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05/06/2020

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पृथ्वी की उत्पत्ति ( ORIGIN OF THE EARTH )Pal classesPal classesJun 5 · 2 min readपृथ्वी की उत्पत्ति ( ORIGIN OF THE EAR...
05/06/2020

पृथ्वी की उत्पत्ति ( ORIGIN OF THE EARTH )
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Jun 5 · 2 min read

पृथ्वी की उत्पत्ति ( ORIGIN OF THE EARTH )

टॉपिक
पृथ्वी की उत्पत्ति ( ORIGIN OF THE EARTH )
अद्वैतवादी संकल्पना या एक तारा सिद्धान्त ( Monistic Concept )
( 1 ) वायव्य राशि परिकल्पना ( Gaseous Hypothesis ) -
( 2 ) लाप्लास की निहारिका परिकल्पना ( Nebular Hypothesis of Laplace ) -
पृथ्वी की उत्पत्ति ( ORIGIN OF THE EARTH )
विज्ञान के चरम विकास के बाद भी आज पृथ्वी की उत्पत्ति का रहस्य समझ पाने में सब असमर्थ हैं । अनेक वैज्ञानिकों ने पृथ्वी की उत्पत्ति के संबंध में परिकल्पनायें प्रस्तुत करके तथ्यों की वास्तविकता को पता लगाने का प्रयास किया है । वैज्ञानिकों इस परिकल्पना से पृथ्वी की उत्पत्ति के संबंध में अनेक तथ्यों की सत्यता को जानना संभव हो सका है ।
सर्वमान्य धारणा यह है कि पृथ्वी की उत्पत्ति एक तारे से हुई है । लगभग 4 अरब 60 करोड़ वर्ष पूर्व अंतरिक्ष में धूल एवं गैसों का विशालकाय तप्त पिंड परिभ्रमण कर रहा था । अपने ही गुरुत्वीय प्रभाव के कारण यह सिकुड़ता गया । इसकी आकृति तश्तरी के समान हो गयी । धूल और गैसों का यह पिण्ड सिकुड़कर छोटा होता गया और घूर्णन गति तीव्र होती गयो । घूर्णन की वृद्धि से यह पिण्ड छिन्न — भिन्न होकर कई टुकड़ों में बंट गया । केन्द्रीय भाग मंद पड़कर सूर्य बन गया । शेष टूटे खण्ड ग्रहों के रूप में बदलते गये ।
और पढ़े https://www.palclasses.com/2020/05/origin-of-earth_31.html?m=1
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Prithvi ki utpatti , पृथ्वी की उत्पत्ति ,

03/06/2020

अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी से संबद्ध जिले के 19 शासकीय व अशासकीय कॉलेज हैं। इनमें नियमित व स्वाध्यायी के 28 हजार छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं 14 मार्च से रद्द हो गई थीं। उसके बाद से छात्रों को शासन व यूनिवर्सिटी के निर्णय का इंतजार था। इन छात्रों को छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग से 71 दिन बाद राहत की खबर मिली है। जिसे लेकर जनरल प्रमोशन पाने ले छात्रों में खुशी है, लेकिन उन्हीं की क्लास के वे छात्र जो केजुअल या फिर स्वाध्यायी थे उनमें इस निराशा है, क्योंकि आदेश के अनुसार उन्हें परीक्षा में बैठना पड़ेगा।
छत्तीसगढ़ शासन, उच्च शिक्षा विभाग विभाग के उप सचिव जीएल सांकला के द्वारा सोमवार की देर रात जारी हुए आदेश से राहत जरूर मिली है, लेकिन अंतिम निर्णय अब संबंधित यूनिवर्सिटी की ओर से आना बाकी है। जिले के सभी कॉलेज अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी से संबद्ध हैं। ऐसे में जब तक वहां से कोई दिशा निर्देश नहीं आ जाता तब तक कुछ भी कहना उचित नहीं होगा। यह भी है कि शासन के आदेश में कुछ ज्यादा उलट फेर यूनिवर्सिटी प्रबंधन भी नहीं कर सकते। उप सचिव सांकला द्वारा जारी 8 बिंदुओं के निर्देश के आधार पर परीक्षाएं आयोजित की जा सकेंगी। उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार यूजीसी के दिशा निर्देश के अनुसार वार्षिक परीक्षा पद्धति अंतर्गत अंतिम वर्ष व सेमेस्टर परीक्षा पद्धति अंतर्गत अंतिम सेमेस्टर को छोड़कर अन्य सभी कक्षाओं के लिए वार्षिक, सेमेस्टर परीक्षा आयोजित नहीं होगी। जनरल प्रमोशन पाने छात्रों की अंक सूची आंतरिक मूल्यांकन के साथ पिछले वर्ष की परीक्षाओं के आधार पर तैयार होगी।
डिग्री अहम इसलिए होगी अंतिम वर्ष की परीक्षा
यूजी अंतिम वर्ष व पीजी अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं कराने के पीछे शासन की मंशा साफ है। क्योंकि अंतिम वर्ष की मुख्य परीक्षा के आधार पर संबंधित छात्र को सर्टिफिकेट दिया जाता है। जिससे आगे चलकर जॉब के लिए अहम होता है। इनकी परीक्षाएं नहीं कराने से उनका भविष्य खराब हो सकता है। बिना डिग्री अथवा उपाधि प्रमाण पत्र के उन्हें कहीं भी वेकेंसी निकलने पर अवसर नहीं मिलेगा।
19 हजार छात्रों को मिलेगा जनरल प्रमोशन का लाभ
उच्च शिक्षा विभाग से जारी आदेश पर अगर अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी प्रबंधन अमल करता है तो इसका लाभ जिले के सभी 19 कॉलेजों में नियमित अध्ययन करने वाले 19 हजार छात्र-छात्राओं को मिलेगा। इन्हें परीक्षा में नहीं बैठना होगा। यूनिवर्सिटी से उन्हें जनरल प्रमोशन दे दिया जाएगा। शेष 9 हजार छात्रों जो अंतिम वर्ष के साथ स्वाध्यायी कक्षाओं में हैं उन्हें ही परीक्षा देनी होगी।
बाहर पढ़ने वाले छात्र लौटने लगे अपने घर
जिले के अधिकांश छात्र उच्च शिक्षा की पढ़ाई के लिए छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में गए हुए थे। वे लॉक डाउन के कारण फंस गए थे। परीक्षा कि नई तिथि घोषित नहीं होने के कारण इन छात्रों के साथ उनके अभिभावक भी असमंजस में पड़े हुए थे। लेकिन इस आदेश के बाद संबंधित जिलों में रुके छात्र-छात्राएं अपनों के पास लौटने लगे हैं। यहां से बड़ी संख्या में छात्र बिलासपुर, रायपुर, भिलाई में रहकर पढ़ाई करते हैं।
यूनिवर्सिटी के सर्कुलर का इंतजार: डॉ. सक्सेना
शासकीय पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरके सक्सेना ने कहा कि अभी कुछ भी कहना उचित नहीं होगा। उन्होंने बताया कि अभी उच्च शिक्षा विभाग का आदेश मिला है, जिसे सुझाव के रूप में लिया जा रहा है। इस सुझाव का किस यूनिवर्सिटी द्वारा कितना पालन कराया जाएगा यह निर्णय उनको लेना है। संभावना है कि यूनिवर्सिटी भी परीक्षा को लेकर शीघ्र ही सर्कुलर जारी करेगा।

10 कॉलेज क्वारेंटाइन सेंटर, कैसे होंगी परीक्षाएं
उच्च शिक्षा विभाग ने भले ही परीक्षा के लिए आदेश जारी कर दिया है। लेकिन जब तक जिला प्रशासन कॉलेजों को फ्री नहीं करेंगे तब तक परीक्षाएं आयोजित कराना आसान नहीं होगा। जिले के 10 कॉलेजों को जिला प्रशासन के निर्देश पर क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया है। जहां बाहर से आने वाले मजदूरों को 14 दिन के लिए रखा गया है। जांच के बाद रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही उन्हें घर जाने दिया जा रहा है।

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Students get news of relief after 72 days, 19 thousand students will get general promotion

source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bilaspur/korba/news/students-get-news-of-relief-after-72-days-19-thousand-students-will-get-general-promotion-127368269.html http://palonlineclasses.blogspot.com/2020/06/72-19.html

03/06/2020

आगामी 5 जून को रायपुर रेलवे स्टेशन से उत्तरप्रदेश के लिए स्पेशल ट्रेन रवाना होगी। लॉकडाउन से छत्तीसगढ़ में फंसे यूपी के श्रमिकों को घर भेजने यह ट्रेन चलाई जा रही है। जिले से जाने के इच्छुक लोग कंट्रोल रूप में सूचना देकर नाम दर्ज करा सकते हैं।
प्रदेश सरकार दूसरे राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के लोगों को वापस लाने के साथ-साथ प्रदेश में फंसे श्रमिकों को भी घर भेजने की पहल हो रही है। 5 जून को रायपुर रेलवे स्टेशन से स्पेशल ट्रेन उत्तरप्रदेश जाएगी। कंट्रोल रूम के फोन नंबर 07759-224608 या मोबाइल नंबर 93400-64533 पर फोन कर जानकारी लेकर अपना नाम, पता लिखवा सकते हैं। अभी तक उत्तरप्रदेश जाने के लिए कोरबा से लगभग 100 लोगों ने अपनी सहमति देकर जरूरी जानकारी प्रशासन को उपलब्ध कराई है। उत्तर प्रदेश जाने वाले जिले के सभी लोगों को रायपुर से छूटने वाली स्पेशल रेलगाड़ी के निर्धारित समय अनुसार बसों द्वारा कोरबा से रायपुर पहुंचाया जाएगा। इनकी रवानगी के पहले उत्तर प्रदेश जाने वाले सभी लोगों का मेडिकल टेस्ट होगा। ट्रेन की रवानगी के पहले श्रमिकों की सूची उत्तरप्रदेश शासन को भी उपलब्ध कराई जाएगी।

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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bilaspur/korba/news/special-train-will-leave-from-raipur-to-send-up-workers-home-127368279.html http://palonlineclasses.blogspot.com/2020/06/blog-post_37.html

03/06/2020

क्षेत्र के ग्राम रलिया में लाल ईंट का अवैध कारोबार धड़ल्ले से जारी है। गांव के पास में ही एसईसीएल की गेवरा खदान है। ऐसे में इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है कि चोरी का कोयला यहां के ईंट भट्टों न खप रहा हो। लाल ईंट बनाने में मिट्टी का अवैध उत्खनन भी हो रहा है। खनिज विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने से ईंट भट्टा संचालकों के हौसले बुलंद है। ईंट भट्टे के लिए नदी किनारे की भूमि को चुना जा रहा है, इससे भूमि के कटाव से नदी के अस्तित्व को लेकर भी खतरा बना है। माइनिंग इंस्पेक्टर उत्तम खूंटे ने बताया कि लाल ईंट के अवैध कारोबार पर संचालक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

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Illegal red brick business in Ralia where stolen coal is being consumed

source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bilaspur/korba/news/illegal-red-brick-business-in-ralia-where-stolen-coal-is-being-consumed-127368286.html http://palonlineclasses.blogspot.com/2020/06/blog-post_38.html

03/06/2020

एमपी नगर क्षेत्र के समाजसेवियों ने रामपुर थाना के साथ पुलिस अधिकारियों का शॉल, श्री‌फल व चांदी का सिक्का देकर सम्मान किया। कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने प्रभावी कदम उठाने के लिए पुलिस अधिकारियों की प्रशंसा की गई। पूर्व पार्षद दिनेश वैष्णव, संतोष राय के साथ पहुंचे समाज सेवियों ने एसपी अभिषेक मीणा, एडिशनल एसपी उदय किरण, सीएसपी राहुल शर्मा, डीएसपी रामगोपाल करियारे, कोतवाली टीआई दुर्गेश शर्मा समेत जवानोें का सम्मान किया। इस मौके पर उषा नांबियार, राजेश नांबियार, धरमलाल सोलंकी, संतोष सिंह, संदीप सिंह, अशोक राठौर, भगवती अग्रवाल, जेके ज्वेलर्स के संचालक विजय सोनी समेत अन्य उपस्थित थे।

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SP, police officer and soldiers honored

source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bilaspur/korba/news/sp-police-officer-and-soldiers-honored-127368292.html http://palonlineclasses.blogspot.com/2020/06/blog-post_86.html

03/06/2020

कटघोरा ब्लाॅक के ग्राम पंचायत ढुरेना, विजयनगर में मंगलवार को 2 लाख की लागत से सार्वजनिक शौचालय के उद्घाटन समारोह इस तरह हुआ जैसे सामान्य दिनों में होता है। मंच पर विधायक पुरुषोत्तम कंवर के साथ ही जनपद अध्यक्ष लता कंवर, सरपंच व दीपका क्षेत्र के कांग्रेसी भी शामिल थे। मंच पर बैठे व खड़े जनप्रतिनिधियों में से एक दो ही मास्क लगाए नजर आए। जिन्होंने मास्क लगाया था वह लटक रहा था। इस तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है। शासन ने सरकारी कार्यक्रमों के आयोजन पर रोक लगाई है फिर भी ग्रामीण क्षेत्रों में जनप्रतिनिधि भूमिपूजन व उद्घाटन करते नजर आते हैं।

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Social distancing forgotten public representative at the inauguration of the toilet

source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bilaspur/korba/news/social-distancing-forgotten-public-representative-at-the-inauguration-of-the-toilet-127368300.html http://palonlineclasses.blogspot.com/2020/06/blog-post_91.html

03/06/2020

मैं इलाहाबाद (प्रयाग राज) में पिछले दो साल से मजदूरी करने जा रहा था। इस वर्ष दीपावली में अपने परिवार के साथ गया था। वहां ईंट-भट्‌ठा में काम करता था। लॉकडाउन के कारण वहीं फंस गया। प्रयागराज में एक बार बच्ची को चक्कर आया तो डॉक्टर के यहां दिखवाया। पीलिया की जांच भी कराई लेकिन वैसा कुछ नहीं बताया। वहां सब नार्मल बताया और कहा धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा। फिर वहां से किसी तरह एक निजी बस से घर आने की व्यवस्था बनी तो मैं 28 मई को मेरी दोनों बेटी, एक बेटा और पत्नी को लेकर चल दिया। 29 मई को बिलासपुर पहुंचा तो बड़ी बेटी जो कि 9 साल की है उसकी तबीयत थोड़ी खराब लगी। उसके मुंह से लार निकल रही थी, जिससे खून आ रहा था। वहां तहसीलदार साहब थे तो उन्होंने पुलिस वालों से कहकर ऑटो करवाया और मैं अपनी बेटी को लेकर सिम्स पहुंच गया। मेरी 4 साल की बेटी, 2 साल का बेटा और 27 साल की पत्नी को सीधे मेरे गांव डगनिया भेज दिया गया। 29 मई की सुबह जब मैं सिम्स पहुंचा तो पहले बेटी को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया। भर्ती होने से पहले बच्ची की हालत बहुत खराब नहीं थी, वह खा पी रही थी और बोल भी रही थी, लेकिन भर्ती करने के बाद हालत बिगड़ गई। तो डॉक्टर कहने लगे कि इसकी जान को खतरा है। खून की कमी थी तो एक यूनिट खून भी चढ़ाया। वहीं कोरोना जांच के लिए सैंपल भी लिया गया। फिर हमें जनरल वार्ड में भर्ती कर दिया। यहां उसकी हालत इतनी बिगड़ गई की खाना-पीना भी छोड़ दिया। बोल भी नहीं पा रही थी। सिम्स के डॉक्टरों ने मेरी बेटी की जान का हवाला देकर मुझसे तीन बार अगूंठा लगवा लिया। मैंने पूछा भी क्या लिखा है तो बोले, हालत बिगड़ रही है इसलिए डॉक्टरों के ऊपर कुछ न आए इसलिए आपके हस्ताक्षर जरूरी हैं। बच्ची की हालत लगातार बिगड़ती ही जा रही थी और मैं पूरी तरह परेशान था, मैंने कहा कि अगर आप लोग कुछ नहीं कर पा रहे है तो मैं बच्ची को किसी निजी अस्पताल ले जाऊंगा। जैसे ही मैंने ये कहा तो उन्होंने कहा यहां हस्ताक्षर कर दो। मैं अनपढ़ आदमी हूं। पढ़ा लिखा हूं नहीं, मुझे पता नहीं उन्होंने कागज में क्या लिख रहा था, जबकि मैं हस्ताक्षर भी नहीं कर पाता, मुझे अपनी बेटी की जान बचाने की लगी थी तो मैंने उनके कागज पर अंगूठा लगा दिया और 30 मई को बच्ची को वैन से लेकर निजी अस्पताल की ओर निकला ही था कि गांधी चौक के पास उसकी मौत हो गई। मेरे साथ बच्ची के नाना और मेरा भाई था। फिर शव को गांव लेकर आए तब तक शाम हाे गई थी। फिर 31 मई को सुबह उसे अपने खेत में दफनाया। अभी मैं एक बेटी, एक बेटा और पत्नी के साथ डगनिया क्वारेंटाइन सेंटर में हूं। सिम्स में मुझे बार-बार मेरी बेटी की जान को खतरा होने की बात कही जा रही थी। मैं बुरी तरह डरा था, मुझे डरा-डरा कर अगूंठा लगवाया गया। अब चाहे डॉक्टर ये कह दें कि मैं अपनी मर्जी से लेकर आया हूं। अगर मेरी बेटी को आराम होता तो क्याें दूसरे अस्पताल ले जाता। उसे पहले से कोई बीमारी नहीं थी। मुझे लगा कि पीलिया है लेकिन पहले जांच कराई थी तो पीलिया भी नहीं निकला था। अब बच्ची की मौत कैसे हो गई ये तो मुझे नहीं मालूम।
जैसा दैनिक भास्कर के रिपोर्टर राजू शर्मा को 9 साल की मृतक बच्ची के पिता ने बताया

मासूम सहित एक ही परिवार के तीन कोरोना पॉजिटिव मिले
बिलासपुर | जिले में एक ही परिवार के चार लोगों को कोरोना हो गया है। मंगलवार को 30 वर्षीय पिता और उनके तीन साल के बेटे के साथ 23 साल के युवक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जबकि आठ महीने का बच्चा पहले ही एम्स में कोरोना से जंग लड़ रहा है। बिल्हा में मिले तीनों मरीजों को मिलाकर अब तक जिले में 61 पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं। इनमें छह ठीक भी हो चुके हैं। जानकार बता रहे हैं कि 30 वर्षीय युवक की बहन के संपर्क में आने से चारों लोगों को संक्रमण हुआ है। युवक की बहन 18 मई को आगरा से लौटी थी और 24 मई को 19 वर्षीय महिला और उसकी चार माह की बच्ची की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके ठीक छह दिन बाद आठ महीने की बच्चे को कोरोना की पुष्टि हुई। और अब तीन और लोग इस घर में पॉजिटिव पाए गए।

वे अपनी मर्जी से बच्ची को लेकर गए

सिम्स की पीआरओ व कोरोना ओपीडी की नोडल अधिकारी डॉ. आरती पांडेय का इस मामले में कहना है कि 29 मई को जब उसके पिता बच्ची को लेकर आए थे तो वह होश में थी, लेकिन सुस्त थी। हमने उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया- जब उसकी हालत बिगड़ती गई तो पता चला कि उसे ब्लड की कमी है। खून की उल्टी भी की थी। फिर भी स्थित में सुधार नहीं हुआ तो हमने सलाह दी कि बच्ची को रायपुर एम्स रेफर कर देते हैं लेकिन पिता ने जाने से मना किया और कहा कि हम अपने डॉक्टर को दिखवाएंगे। आप हमें जाने दीजिए। फिर मैंने उनसे एक कागज में लिखवाया कि आप अपनी मर्जी से मरीज को ले जा रहे हैं। इसके बाद वे कहां गए मुझे पता नहीं, हमने इसकी जानकारी पुलिस को भी दे दी थी। बच्ची को ब्लड कैंसर होने की संभावना है लेकिन पक्का नहीं कह सकती कि उसकी मौत ब्लड कैंसर से हुई या फिर कोरोना से। ये नहीं बता पाऊंगी।

पिता अनपढ़, फिर किसने लिखी चिट्‌ठी?
कोरोना आेपीडी की नोडल अधिकारी डा. अारती पांडेय ने मोबाइल में एक चिट्ठी दिखाई जिसमें लिखा था कि मरीज की स्थिति अत्यंत गंभीर है ये जानते हुए भी मैं अपनी इच्छा से मरीज को लेकर घर जा रहा हूं। रास्ते में या फिर और कहीं मरीज को कुछ होता है तो सिम्स प्रबंधन और प्रशासन की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। जबकि मृतक के पिता खुद कह रहे हैं कि मैं लिख नहीं पाता। हस्ताक्षर नहीं कर पाता, अगूंठा लगाता हूं। सवाल ये है कि फिर यह चिट्ठी किसने लगी?

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ये है डगनिया क्वारेंटाइन सेंटर। यहीं रुका है मृतक बच्ची का पूरा परिवार।

source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bilaspur/news/father-said-the-baby-was-fine-only-after-coming-to-sims-condition-deteriorated-127368321.html http://palonlineclasses.blogspot.com/2020/06/blog-post_56.html

03/06/2020

सरकार की ओर से भले ही ऑटो चलाने का फरमान जारी हो गया है, पर इनका पहिया अभी भी थमा हुआ है। इसका लाभ सवारी व ऑटो मालिक या चालकों को नहीं मिल रहा है। कोरोना संक्रमण के चलते सभी को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य है। लॉकडाउन में ऑटो को छूट मिलने के बाद यह शहर में इक्का-दुक्का ही नजर आ रहे हैं। यदि डीजल ऑटो से किसी को रेलवे स्टेशन से नेहरू चौक, बस स्टैंड, सीपत चौक, राजकिशोर नगर या मोपका चौक जाना हो तो आरटीओ से केवल 10 रुपए ही किराया फिक्स है। यह रेट पहले से तय है। कोरोना के चलते अन्य वाहनों के साथ ऑटो भी बंद कर दिए गए थे। ऐसे में ऑटो मालिक व चालकों के सामने रोजी-रोटी की समस्या शुरू हो गई। लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद सरकार ने सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर ऑटो चलाने का फरमान जारी किया है पर सड़क पर अभी भी काफी कम गाड़ियां देखने को मिल रही है। शहर में पेट्रोल की 2000, डीजल की 3000 व बैटरी से चलने वाली करीब 500 गाड़ियां सहित करीब 5500 गाड़ियां है। इनमें से केवल 100 गाड़ियां ही चल रही हैं।
किराया से अधिक डीजल लग रहा- ऑटो चालक
जरहाभाठा निवासी ऑटो चालक राजू मसीह ने बताया कि उसके पास डीजल गाड़ी है। दो सवारी बिठाना है। मोपका से नेहरू चौक जाने में ही कम 40-50 रुपए का डीजल जलता है। दो सवारी ले जाने पर 20 रुपए ही मिल रहा है। ऐसे में घाटा है। नूतन चौक निवासी किशोर भार्गव का कहना है कि ऑटो चालकों के पक्ष में सरकार को निर्णय लेना होगा। अभी तो वे ऑटो में सब्जी बेच रहे हैं। जब सबकुछ ठीक हो जाएगा तो देखा जाएगा। ।
अब नियम से चलाना होगा-आरटीओ
आरटीओ प्रेम प्रकाश शर्मा का कहना है कि अभी सोशल डिस्टेंसिंग में जितनी सवारियां ले जाना है, वह तो इनके परमिट में ही है। उतने ही की तो परमिट ले रखे हैं। ऐसा नहीं है अभी गाड़ी की कैपेसिटी कम कर दी गई है। अभी तक गलत तरीके से गाड़ी चलाकर फायदा उठा रहे थे। यदि गाड़ियों में सोशल डिस्टेसिंग का पालन नहीं करेंगे तो सवारी भी बैठने के लिए तैयार नहीं होगी। बात रेट की है तो इन्हें शासन का रेट गाड़ी खरीदने से पहले से ही पता है।

भूखे मरने की नौबत-संघ : डीजल ऑटो संघ केअध्यक्ष राकेश सोनकर का कहना है कि ऑटो चालकों के सामने भूखे मरने की नौबत है। एक-एक टाइम खाना खाकर गुजर बसर कर रहे हैं। सवारियां नहीं है। जब तक ट्रेन या बसें नहीं चलेंगी, उन्हें सवारियां नहीं मिलेंगी।

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Less ride in auto, no money is left out of diesel

source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bilaspur/news/less-ride-in-auto-no-money-is-left-out-of-diesel-127368343.html http://palonlineclasses.blogspot.com/2020/06/blog-post_84.html

03/06/2020

जनशताब्दी एक्सप्रेस के बाद मंगलवार को बिलासपुर रेलवे स्टेशन से मेल व अहमदाबाद एक्सप्रेस गुजरी। इनसे 131 यात्री बिलासपुर स्टेशन में उतरे और 122 यात्री इन ट्रेनों में सवार होकर आगे रवाना हुए। रेलवे बोर्ड के आदेश अनुसार हावड़ा से 1 जून को शाम 7:00 बजे हावड़ा मुंबई मेल रवाना हुई जो सुबह 7:25 बजे बिलासपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 5:00 पर पहुंची। इस ट्रेन से 56 यात्री उतरे और 46 यात्री सवार होकर आगे गंतव्य को रवाना हुए। वहीं दोपहर 12:30 बजे हावड़ा- अहमदाबाद एक्सप्रेस बिलासपुर पहुंची। इस ट्रेन से 75 यात्री उतरे और 76 यात्री इसमें सवार होकर आगे गंतव्य को रवाना हुए। दोनों ही समय रेल प्रशासन ने थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था करा रखी थी। लॉकडाउन के बाद मंगलवार को पहली बार बिलासपुर स्टेशन से प्रातः हावड़ा-सीएसएमटी व दोपहर हावड़ा-अहमदाबाद स्पेशल एक्सप्रेस गुजरी। रेलवे के ठहराव वाले सभी स्टेशनों से हावड़ा-सीएसएमटी स्पेशल एक्सप्रेस से कुल 177 यात्री अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए तथा कुल 238 यात्री विभिन्न स्टेशनों में उतरे।

4 जून से मेल व अहमदाबाद, टाटानगर और चक्रधरपुर स्टेशन में नहीं रुकेगी
झारखंड सरकार के अनुरोध पर रेलवे प्रशासन ने मुंबई-हावड़ा-मुंबई मेल और अहमदाबाद-हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस को 4 जून से टाटानगर व चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन में स्टॉप नहीं देने का निर्णय लिया है। यह स्पेशल ट्रेन आगामी आदेश तक इन स्टेशनों में नहीं रुकेगी। कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए झारखंड सरकार ने अपने राज्यों के दो प्रमुख रेलवे स्टेशन टाटानगर और चक्रधरपुर में भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही स्पेशल ट्रेनों को नहीं रोकने की गुजारिश की थी।

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46 passengers from Mail and 76 passengers from Ahmedabad Express boarded Bilaspur

source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bilaspur/news/46-passengers-from-mail-and-76-passengers-from-ahmedabad-express-boarded-bilaspur-127368350.html http://palonlineclasses.blogspot.com/2020/06/46-76.html

03/06/2020

सेंट्रल यूनिवर्सिटी के छात्र के मकान में चोर भीतर घुसकर करीब एक लाख रुपए का माल पार कर ले गए। घटना कोनी थाना क्षेत्र की है। रिवर व्यू कॉलोनी निवासी अमन कुमार सिंह पिता भगवान केशवर गुरु घासी दास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के वानिकी विभाग में शोध छात्र हैं। मकान में अपने साथी आशुतोष आनंद और राजीव प्रताप सिंह के साथ किराए पर रहता है। लॉकडाउन होने के कारण बाकी दोनों साथी अपने मूल निवास उत्तर प्रदेश व बिहार चले गए हैं। अमन 24 मई को अपने बुआ के घर देवरीखुर्द तोरवा आ गया था। 30 मई को मकान मालिक ने उसे फोन कर मकान का दरवाजा खुला होने की जानकारी दी तो तो वह आया। सामने का दरवाजा खुला था और मास्टर लाक लगा था। इसकी एक चाबी अमन के पास थी। दूसरी मकान मालिक के पास पर वह गुम हो गई थी।। पुलिस का कयास है कि किसी व्यक्ति ने उसी खोई हुई चाबी का इस्तेमाल कर वारदात को अंजाम दिया है।

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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bilaspur/news/one-lakh-stolen-from-home-of-student-studying-in-cu-127368358.html http://palonlineclasses.blogspot.com/2020/06/blog-post_66.html

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