03/11/2017
थोड़ा समय निकाल कर, आप सभी जरूर पढें इस पोस्ट को ..... खास कर के मेरे सभी entrepreneur दोस्त या जो entrepreneur बनने की सोंच बैठे हैं वो जरूर पढे इस पोस्ट को .....
---- ये entrepreneurship नहीं आसान ----
इसमे हजारों तरह के दुख झेलने पड़ते हैं ...
आपके जॉब कर रहे दोस्तों की तरह आप के पास हर महीने की 1 तारीख को फिक्स amount की सैलरी नहीं आती इसमे, जिससे आप हर वीकेंड मस्ती करने चले जाओ । इसमे ऐसा बिल्कुल नहीं होता की आपका बैंक बैलेन्स हमेशा संतुलित ही सही, लेकिन भरा रहे । आप के सपनों को पूरे करने के लिए छोटी छोटी जरूरतों को मारने की जरूरत है यहाँ, ना कि, अपने दोस्तो की तरह जिसे सैलरी मिलते ही छोटी जरूरतों को पूरे कर लेने की आदत है । कभी कभी जीरो बैलेन्स के साथ सोना भी पड़ता है यहाँ । हाँ ये entrepreneurship नहीं आसान ... ॥
शुरुआत के दौर मे जब आपके दोस्त, बाइक अपने पैसों की खरीद लेते हैं और शो ऑफ करते हैं... वहीं आप अपने थोड़े कमाए पैसों को भी बचा के अपने आइडिया को एक नया आयाम देने के लिए रख लेते हो या उसमे लगा देते हो । जब कोई दूसरा दोस्त iphone खरीद कर आपको अपनी खुशियाँ बताता है, तो खुशी तो होती है और चाहत भी की खरीद लूँ लेकिन अपने पुराने फोन की तरफ देख कर आपको संतुष्ट सिर्फ इसलिए होना पड़ता है की, जिन पैसो से iphone खरीदने की सोंच रहे हो उन्ही पैसों से तो अपना empire खड़ा करना है आगे चल कर । वही पैसे तो आधार स्तम्भ है आपकी सफलता की । जब कोई दोस्त हर वीकेंड मस्ती करने के लिए मूवी देखने जाता है, मन तो बड़ा होता है की हम भी जाए लेकिन तभी ख्याल आता है की अरे यार इस महीने ऑफिस की रेंट भी देनी है और इंटरनेट का बिल भी तो बाकी है अभी, ऐसी ख्यालो के साथ आपको मन मसोट कर रह जाना होता है इस सफर में । जी हाँ, ये entrepreneurship नहीं आसान...
जब घर आते हो, अपने घर वालो के चेहरे को हर दिन ऐसे देखना होता है जैसे वो आप से बहुत सारी आशाएँ लिए बैठे हैं, और कह रहे है जैसे
“बेटा अब तुम ही हमारी उम्मीद हो” ।
काश तुम नौकरी कर रहे होते तो अब तक अपना घर भी थोड़ा व्यवस्थित हो चुका होता । काश तुम नौकरी कर रहे होते तो हम तुमसे कुछ मांग पाते । चलो कुछ के मम्मी पापा तो संतुष्ट हैं लेकिन कुछ के घरवाले तो इस तरह से व्यवहार करते हैं जैसे entrepreneurship करने का फैसला ले कर उसने मर्डर किया हो किसी का । और फिर रेलेटिव्स का ताना भी तो सुनना एक भाग है entrepreneur बनने के सफर में ।
फलाने का बेटा इसके साथ ही ग्रेजुएट हुआ है और देखो आज लाखों रुपए कमा रहा है । और वो शर्मा जी का बेटा, उसने तो बैंक PO कि सरकारी जॉब ले ली है अब । उसके तो मज़े हैं । कोशिश की और बन गया सरकारी साहेब । अब क्या सोचना उसको ....
कांटे कि तरह चुभती हैं ये बातें दोस्तों, सिर्फ बाहरी दिखावा सब कुछ नहीं होता... जब तक आपके पास इन सब चीजों को सहने का और इनसे लड़ कर आगे बढ्ने का जुनून ना हो । इनको एक दिन जवाब मैं ही दूँगा, ऐसा विश्वास खुद के अंदर अगर है तो ही आगे बढ़ना । उस जुनून को अपना व्यवसाय बनाना हो और उतनी हिम्मत और साहस हो तो ही उद्यमिता (एंटर्प्रिन्यरशिप) चुनना क्यूंकी एक entrepreneur का सफर कभी आसान नहीं होता, यहाँ तक कि सफल होने के बाद भी संतुलन नहीं आती एक उद्यमी के मन में । एक छोटी सी सफलता भी उसके चहरे पर लाखों करोड़ो मुस्कान का कारण बन जाती है । एक छोटा सा नवोन्मेष प्रयोग जब सफल होता है तो एक entrepreneur के मन मे वो हर्षोल्लाष का लहर कौंध जाता है जो शायद एक iphone खरीदने से भी ज्यादा खुशी दे जाती है उसे । वो हमेशा अपने उद्यम को अभी के समय से 10 गुना ज्यादा ऊंचाई पर ले जाने कि सोचता है । वो कभी संतुष्ट नहीं होता अपने किए काम से ।
और हाँ इसे लालच का नाम नहीं देना आप लोग प्लीज, क्यूंकी ये लालच नहीं है। ये नए भारत का निर्माण करने के लिए, और जिन लोगो (दोस्तो) का मैंने जिक्र किया (employee लाइफ जीने वाले) उनके लिए उनके जीविका का साधन बनने कि सीढ़ी है। हमेशा याद रखना job seeker कि जगह job creator बनना अपने आप मे एक ऐसी सफलता है, जिससे हजारो... और भविष्य मे लाखों घरो कि दुआएं मिलती है क्यूंकी आप उनके घरो को चलाने के लिए उन्हे जीविका दे रहे होते हो । पैसा आज नहीं है, कल होगा, अपने बल बूते होगा .... और इसी विश्वास पर अगर अडिग हो तो entrepreneur बनने कि सोचना नहीं तो ... फिर से वही कहूँगा ....
जी हाँ, ये entrepreneurship नहीं आसान.... ॥ ....... अभी तक की उद्यमिता (entrepreneurship) के यात्रा के अनुभव से ....
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