के खिलाफ प्रचार करना
जनता से अपील -विश्व दृष्टिकोण और हमारी सैद्धांतिक समझ के मुताबिक मार्क्सवाद हमारा मार्गदर्शक है. यह सिद्धांत हमारे व्यवहार के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत है. मार्क्सवाद संसार में सबसे वैज्ञानिक सिद्धांत साबित हुआ है. हमें इसे हमारे देश के ठोस हालात में लागू करना होगा और क्रांति को सफल बनाना होगा. वर्ग संघर्ष का मार्क्सवाद सिद्धांत में प्राथमिक स्थान होगा. इसी तरह प्रत्येक देश में खास समस्या के लिए इस सिद्धांत को लागू करना है. मार्क्सवादी सिद्धांत को विकसित करने के लिए हमे समाज मे मौजूद सभी संशोधनवादियों के खिलाफ संघर्ष करना होगा. ताकि हम समाज मे मौजूद मार्क्सवाद का चोला ओढ़कर बैठे संशोधनवादियों का पर्दाफाश कर सकें. हमारे इलाके में मौजूद अवसरवादी-विघटनकारी-संसोधनवादी सुमित देवडू मार्क्सवाद का चोला ओढ़कर अपनी भोग-विलास को पूरा किया है. मजदूर अधिकार संगठन सुमित के महिला विरोधी, जनता विरोधी, क्रांति विरोधी व संगठन विरोधी व्यवहार के कारण हमारा संगठन सुमित देवडू को संगठन से बर्खास्त करता है और जनता से अपील करता है कि सुमित से अपने सभी प्रकार के दोस्ताना संबंधों को तोड़ दे.
जारीकर्ता-मजदूर अधिकार संगठन
संपर्क सूत्र-9053887470
10/04/2025
#डॉ बाबा साहेब आम्बेडकर के जन्म दिवस पर पुस्तक प्रदर्शनी और सेमिनार
विषयः डॉ आम्बेडकर के सपनों का भारत और मौजूदा समय की चुनौतियाँ स्थानः MDU एक्टिविटी सेंटर, रोहतक
(छात्र एकता मचं)
10/04/2025
100 वर्ष की गुलामी से पल भर की आजादी जीवन का श्रेष्ठ है।
02/04/2025
प्रेस विज्ञप्ति
1/4/2025
1 अप्रैल 2025 से महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय,रोहतक में हर साल 10% के हिसाब से बढ़ायी जाने वाली रिचेकिंग,रिवैल्युएशन तथा अन्य प्रकार की फ़ीसों के विरोध में विश्वविद्यालय रजिस्ट्रार को आज ज्ञापन सौपा। अभिषेक ने कहा कि महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय,रोहतक में हर साल रिचेकिंग,रिवॉल्यूशन, माइग्रेशन सर्टिफिकेट इत्यादि फार्म की फीस साल-दर-साल 10% के हिसाब से बढ़ाई जा रही है।जबकि दूसरी ओर बढ़ती महंगाई के चलते विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के ऊपर आर्थिक रूप से बोझ पढ़ रहा है। लगातार बढ़ाई जा रही फ़ीसों का हम कड़ा विरोध करते हुए प्रशासन से मांग करते हैं कि फ़ीसों पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई जाए, अन्यथा इसके खिलाफ विश्वविद्यालय के छात्रों लामबंद करते हुए आंदोलन करने को मज़बूर होंगे।
प्रशासन लगातार फीस बढ़ाकर विद्यार्थियों के ऊपर बोझ डालते हुए लेट फीस के नाम पर लूट मचा रहा है। जिसका पुरजोर तरीके से विरोध करते हुए आने वाले समय में विद्यार्थियों को लामबंद करके आंदोलन करेंगे। छात्र संगठनों की बात सुनकर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार महोदय ने आश्वासन दिया कि जल्द होने वाली मीटिंग में आपकी बात को ध्यान में रखते हुए बढ़ रही फिसों पर रोक लगाने के लिए निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान मुख्य रूप से रविंद्र, अंकित, राज, गौरव, अभिषेक,अमित,सक्षम,राहुल, कशिश, मोनू, अमन इत्यादि मौजूद रहे।
24/03/2025
भगत सिंह ने दी आवाज़,*
*बदलो-बदलो देश-समाज
23/3/2025/ आज महर्षि दयानन्द विश्वविद्यालय, रोहतक (हरियाणा) में शहीद-ए-आज़म भगतसिंह और राजगुरु सुखदेव के शहादत दिवस पर छात्र एकात मंच(C.E.M')
किसान चौक से लेकर क्रांति चौक तक सैकड़ो छात्र-छात्राओं में नारे लगाते हुए । मशाल जुलूस निकाला गया। और आज के छात्र-छात्राओं के हालात और
भगत सिंह और उनके साथियों की क्रान्तिकारी विरासत से छात्रों को परिचित करवाया गया।
छात्र एकात मंच से मंच संचालन करते हुए।
संगठन की और से बात रखते हुए साथी
अभिषेक ने कहा कि भगतसिंह और उनके साथियों का अन्तिम लक्ष्य अन्याय, लूट और शोषण पर टिकी पूँजीवादी व्यवस्था की जगह न्याय, समानता और बराबरी पर आधारित एक समतामूलक समाज का निर्माण करना था।
आज आज़ादी के 77 साल बाद भी उनका सपना अधूरा है। आज अमीरी-गरीबी की खाई देश में लगातार बढ़ रही है। भुखमरी और बेरोजगारी ने आम मेहनतकश जनता का जीना मुश्किल कर रखा है। छात्रों, नौजवानों, मज़दूरों, ग़रीब किसानों और कर्मचारियों के हकों पर नित नये हमले किये जा रहे हैं। देश में धर्म और जाति के नाम पर आये दिन दंगे हो रहे हैं। यह वह समाज नहीं है जिसका निर्माण भगतसिंह और उनके क्रान्तिकारी साथी करना चाहते थे।
छात्र एकता मंच से साथी अंकित ने
हमारे शहीदों का लक्ष्य एक ऐसे समाज का निर्माण करना था जिसमें एक इन्सान के द्वारा दूसरे इन्सान का और एक देश के द्वारा दूसरे देश का शोषण असम्भव हो जाये। एक ऐसा समाज जहाँ अमीरी-गरीबी की खाई ना हो, जहाँ जाति और धर्म के नाम पर लोगों में बंटवारा ना हो और जहाँ उत्पादन और राजकाज पर मेहनतकश जनता का नियन्त्रण हो।
एक समतामूलक समाज का निर्माण करने के लिए संघर्ष करना ही सही मायने में भगतसिंह और उनके क्रान्तिकारी साथियों को सच्ची श्रद्धांजलि हो सकती है। इसके लिए हमें अपने क्रान्तिकारियों की विरासत को जानना होगा और उनके जज़्बे को आत्मसात करना होगा। भगतसिंह ने अपने सन्देश में युवाओं को कहा था, “नौजवानों को क्रान्ति का यह सन्देश देश के कोने-कोने में पहुँचाना है, फ़ैक्टरी-कारख़ानों के क्षेत्रों में, गन्दी बस्तियों और गाँवों की जर्जर झोंपड़ियों में रहने वाले करोड़ों लोगों में इस क्रान्ति की अलख जगानी है जिससे आज़ादी आयेगी और तब एक मनुष्य द्वारा दूसरे मनुष्य का शोषण असम्भव हो जायेगा।”
प्रोग्राम में शामिल अन्य लोग भी रहे।
अंकित सक्षम, रोनित, राहुल , कशिश अनु, और अमित रहे।
इंकलाब जिंदाबाद।
छात्र एकता ज़िंदाबाद !
शहीद भगत सिंह अमर रहें!
23/03/2025
शहीद भगत सिंह राजगुरु सुखदेव अमर रहें!
22/3/2025 शाम को भगत सिंह राजगुरु सुखदेव के शहादत दिवस पर महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के अंदर प्रचा वितरण अभियान चलाया गया ।
इंकलाब जिंदाबाद।
22/03/2025
साथियो,
23 मार्च,1931 के दिन शहीद-ए- आजम भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को अंग्रेजों सरकार ने द्वारा फांसी दे दी गई। उन शहीदों की याद में "छात्र एकता मंच " 23 मार्च 2025 को (रविवार) शाम 6 बजे एक मशाल मार्च निकाल रहा है सभी संगठन सदस्यों, समर्थकों, जनवादी विचार रखने वाले व्यक्तियों, मित्र संगठनों और व्यापक मेहनतकश जनता से अपील करते है माशाल मार्च का हिस्सा जरूर बने।
श्याम –6 बजे
स्थान किसान चौक mdu (रोहतक)
इंकलाब जिंदाबाद!
साम्राज्यवाद मुर्दाबाद!