GRD Rahul

Contact the school

GRD Rahul स्वतंत्र पत्रकार || अपराध और समाज से जुड़ी सिर्फ प्रमाणित खबरें

मुरैना के जड़ेरुआ गांव में 10 सितंबर को रूबी गुर्जर की फांसी लगाकर आत्महत्या बताई गई मौत, हत्या में बदल गई है। पुलिस के ...
27/09/2026

मुरैना के जड़ेरुआ गांव में 10 सितंबर को रूबी गुर्जर की फांसी लगाकर आत्महत्या बताई गई मौत, हत्या में बदल गई है। पुलिस के हाथ लगे 2 मिनट 27 सेकंड के ऑडियो में रूबी के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी से जुड़ी बातचीत रिकॉर्ड है।

पुलिस के मुताबिक- पति रामराज गुर्जर और चाचा ससुर लखना गुर्जर ने मिलकर रूबी की गला दबाकर हत्या की, फिर शव को फंदे पर लटका दिया। इससे मामला आत्महत्या का लगे। नूराबाद पुलिस ने रामराज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि लखना फरार है।

मौत से पहले प्रेमी को फोन किया, बातचीत रिकॉर्ड होती रही

रूबी का उत्तर प्रदेश के हरदोई निवासी अनुज से अफेयर था। पुलिस के अनुसार- वह अपने पति को तलाक देकर अनुज के साथ रहना चाहती थी। इसी वजह से वह पहले भी दो बार घर छोड़कर हरदोई में अनुज के पास जा चुकी थी।

पुलिस के मुताबिक, 9 सितंबर को रामराज ने रूबी को उसकी मां के साथ जड़ेरुआ बुलाया था। कहा था कि बच्चे उसे याद कर रहे हैं। रूबी के दो बेटे हैं, जिनकी उम्र 5 और 8 साल है। वह मां के साथ गांव पहुंची, बच्चों से मिली और शाम को वापस चली गई।

अगले दिन 10 सितंबर को रामराज और उसके चाचा-ससुर ने रूबी को फिर मां के साथ बुलाया। इस बार कहा गया कि मकान मालिक मोहन राजपूत से जुड़े मामले में समझौता और पैसों को लेकर बात करनी है।

यह भी कहा गया कि रूबी आएगी तो रामराज लिखकर देगा कि वह अपनी मर्जी से कहीं जा सकती है और प्रेमी के साथ रह सकती है। तलाक के लिए पुलिस और कोर्ट में दिखाने के लिए भी दस्तावेज तैयार करने की बात कही गई।

रूबी अपनी मां के साथ वहां पहुंची। पुलिस के अनुसार, उसे कुछ गड़बड़ लगी तो उसने चुपचाप प्रेमी अनुज को फोन कर दिया। इसी दौरान अनुज के मोबाइल पर बातचीत रिकॉर्ड हो गई।

ऑडियो में क्या-क्या है

रिकॉर्डिंग में रूबी के घबराने और अंदर जाने से इनकार करने की आवाज सुनाई देती है। बातचीत में रामराज की ओर से धमकी दी जाती है…

रामराज: “मार दूंगा।”

रूबी जाने से मना करती है।

इस पर उसकी मां कहती है- “कोई नहीं मार रहा, मैं संग हूं।”

रूबी फिर कहती है- “नहीं-नहीं।”

रामराज की आवाज आती है- “अभी हाथ नहीं लगाया, जान से मार दूंगा।”

मां कहती है- “मैं हूं भीतर।”

रूबी अपनी मां से कहती है- “तुम बैठ जाओ।”

मां फिर कहती है- “कोई नहीं मार रहा।”

इसके बाद चाचा-ससुर लखना की आवाज रिकॉर्ड होती है- “मारते तो तुझको क्यों लाते, पहले ही मार देते।”

इसके बाद रूबी को दोनों के काबू करने की आवाजें आती हैं। रूबी चीखते हुए बार-बार कहती है- “मम्मी ओ मम्मी... मम्मी ओ मम्मी...”

इसके कुछ देर बाद रूबी की आवाज बंद हो जाती है। रिकॉर्डिंग में इसके बाद भी कुछ देर तक धक्का-मुक्की और हलचल जैसी आवाजें आती हैं। पुलिस इस ऑडियो को हत्या की जांच में अहम साक्ष्य मान रही है।

कहानी की कड़ी जुलाई से जुड़ती है…

रूबी और अनुज के प्रेम प्रसंग की जानकारी पुलिस को पहले से थी। जुलाई 2026 में रूबी अपने पति के साथ मुरैना शहर की दुर्गा विहार कॉलोनी में किराए से रहने आई थी। इसी दौरान वह घर छोड़कर हरदोई में अनुज के पास चली गई थी।

पति की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस उसे उत्तर प्रदेश से बरामद कर मुरैना लाई। इसके बाद कोर्ट में धारा 164 के तहत रूबी के बयान दर्ज कराए गए।

पुलिस के अनुसार, इन बयानों में भी रूबी ने पति और उसके परिजनों पर आरोप लगाए थे और कहा था कि ये लोग उसकी हत्या कर सकते हैं। बयान दर्ज होने के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

मकान मालिक पर का आरोप भी आया

अगस्त में रूबी ने पति के कहने पर मकानमालिक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया और पुलिस में शिकायत की। इस मामले की पुलिस जांच कर रही थी। इसके बाद रूबी अपने पति के साथ जड़ेरुआ गांव चल

वकील का कहना था कि मकान मालिक निर्दोष था। उनके मुताबिक, रूबी के पति ने उससे कहा था कि यदि वह उसके खिलाफ मामला दर्ज कराएगी तो वह उसे उसके प्रेमी के साथ रहने देगा और कोर्ट में तलाक दे देगा। वकील का आरोप है कि बाद में रूबी की हत्या का आरोप भी मकान मालिक पर डालने की कोशिश की गई।

अगस्त में दूसरी बार घर छोड़कर हरदोई पहुंची

अगस्त 2026 में रूबी फिर घर से निकलकर हरदोई में अनुज के पास चली गई। इस बार नूराबाद थाने में गुमशुदगी कायम हुई। पुलिस ने उसे बरामद किया और रूबी की मर्जी के मुताबिक उसे मायके वालों के सुपुर्द कर दिया।

9 सितंबर को उसके पति रामराज ने रूबी को उसकी मां के साथ जड़ेरुआ बुलाया। बताया गया कि बच्चे अपनी मां को याद कर रहे हैं। रूबी के दो बेटे हैं, जिनकी उम्र 5 और 8 साल बताई गई है।

रूबी मां के साथ बच्चों से मिलने गांव पहुंची और शाम को वापस चली आई। पुलिस के मुताबिक, इस मुलाकात के बाद उसे लगा कि शायद अब पति उसके साथ मारपीट नहीं करेगा।

10 सितंबर को फिर बुलाया, अगले दिन सामने आई मौत

10 सितंबर को रूबी को दोबारा मां के साथ जड़ेरुआ बुलाया गया। इस बार मकान मालिक से राजीनामा और रकम मिलने की बात कही गई। साथ ही पति की ओर से तलाक के बाद उसे प्रेमी के साथ रहने देने की बात भी कही गई।

यहीं पहुंचने के बाद रूबी को अनहोनी का अंदेशा हुआ और उसने अनुज को फोन कर दिया। कॉल रिकॉर्ड होती रही। इसी दौरान हुई घटना में पुलिस के अनुसार रामराज और लखना ने रूबी की हत्या कर दी और फिर उसे फांसी पर लटका दिया।

पुलिस के हाथ कैसे आया हत्या का सुराग?

10 सितंबर को रूबी की मौत की सूचना पर नूराबाद पुलिस ने आत्महत्या का मर्ग कायम किया था। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस के हाथ ऑडियो रिकॉर्डिंग लगी।

थाना प्रभारी एसआई सौरभ पुरी के अनुसार, सिविल लाइन पुलिस से संपर्क करने पर रूबी के जुलाई में बरामद होने और उसके कोर्ट में दिए गए बयान की जानकारी मिली।

इन पुराने बयानों में भी रूबी ने पति से हत्या का खतरा बताया था। इसके बाद उसके प्रेमी अनुज ने उत्तर प्रदेश से वॉट्सऐप के जरिए पुलिस को ऑडियो साक्ष्य उपलब्ध कराया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, पुराने बयान और ऑडियो को जांच में शामिल किया।

पुलिस के अनुसार, इन साक्ष्यों के आधार पर मामला आत्महत्या से हत्या में बदल गया। 13 सितंबर को हत्या की FIR दर्ज की गई।

पति गिरफ्तार, चाचा ससुर फरार

नूराबाद पुलिस ने रामराज गुर्जर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उसका चाचा ससुर लखना गुर्जर अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

थाना प्रभारी सौरभ पुरी के मुताबिक, मामले में अन्य एंगल पर भी जांच जारी है। पुलिस ने रूबी के प्रेमी अनुज को बयान दर्ज कराने के लिए कई बार बुलाया है, लेकिन वह अभी तक नहीं आया है। पुलिस के अनुसार, वह डरा हुआ है।

रूबी की मां के घटना के समय मौजूद होने की भी पुष्टि हुई है। पुलिस इस पहलू समेत मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है।

जुलाई से सितंबर तक ऐसे बदली पूरी कहानी

जुलाई 2026: रूबी पति का घर छोड़कर हरदोई में प्रेमी अनुज के पास गई। सिविल लाइन पुलिस ने उसे बरामद किया।

जुलाई 2026: कोर्ट में धारा 164 के तहत बयान दर्ज हुआ। पुलिस के मुताबिक, रूबी ने पति और परिवार से जान का खतरा बताया।

अगस्त 2026: पति के कहने पर रूबी ने मकान मालिक मोहन राजपूत पर रेप का आरोप लगाकर शिकायत की। जांच शुरू हुई।

अगस्त 2026: रूबी दोबारा घर से निकलकर हरदोई गई। नूराबाद पुलिस ने उसे बरामद कर उसकी इच्छा पर मायके वालों को सौंपा।

9 सितंबर: पति ने रूबी को उसकी मां के साथ बच्चों से मिलने जड़ेरुआ बुलाया।

10 सितंबर: राजीनामा, रकम और तलाक से जुड़ी बात कहकर दोबारा बुलाया गया।

10 सितंबर: रूबी ने आशंका होने पर प्रेमी अनुज को फोन किया। बातचीत रिकॉर्ड हुई। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान रामराज और लखना ने उसकी हत्या कर शव को फांसी पर लटका दिया।

13 सितंबर: ऑडियो, पोस्टमॉर्टम और पुराने कोर्ट बयान की जांच के बाद हत्या की FIR दर्ज हुई।

13 सितंबर: पति रामराज गुर्जर गिरफ्तार हुआ, जबकि चाचा ससुर लखना गुर्जर फरार है।

इस केस में सबसे अहम 3 कड़ियां

पहली: जुलाई में हरदोई से बरामदगी के बाद कोर्ट में दिए गए रूबी के बयान, जिनमें पुलिस के अनुसार उसने पति से जान का खतरा बताया था।

दूसरी: 10 सितंबर को प्रेमी अनुज के फोन पर रिकॉर्ड हुई 2 मिनट 27 सेकेंड की बातचीत, जिसमें रूबी की चीख और धमकी की आवाजें रिकॉर्ड हुईं।

तीसरी: पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के साथ इन दोनों साक्ष्यों को जांच में शामिल करने के बाद पुलिस ने मौत को आत्महत्या के बजाय हत्या माना और FIR दर्ज की।

मेरठ में सोमवार को पति ने चुन्नी से गला घोंटकर पत्नी की ह त्nया कर दी। वारदात के बाद आरोपी खुद फतेहउल्लापुर चौकी पहुंचा ...
27/09/2026

मेरठ में सोमवार को पति ने चुन्नी से गला घोंटकर पत्नी की ह त्nया कर दी। वारदात के बाद आरोपी खुद फतेहउल्लापुर चौकी पहुंचा और पुलिस को पत्नी की हत्या करने की जानकारी दी। दोनों के बीच संपत्ति बच्चों के नाम करने को लेकर करीब 3 महीने से विवाद चल रहा था।

महिला के भाई की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती जांच में संपत्ति को लेकर विवाद की बात सामने आई है। घटना लोहियानगर थाना क्षेत्र के फतेहउल्लापुर गांव में हुई।

तीन बच्चों को माता-पिता के पास छोड़कर कमरे पर पहुंचा था

महिला के भाई सोनू ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसकी बहन शाहिस्ता (28) की करीब छह साल पहले परीक्षितगढ़ क्षेत्र के ऐंची खुर्द के रहने वाले चांद खां से शादी हुई थी। शादी के बाद दोनों जाकिर कॉलोनी में किराये के मकान में रहने लगे थे।

उनके चार बच्चे अली (5), शिफा (4), साढ़े तीन वर्षीय सुफियान और डेढ़ वर्षीय जियान हैं। कुछ समय पहले चांद को गांव में संपत्ति मिली थी। आरोप है कि वह नशे का आदी है। इसी वजह से शाहिस्ता पति से संपत्ति बच्चों के नाम करने की बात कह रही थी। इसे लेकर दोनों के बीच करीब तीन महीने से विवाद चल रहा था।

सोमवार सुबह चांद तीन बच्चों को ई-रिक्शा से अपने माता-पिता के पास छोड़ आया। इसके बाद दोपहर करीब 2:30 बजे वह कमरे पर पहुंचा। आरोप है कि वहां शाहिस्ता के साथ मारपीट करने के बाद चुन्नी से उसका गला घोंट दिया।

शाइस्ता की बहन ने बताया- उसने हमारी बेटी के साथ जैसा किया, उसके लिए उसे भी फांसी की सजा मिलनी चाहिए
शाइस्ता की बहन ने बताया- उसने हमारी बेटी के साथ जैसा किया, उसके लिए उसे भी फांसी की सजा मिलनी चाहिए
फांसी की सजा मिलनी चाहिए

शाइस्ता की बहन ने कहा- हमें बस इंसाफ चाहिए। उसने हमारी बेटी के साथ जैसा किया, उसके लिए उसे भी फांसी की सजा मिलनी चाहिए। बेचारी को उसने कई बार बहुत मारा-पीटा। हम उसे समझाते थे, लेकिन वह हमारी बात नहीं समझ पाई। सरकार से हमारी बस यही मांग है कि हमें इंसाफ मिले।

उसकी अम्मी को भी इस बारे में पता था। जब वह बच्चों को लेकर घर छोड़कर आया तो उसकी मां ने उससे यह तक नहीं पूछा कि बच्चे कहां से आए और उनकी मां कहां है। मां को यह पूछना चाहिए था कि वह बच्चों को अपने साथ कैसे लेकर आया।

वह जब भी घर आती थी तो उसके साथ मारपीट कर उसे घर से निकाल देता था। वह हर वक्त शराब और नशे में रहता था। कभी पैसों को लेकर विवाद करता था तो कभी किसी और बात पर मारपीट करता था। हमें बस इस मामले में इंसाफ चाहिए।

महिला का भाई बोला- जीजा हमेशा पैसों की मांग करते थे

महिला के भाई सोनू ने कहा- हमारे जीजा ने ही हमारी बहन की हत्या की है। उन्होंने उसके गले में पट्टा बांधकर उसकी जान ली। जब हम मौके पर पहुंचे तो पुलिस भी वहां पहुंची हुई थी। कमरे में सिलेंडर खुला पड़ा था और कपड़े समेत सामान बिखरा हुआ था। हमें लग रहा है कि हत्या के बाद आग लगाने की भी कोशिश की गई थी।

उन्होंने बताया कि आरोपी खुद चौकी पहुंच गया था। सोनू के मुताबिक, जीजा हमेशा पैसों की मांग करते थे और इसी को लेकर विवाद रहता था। सोनू ने कहा कि पुलिस से हमारी मांग है कि आरोपी को फांसी की सजा मिले। हमें अपनी बहन के लिए इंसाफ चाहिए।

हत्या के बाद खुद चौकी पहुंचा

शाहिस्ता की हत्या करने के बाद चांद सीधे फतेहउल्लापुर चौकी पहुंचा और पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

थाना प्रभारी सुमित तोमर के अनुसार, पति-पत्नी के बीच संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद में आरोपी ने पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी। मृतका के भाई सोनू की तहरीर पर चांद खां के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है

तमिलनाडु (नागरकोइल, अंतना नादर कुडियिरुप्पु के पास VIP गार्डन) में यूट्यूबर मधुमिता (29) के घर से 220 सॉवरेन सोने के गहन...
26/09/2026

तमिलनाडु (नागरकोइल, अंतना नादर कुडियिरुप्पु के पास VIP गार्डन) में यूट्यूबर मधुमिता (29) के घर से 220 सॉवरेन सोने के गहने (करीब 1 करोड़) चोरी।
परिवार तिरुनेलवेली बच्चे के जन्मदिन के कपड़े खरीदने गया था। लौटने पर पिछला दरवाजा टूटा मिला। बेडरूम के ब्यूरो से गहने गायब।
पुलिस को शक: मधुमिता की रील्स और पोस्ट में हर महीने सोना खरीदने/गहने दिखाने से चोरों को जानकारी मिली।
विशेष टीम बनाई गई। CCTV फुटेज खंगाली जा रही है।

कानपुर में शनिवार सुबह तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर बेकाबू होकर गैस सिलेंडर लदे टैंकर से टकरा गई। इस भीषण हादसे में कत्था कारोब...
26/09/2026

कानपुर में शनिवार सुबह तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर बेकाबू होकर गैस सिलेंडर लदे टैंकर से टकरा गई। इस भीषण हादसे में कत्था कारोबारी पवन अग्रवाल (60) की मौत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि फॉर्च्यूनर का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर जाम लग गया।
क्या है पूरा मामला?
हादसा महाराजपुर थाना क्षेत्र में सुबह करीब 10:30 बजे हुआ। स्वरूप नगर निवासी पवन अग्रवाल अपनी कत्था फैक्ट्री (चौडगरा) जा रहे थे। वह हिंदुस्तान पेट्रोल पंप के भी मालिक थे। परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी हैं।
महोली मोड़ के चंद्रिका ढाबा के पास उनकी फॉर्च्यूनर अचानक बेकाबू हो गई। गाड़ी डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में चली गई। उसी समय सामने से प्रयागराज से मथुरा की ओर जा रहा इंडेन गैस का टैंकर आ गया। टैंकर चालक राजू ने ब्रेक लगाकर रोकने की कोशिश की, लेकिन फॉर्च्यूनर की तेज रफ्तार के कारण टक्कर हो गई।
रेस्क्यू और आगे की कार्रवाई
सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से पवन अग्रवाल को फॉर्च्यूनर की स्टीयरिंग से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। परिवार को सूचना दे दी गई।
महाराजपुर थाना प्रभारी जनार्दन सिंह ने बताया कि हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। क्षतिग्रस्त वाहनों को हाईवे से किनारे हटाकर यातायात सामान्य करा दिया गया है।

समस्तीपुर में नाबालिग लड़की से बदसलूकी और मारपीट का तीसरा वीडियो चार दिनों में सामने आया है।वायरल वीडियो में लड़की हाथ ज...
26/09/2026

समस्तीपुर में नाबालिग लड़की से बदसलूकी और मारपीट का तीसरा वीडियो चार दिनों में सामने आया है।
वायरल वीडियो में लड़की हाथ जोड़कर छोड़ देने की गुहार लगाती नजर आ रही है, जबकि कुछ युवक थप्पड़ मारते और हाथ पकड़ते दिख रहे हैं।
पुलिस की साइबर और DIU टीम वीडियो की जांच कर रही है। घटनास्थल और युवकों की पहचान की जा रही है।
पहले वीडियो (कर्पूरीग्राम) में 4 गिरफ्तार। दूसरे (मुसरीघरारी) में एक गिरफ्तार (वीडियो पुराना बताया गया)।
पुलिस अभी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।

वृंदावन में गुरुवार शाम संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य ने चौथी मंजिल से कूदकर जा न दे दी। रसिक दुलारी शरण महाराजजी के केल...
26/09/2026

वृंदावन में गुरुवार शाम संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य ने चौथी मंजिल से कूदकर जा न दे दी। रसिक दुलारी शरण महाराजजी के केली कुंज आश्रम में बनी बिल्डिंग गुरु कृपा कुंज में रहते थे। प्रेमानंद जी के शिष्यों से मिली सूचना पर पुलिस तुरंत सर्वोदय अस्पताल पहुंची, जहां रसिक दुलारी को इलाज के लिए ले जाया गया था।

पुलिस की जांच में रसिक दुलारी के प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान मिले हैं। उनके कमरे से एक ग्राइंडर भी मिला है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि रसिक ने खुद को चोट पहुंचाने के लिए इसका इस्तेमाल तो नहीं किया था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रसिक दुलारी का लिंग भी कटा हुआ था। उनका काफी खून बह चुका था।

रसिक दुलारी ने 2015 में प्रेमानंदजी से दीक्षा ली थी

दिनेश बिजली मिस्त्री जबलपुर के रहने वाले थे। उन्होंने सितंबर, 2015 में दीक्षा लेने के बाद अपना नाम रसिक दुलारी शरण रख लिया था। जून, 2026 से वह केली कुंज आश्रम से जुड़े गुरु कृपा कुंज में रह रहे थे। इस बिल्डिंग में संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े करीब 50 शिष्य भी रहते हैं। घटना के समय रसिक दुलारी शरण कमरे में अकेले थे।

गुरुवार शाम को रसिक दुलारी शरण बिल्डिंग की चौथी मंजिल की छत पर गए थे। कुछ देर वहां बैठने के बाद उन्होंने नीचे छलांग लगा दी। उन्हें गंभीर हालत में सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

हत्या या सुसाइड जांचने में जुटी पुलिस

सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने बताया कि सर्वोदय अस्पताल से युवक की मौत की सूचना मिली थी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया गया है। परिजनों को सूचना दे दी गई है। फॉरेंसिक टीम और वृंदावन पुलिस ने घटनास्थल की जांच की है। हम आत्महत्या और हत्या दोनों एंगल पर मौत की जांच कर रहे हैं

करोड़पति परिवार। परिवार में कलह और अविश्वास। पिता-बेटे के बीच बढ़ती दूरी। यह कहानी कानपुर के करोड़पति दवा कारोबारी विनीत...
26/09/2026

करोड़पति परिवार। परिवार में कलह और अविश्वास। पिता-बेटे के बीच बढ़ती दूरी। यह कहानी कानपुर के करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड से जुड़ी है। पुलिस की जांच में परिवार के भीतर लंबे समय से चल रही खींचतान की कई परतें सामने आई हैं।

पुलिस के मुताबिक, विनीत के बेटे सुब्रत के मन में पिता के प्रति नाराजगी उस समय और गहरी हो गई, जब उसकी मां पुनीता ने पति से अलग होकर बेटी के पास रहने का फैसला लिया। पुलिस का कहना है कि विनीत अपने कथित अवैध रिश्तों और निजी जिंदगी से जुड़ी बातें घर में खुलकर करते थे। इससे परिवार में तनाव बढ़ता गया और मामला आखिरकार हत्या तक पहुंच गया।

पुलिस की पड़ताल में इस कहानी से जुड़े 5 प्रमुख किरदार सामने आए।

1. दवा कारोबारी विनीत मिनोचा, जिनका कानपुर में करोड़ों का कारोबार था।

2. बेटा सुब्रत, जिसे पुलिस ने हत्या की साजिश का मुख्य आरोपी बताया है।

3. बहू शालू, जिसके साथ रिश्तों को लेकर भी सुब्रत के मन में पिता के प्रति शक पैदा हुआ।

4. नौकर विशाल गौतम, जिस पर सुब्रत से सुपारी लेकर हत्या करने का आरोप है।

5. सुब्रत की मां पुनीता, जो पति के कथित रिश्तों और व्यवहार से परेशान थीं।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सुब्रत ने दावा किया कि उसकी मां ने उससे कहा था कि ‘इनका कुछ करो।’

पिता-पुत्र के बीच दरार कहां से शुरू हुई? यह तनाव कैसे बढ़ता गया? कर्ज और पारिवारिक विवाद ने क्या भूमिका निभाई और हत्या की साजिश तक मामला कैसे पहुंचा? पढ़िए दैनिक भास्कर की खास रिपोर्ट।

पहले 5 किरदारों को जानिए

कानपुर के बिरहाना रोड स्थित दवा मार्केट में फार्मा ट्रेडर्स के मालिक विनीत मिनोचा थे। वह दवाओं के थोक और फुटकर कारोबारी थे।

उनकी दुकान पर करीब 23 लोग काम करते थे और सालाना टर्नओवर 50 से 60 करोड़ रुपए बताया गया है। विनीत इंदिरा नगर की पॉश सोसायटी रतन ऑर्बिट के लग्जरी फ्लैट में बेटे सुब्रत, बहू शालू और पोते श्रीजय के साथ रहते थे।

विनीत और उनकी पत्नी पुनीता के बीच रिश्ते अच्छे नहीं थे। सुब्रत ने मीडिया से बातचीत में दावा किया था कि पिता के कथित रिश्तों और निजी जिंदगी से परेशान होकर मां ने उनसे अलग रहने का फैसला किया था। इसके बाद पुनीता पिछले करीब 7 साल से गुरुग्राम में रहने वाली अपनी बेटी शुभांगी के साथ रह रही थीं।

सुब्रत के मुताबिक, मां के अलग होने के बाद उसके मन में पहली बार पिता के प्रति नाराजगी गहरी हुई। उसका मानना था कि पिता के व्यवहार की वजह से मां को उनसे अलग होना पड़ा। इसके बाद पिता के प्रति उसकी नाराजगी बढ़ती गई।

पुलिस की जांच में सुब्रत को इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी बताया गया है। उसने कानपुर के अलग-अलग स्कूलों से 8वीं तक पढ़ाई की। इसके बाद नैनीताल से इंटरमीडिएट और आगे की पढ़ाई की। 2020 में उसकी शादी लखनऊ के ठाकुरगंज निवासी शालू से हुई थी।

पुलिस के मुताबिक, सुब्रत को शक था कि उसके पिता उसकी पत्नी शालू को गलत नजर से देखते थे। एक बार कार में विनीत का हाथ शालू के शरीर से टच हो गया था, जिसके बाद सुब्रत नाराज हो गया था। हालांकि, पूछताछ में शालू ने पुलिस को बताया कि यह जानबूझकर नहीं हुआ था, बल्कि गलती से हाथ टच हो गया था। शालू के मुताबिक, विनीत ने उसके साथ कभी कोई गलत हरकत या छेड़छाड़ नहीं की।

शालू मूल रूप से लखनऊ के ठाकुरगंज की रहने वाली हैं और बड़े दवा कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। 2020 में उनकी सुब्रत से अरेंज मैरिज हुई थी। शादी के बाद घर में ससुर की रोकटोक और बंदिशों को लेकर शालू और सुब्रत के बीच भी तनाव रहता था। इसी वजह से शालू की अपने ससुर से कई बार कहासुनी होने की बात सामने आई है।

पुलिस के मुताबिक, विनीत ने घर में कैमरे भी लगवा रखे थे। सुब्रत और शालू को लगता था कि उनकी निगरानी की जा रही है। इससे दोनों की नाराजगी और बढ़ गई।

ल बाजार इलाके के स्लम क्षेत्र में रहने वाला विशाल गौतम आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से है। उसके परिवार में मां और एक छोटा भाई हैं, जबकि पिता अलग रहते हैं। विशाल पर कई लाख रुपए का कर्ज भी बताया गया है।

विशाल ने 2010 से 2022 तक विनीत मिनोचा के मेडिकल स्टोर पर काम किया था। चोरी के आरोप में विनीत ने उसे नौकरी से निकाल दिया था। पुलिस के मुताबिक, जिस चोरी के मामले में विशाल की नौकरी गई, उसमें सुब्रत की भूमिका होने की बात भी सामने आई है। इसी वजह से सुब्रत के मन में विशाल के प्रति सहानुभूति थी। बाद में शालू और सुब्रत घर के काम के लिए भी विशाल को बुलाते थे।

विशाल के साथ सुब्रत की नजदीकी से विनीत नाराज रहते थे। पुलिस की जांच में यही रिश्ता आगे चलकर हत्याकांड की साजिश से जुड़ने की बात सामने आई है।

जानिए कैसे बेटा पिता का कातिल बना

अय्याशी में खुद लाखों खर्च करते, बेटे को महज 40 हजार देते

दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की निजी जिंदगी को लेकर परिवार में लंबे समय से तनाव था। सुब्रत के मुताबिक, पिता के कथित रिश्तों और अय्याशी से परेशान होकर उसकी मां पुनीता ने 2019 में उनसे अलग रहने का फैसला लिया। इसके बाद वह अपनी बेटी-दामाद के साथ गुरुग्राम में रहने लगीं। सुब्रत का दावा है कि मां के अलग होने के बाद पिता की निजी जिंदगी और ज्यादा खुल गई, क्योंकि अब उन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नहीं था।
सुब्रत के मुताबिक, इसके बाद उसके मन में पिता के प्रति नाराजगी बढ़ती चली गई। उसने पुलिस को बताया कि पिता अलग-अलग महिलाओं के साथ कभी गोवा तो कभी मुंबई जाते थे। शहर में भी उनकी कई महिलाओं से नजदीकी थी। सुब्रत का आरोप है कि पिता अपनी निजी जिंदगी पर लाखों रुपए खर्च करते थे, लेकिन शादीशुदा होने और खुद का बेटा होने के बावजूद उसे हर महीने महज 40 हजार रुपए खर्च के लिए देते थे।
सुब्रत के मुताबिक, अपने खर्च पूरे करने के लिए उसे दुकान से चोरी तक करनी पड़ी। नैनीताल से पढ़ाई पूरी करने के बाद वह पिता का कारोबार संभाल रहा था, लेकिन उसके पास मालिकाना हक नहीं था। उसका दावा है कि वह कारोबार में काम तो करता था, लेकिन सिर्फ एक कर्मचारी की हैसियत से।

40 लाख रुपए के कर्ज से बेटे का तनाव बढ़ा

पुलिस की जांच के मुताबिक, सुब्रत हाई-फाई पार्टियों में जाने और सट्टा खेलने का शौकीन था। पुलिस ने उसके नशे की लत होने की बात भी कही है। इन सब पर होने वाला खर्च 40 हजार रुपए महीने में पूरा नहीं होता था। पुलिस के मुताबिक, दुकान से चोरी के मामलों में पकड़े जाने पर पिता उसे सख्ती से डांटते थे।

पुलिस के अनुसार, पिता का विरोध करने या शराब पीने पर विनीत उसे जायदाद से बेदखल करने की धमकी भी देते थे। जांच में सामने आया कि सुब्रत ने अपने और पत्नी के खर्च पूरे करने के लिए अलग-अलग जगहों से कई लोन लिए। पुराने लोन चुकाने के लिए नए लोन लेने का सिलसिला चलता रहा और उस पर करीब 40 लाख रुपए का कर्ज हो गया। एक तरफ कर्ज का दबाव था तो दूसरी तरफ पिता की सख्ती। पुलिस के मुताबिक, इसी तनाव के बीच सुब्रत ने पिता की हत्या की साजिश रची।

6 लाख रुपए की सुपारी देने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, सुब्रत ने करीब तीन महीने पहले दुकान पर काम छोड़ चुके विशाल गौतम के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचनी शुरू की। पहले विनीत की मौत को हादसा दिखाने की योजना बनाई गई, लेकिन यह कामयाब नहीं हुई। इसके बाद भाड़े के हत्यारे से हत्या कराने की कोशिश की गई, लेकिन विशाल को कोई ऐसा व्यक्ति नहीं मिला।

पुलिस के अनुसार, इसके बाद विशाल ने अपने दोस्त राजकिशोर के साथ मिलकर 6 लाख रुपए में विनीत की हत्या करने की बात तय की। 5 सितंबर की रात विनीत की हत्या कर दी गई। पुलिस का आरोप है कि वारदात के बाद विशाल अपने दोस्त के साथ मौके से फरार हो गया।

सास-बहू में नहीं बनती, अब कारोबार कौन संभालेगा?

विनीत मिनोचा के पास करोड़ों रुपए की संपत्ति है। संपत्ति के बंटवारे को लेकर विनीत ने वसीयत तैयार कर रखी थी, इसलिए परिवार के मुताबिक इस हिस्से में विवाद की आशंका कम है। हालांकि, कारोबार को लेकर आगे स्थिति अलग हो सकती है।

सुब्रत के जेल जाने के बाद फिलहाल रतन ऑर्बिट स्थित फ्लैट और कारोबार की जिम्मेदारी उसकी मां पुनीता के पास है। परिवार के लोगों के मुताबिक, शालू और पुनीता के बीच रिश्ते अच्छे नहीं हैं। ऐसे में शालू के बाहर आने के बाद कारोबार की जिम्मेदारी को लेकर दोनों के बीच मतभेद हो सकते हैं। फिलहाल यह साफ नहीं है कि आगे कारोबार कौन संभालेगा।

मां-पिता के जेल जाने के बाद नानी के पास है 5 साल का बेटा

विनीत की हत्या और शालू के जेल जाने के बाद उसका 5 साल का बेटा लखनऊ में अपनी नानी के पास रह रहा है। मां और पिता दोनों के जेल में होने से बच्चा परेशान है। परिवार के मुताबिक, वह दिनभर मां-पिता से फोन और वीडियो कॉल पर बात करने की जिद करता है।

ननिहाल के लोग भी बच्चे को लेकर परेशान हैं। परिवार की ओर से शालू को जेल से बाहर लाने के लिए कोर्ट में पैरवी शुरू की गई है। हालांकि, शालू की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है। परिवार का दावा है कि वह निर्दोष है और उसकी भूमिका स्पष्ट होने के बाद उसे राहत मिलने की उम्मीद है। परिवार के लोग जांच अधिकारियों के संपर्क में हैं और मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं

कन्नौज में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर हुई सड़क दुर्घटना के बाद यूपी पुलिस के सिपाही पति-पत्नी ने ऐसी बहादुरी दिखाई, जिसकी ...
26/09/2026

कन्नौज में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर हुई सड़क दुर्घटना के बाद यूपी पुलिस के सिपाही पति-पत्नी ने ऐसी बहादुरी दिखाई, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। पलटी कार में फंसे पांच लोगों को उन्होंने सर्विस राइफल की मदद से शीशा तोड़कर सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
क्या हुआ था?
मामला लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 171 कट के पास का है। एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे के बाद कार में सवार पांच लोग अंदर ही फंस गए। अंदर से चीख-पुकार सुनाई दे रही थी और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था।
इसी दौरान सिपाही अमित तेवतिया अपनी पत्नी अर्चना सिंह के साथ सौरिख से कन्नौज की तरफ जा रहे थे। दुर्घटनाग्रस्त कार देखकर दोनों ने तुरंत गाड़ी रोकी और मदद के लिए दौड़ पड़े।
कैसे बचाई जान?
कार का शीशा नहीं खुल रहा था। सिपाही अमित ने अपनी सर्विस राइफल की मदद से कार का शीशा तोड़ा। इसके बाद पति-पत्नी ने मिलकर रेस्क्यू शुरू किया और कार में फंसे पांचों लोगों को एक-एक करके सुरक्षित बाहर निकाला।
समय पर रेस्क्यू न होता तो पांचों की जान जा सकती थी। हादसे में घायल सभी 5 लोगों को इलाज के लिए सौरिख CHC में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनका उपचार चल रहा है।
वीडियो वायरल

सिपाही दंपति की बहादुरी का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दोनों हादसे के बाद कार के पास पहुंचकर लोगों को बाहर निकालते नजर आ रहे हैं। लोग उनकी तत्परता और साहस की खूब तारीफ कर रहे हैं।
मुश्किल वक्त में ड्यूटी के साथ इंसानियत की जिम्मेदारी निभाते हुए अमित तेवतिया और अर्चना सिंह ने जिस तरह पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, उनकी यह कोशिश हर किसी को प्रेरित कर रही है।

दमोह में पत्नी और तीन बच्चों की कुल्हाड़ी से हत्या करने वाले द्वारका पटेल को पुलिस ने जेल भेज दिया है। पूछताछ में उसने कह...
26/09/2026

दमोह में पत्नी और तीन बच्चों की कुल्हाड़ी से हत्या करने वाले द्वारका पटेल को पुलिस ने जेल भेज दिया है। पूछताछ में उसने कहा- पत्नी के छोटे भाई से संंबंध थे, इसलिए उसे मार डाला। वारदात वाले दिन वह पत्नी को अपने साथ दिल्ली ले जाने गांव आया था।

कबीरपुर गांव के निवासी द्वारका ने 19 सितंबर की सुबह पत्नी खेमाबाई (27), बेटी उर्मिला (7), बेटे उमेश (4) और राजा (1) पर हमला किया था। चारों की मौके पर ही मौत हो गई थी।

आरोपी द्वारका पटेल दिल्ली में मजदूरी करता है। परिवार का मर्डर करने के बाद वह करीब तीन घंटे तक घर के बाहर कुल्हाड़ी रखकर बैठा रहा था। उसने कहा कि उसे पत्नी-बच्चों को मारने का कोई पछतावा नहीं है।

शाम को आरती में शामिल हुए, सुबह हत्या की खबर

हरगोविंद कहते हैं- सुबह करीब साढ़े छह बज रहे थे। मैं घर से बाहर निकला। थोड़ी दूर ही द्वारका रहता है। जैसे ही उसके घर के पास पहंचा, हैरान रह गया। वो खून से सनी कुल्हाड़ी लिए बैठा था, उठता और अपनी कोठरी के सामने चक्कर लगाकर फिर बैठ जाता। पास पहुंचा, तो उसने कहा- यहां नहीं आना। मार डालूंगा। मैंने सभी को मार डाला। वो चिल्लाकर बोला कि अब पुलिस को बुलाओ। मैं उसके सामने से हट गया। गांववालों को बताया। इसके बाद पुलिस को फोन किया।

मैं फिर उसके पास पहुंचा। पूछा- तूने ये क्यों किया? उसने कहा- मेरे छोटे भाई हरिशंकर से पत्नी के संबंध थे। वो दिल्ली से उसे भगा ले जाने के लिए आया था। पहले पत्नी को मारा, फिर लगा कि बच्चे कौन पालेगा, तो उन्हें भी मार दिया।

हरगोविंद ने कहा- मैं वहां खड़ा रोता रहा। वो दूर रहने कहता रहा। करीब एक घंटे बाद पुलिस आई, तो उसने कुल्हाड़ी पुलिसवालों को दी। पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

पड़ोसी बोली- दोनों का रोज झगड़ा होता था

द्वारका की कोठरी के सामने लक्ष्मीबाई रहती हैं। वे कहती हैं- हमें तो ऐसा नहीं लग रहा कि खेमा और उसके बच्चों को उसके ही पति ने मार डाला। खेमा मुझसे जीजी कहती थी। वो अक्सर खाली समय में मेरे पास आकर बैठ जाती थी। द्वारका और खेमा के बीच झगड़ा तो रोज होता था। पति-पत्नी का मामला है, इसलिए कोई बीच में बोलता नहीं था। उसके और मेरे बच्चे रोज साथ-साथ खेलते थे।

लक्ष्मी ने कहा- हम शुक्रवार शाम बच्चों के साथ झांकी में गए थे। वहां कीर्तन हुए थे। स्पीकर की तेज आवाज गांव में सुनाई दे रही थी। शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे दूध लेने घर से निकली, तो द्वारका खून से सनी कुल्हाड़ी लिए सामने खड़ा नजर आया। मैं डर के मारे फिर घर के अंदर चली गई। परिजन को बताया। गांव में हल्ला हुआ, तो वारदात के बारे में पता चला।

ताई ने कहा- शराब पीने की लत थी, हम समझाते थे

द्वारका के घर से कुछ दूर उसकी ताई कुसुम रानी रहती हैं। पति की मौत हो चुकी है। वे कहती हैं- द्वारका के पास आधा एकड़ खेती है। इससे तो घर की गुजर होने से रही, इसलिए मजदूरी भी करता था। न जाने कहां से शराब पीने की लत लग गई। रोजाना पीने लगा। उसे बहुत समझाया, लेकिन एक नहीं सुनी। हम तो घर में थे, सुबह खबर लगी कि उसने बहू-बच्चों को मार डाला।

पहले हंसिया मारा था, खेमा ने रिपोर्ट कराई थी

वारदात के बाद खेमा के पिता बाबूलाल, ताऊ धनीराम अपने गांंव करैया भदौली से नाते-रिश्तेदारों के साथ कबीरपुरा आए थे। धनीराम कहते हैं- दामाद शराब पीकर भतीजी के साथ रोज मारपीट करता था। दो महीने पहले उसे हंसिया मारा था। हाथ में जख्म हुआ था। खेमा ने रिपोर्ट कराई थी। इसके बाद वो बच्चों को लेकर मायके आ गई। डेढ़ महीने वहीं रही।

खेमा के पिता बाबूलाल ने कहा- अदालत ने राजीनामा करने कहा, तो खेमा ने भी बच्चों की खातिर द्वारका को माफ कर दिया। रक्षाबंधन के बाद द्वारका ससुराल आया, उसने खेमा को परेशान नहीं करने की कसम ली। इसके बाद हमने बच्चों और खेमा को उसके साथ भेज दिया।

बुधवार को खेमा ने फोन कर बताया कि दामाद शराब पीकर मारपीट कर रहा है। मैं शुक्रवार रात बेटी के घर पहुंचा। दोनों को समझाया। शनिवार सुबह बेटी और पोती-पोते की हत्या की खबर मिली।

बाबूलाल बोले- खेमा ने देवर हरिशंकर को लेकर हमसे कभी बात नहीं की। पहले से उसका दिल्ली का टिकट था। वो शुक्रवार को मेरे सामने ही घर से निकल गया था।

आरोपी बोला- समझाने पर भी नहीं मान रही थी

पुलिस मेडिकल चेकअप के लिए द्वारका को अस्पताल लेकर पहुंची थी। यहां उसने कहा कि वारदात का कोई पछतावा नहीं है।

द्वारका पटेल ने कहा- पत्नी खेमा के छोटे भाई हरिशंकर से प्रेम संबंध थे। समझाने पर भी नहीं मान रही थी। दो महीने पहले भी इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। तब मैंने उसे हंसिया मारा था। फिर भी वो बाज नहीं आ रही थी।

शनिवार सुबह कुल्हाड़ी से पत्नी और तीनों बच्चों की हत्या कर दी। इससे पहले रात में विवाद हुआ था, भाई तभी दिल्ली भाग गया था

दिल्ली में गार्ड की नौकरी करता है छोटा भाई

हरिशंकर दिल्ली में गार्ड की नौकरी करता है। जब भी वह गांव आता था, देवर-भाभी के बीच बातचीत होती थी। यह बात द्वारका को अच्छी नहीं लगती थी। इसे लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद होता था। वारदात की शाम भी हरिशंकर गांव आया था। उसके दिल्ली रवाना होने के बाद आरोपी ने हत्या करने की ठानी।

एसपी आनंद कलादगी ने कहा- आरोपी से पूछा गया कि बच्चों को क्यों मारा, तो उसने बताया कि पत्नी को मारने के बाद वह जेल चला जाता। ऐसे में बच्चों को कौन संभालता, इसलिए उन्हें भी खत्म कर दिया

लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में 1 सितंबर को हुए सड़क हादसे में युवती गंभीर रूप से घायल हो गई थी। हादसे के वक्...
25/09/2026

लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में 1 सितंबर को हुए सड़क हादसे में युवती गंभीर रूप से घायल हो गई थी। हादसे के वक्त उसका लिव-इन पार्टनर भी साथ था। घटना रात करीब 11 बजे हुई, लेकिन युवक ने परिवार को सुबह करीब 4 बजे सूचना दी।

परिवार के लखनऊ पहुंचने पर युवक उन्हें गुमराह करता रहा। कुछ देर बाद वह मौके से फरार हो गया। परिजनों ने शुरुआत में हादसा मानकर युवती का इलाज शुरू कराया। इसी दौरान परिवार को एक वीडियो मिला। इसमें युवती अपने पार्टनर के सामने हाथ जोड़कर कुछ कहती नजर आ रही है। आरोप है कि युवक उसकी बात नहीं मानता।

वीडियो मिलने के बाद युवती के पिता थाने पहुंचे। उन्होंने युवक पर साजिश के तहत बेटी को मारने की कोशिश का आरोप लगाया। पिता का कहना है कि पुलिस ने उनकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें टाल दिया। घटना को 21 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई या आश्वासन नहीं मिला है। युवती की हालत गंभीर बनी हुई है और वह अभी भी कोमा में है।

सबसे पहले एक्सीडेंट की एफआईआर पढ़ें…

रोशनगंज काली मंदिर शाहजहांनपुर निवासी अतुल कुमार ने 1 सितंबर को सुशांत गोल्फ सिटी थाने में मुकदमा दर्ज कराया कि 31 अगस्त को रात 11.30 बेटी मालिस्का सोनवानी की दोपहिया गाड़ी में अज्ञात वाहन टक्कर मार दी। जिससे बेटी गंभीर रुप से घायल हो गई।

जिसका मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी उन्हें 1 सितंबर को सुबह चार बजे उसके दोस्त के जरिए मिली। इलाज में व्यस्त होने की वजह से 4 सितंबर को थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई।

घटना के पांच घंटे बाद दी जानकारी

पिता अतुल कुमार ने बताया कि बेटी मालिस्का सोनवानी लखनऊ में होटल मैनेजमेंट की इंटर्नशिप करने आई थी। 31 अगस्त की रात को 11 बजे एक्सीडेंट होता है। बाइक पर प्रियांशु गुप्ता नाम का लड़का होता है। जो घटना के बाद टिंडर पाल्म व अन्य निजी अस्पताल में ले जाने की बात कह रहा है, लेकिन वहां पता करने पर मालूम हुआ कि कोई एंट्री ही नहीं है। घटना के 5 घंटे के बाद परिवार को सुबह 4 बजे सूचना दी। इस दौरान वो साजिश के तहत मरने का इंतजार करता रहा।

एक्सीडेंट की जानकारी होने पर परिवार जब अस्पताल पहुंचा तब प्रियांशु मिला। उसने बेटी का मोबाइल अपने पास रखा था। जब उससे मोबाइल मांगा गया तो देने में आनाकानी करने लगा। बोला कि मेरे मोबाइल में बैलेंस नहीं है, इसी का इस्तेमाल कर रहा हूं।

उसका परिचय पूछने पर बताया कि वो बेटी के साथ लखनऊ में ही रह रहा था। जब सब लोग व्यस्त होते तो मोबाइल का इस्तेमाल कर उसमें से कॉल व चैट डिलीट कर रहा था। तभी उससे मोबाइल ले लिया गया।

मोबाइल में मिले वीडियो से गहराई अनहोनी की आशंका

मोबाइल में एक वीडियो मिला जिसमें मालिस्का सोनवानी उसके सामने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा रही है कि उसे जाने दो। प्रियांशु उसका वीडियो बना रहा है। वो काफी डरी हुई है, उससे रोते हुए गुजारिश किए जा रही है। वीडियो करीब एक मिनट का है, जिसमें उसकी प्रताड़ना साफ दिख रही है।

वीडियो के बारे में पूछने पर गुमराह करने वाली बातें बताई। पहले बोला ऐसा ही बनाया था। फिर कहने लगा उससे ड्रिंक की थी घर से बाहर जाने की बात कह रही थी। वीडियो की टाइम और घटना के टाइम में दो से तीन घंटे का अंतर है।

प्रियांशु बोला - मालिश्का चलती गाड़ी से कूद गई

प्रियांशु ने बताया कि उसकी जिद्द पर घर से निकले थे। इस दौरान वो कई बार गाड़ी से कूदने का प्रयास की लेकिन रोक लिया। एक जगह पर वो बाइक से अचानक कूद गई। जिससे उसे काफी चोट आई। इलाज के लिए मेदांता अस्पताल लेकर चले गए।

हालांकि प्रियांशु अभी तक पुलिस को सही घटनास्थल नहीं बता पाया है। पुलिस ने उसके साथ जाकर सीसीटीवी भी चेक किए। जिसमें वो साथ जाते दिखाई दे रही है। लेकिन जिस जगह की घटना बता रहा है, वहां दूर-दूर तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं।

चौकी प्रभारी ने लिखा घटना सही है, लेकिन बाद में बदल दी एफआईआर

पिता का कहना है कि जब वह घटना की जानकारी देने चौकी पहुंचे और पूरी बात बताई तो चौकी प्रभारी ने जांच की। इसके आधार पर उसने तहरीर पर घटना सत्य बताई और मुकदमा दर्ज करने की बात लिखी।

थाने जाकर तहरीर दी तो शाम में आने की बात कही। शाम में थाने से कॉल आने पर वहां पहुंचे तो तहरीर बदलवा दी गई। जबकि हम नामजद आरोप लगाकर शिकायत कर रहे थे।

आधार कार्ड में बदल दिया पिता का नाम

प्रियांशु के पास से मालिस्का सोनवानी का आधार कार्ड भी मिला है। जिसमें प्रियांशु ने मालिस्का सोनवानी का नाम बदलवा कर गुप्ता कर दिया है। वहीं पिता के नाम पर अपने पिता का नाम लिखवा दिया है। उसने सुनोजित तरीके से घटना को अंजाम दिया है। पुलिस प्रशासन से बस इतना कहना है कि अगर घटना को हादसा मान रही है, तो कम से कम तथ्य तो देखे तो उसने प्लान के साथ किया है।

वहीं मामले में इंस्पेक्टर सुशांत गोल्फ सिटी का कहना है एक्सीडेंट का मुकदमा दर्ज है। युवक से भी पूछताछ की गई है, लड़की के होश आने का इंतजार है। वहीं मामले में डीसीपी साउथ मोहम्मद मुस्ताक का कहना है कि पीड़ित के पिता आए थे। जांच में दोनों के साथ में रहने की बात सामने आई थी। अब तक एक्सीडेंट की प्रतीत हो रहा है। लेकिन पिता के आरोपों की जांच के आदेश दिए गए हैं। आरोप सत्य पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी

Address

Surat

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when GRD Rahul posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The School

Send a message to GRD Rahul:

Shortcuts

Share