24/08/2026
गाजियाबाद में पति ने पत्नी और बड़ी बेटी की चाकू से गोदकर ह त् या कर दी। छोटी बेटी पर भी चाकू से हमला किया, लेकिन वह भाग गई। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में कबूला कि बेटा नहीं हो रहा था। इसी बात को लेकर परेशान रहता था कि मेरे मरने के बाद परिवार का क्या होगा।
घर का खर्चा भी नहीं चला पाता था, इसलिए मैंने एक सप्ताह पहले ही मन बना लिया था कि पत्नी और दोनों बेटियों की हत्या करनी है। लेकिन, एक बेटी बच गई। हफ्तेभर पहले गाजीपुर मछली मंडी से मुर्गा काटने वाला चाकू खरीदकर लाया था। उसे घर में कपड़ों के बीच छिपा दिया था। तीन दिन पहले भी रात में हत्या की कोशिश की, लेकिन हिम्मत नहीं जुटा सका। शुक्रवार रात पत्नी से झगड़े के बाद सोते समय हमला किया और इसके बाद बड़ी बेटी की भी हत्या कर दी।
ये घटना शुक्रवार रात करीब 12 बजे जिला मुख्यालय से 28 किलोमीटर दूर खोड़ा के लोकप्रिय विहार कॉलोनी की है। दैनिक भास्कर ने आरोपी की छोटी बेटी से बात की, आरोपी ने पुलिस पूछताछ में क्या कबूला? आगे पढ़िए रिपोर्ट…
मछली मंडी में मुंशी की नौकरी करता था आरोपी
बिहार के अररिया जिले के ज्योतिहाट के मढियाई गांव निवासी राजा अंसारी (45) तीन साल से गाजियाबाद के खोड़ा में रहता है। साथ में पत्नी तबस्सुम (35) और दो बेटियां रह रही थीं। राजा अंसारी दिल्ली के गाजीपुर मछली मंडी में मुंशी की नौकरी करता था, जिसे एक महीने में 34 हजार रुपए मिलते थे।
यहां शुक्रवार रात सवा 12 बजे राजा अंसारी ने पत्नी तबस्सुम और बड़ी बेटी सना की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। छोटी बेटी को भी मामूली चाकू लगा, वह बच गई।
आरोपी राजा अंसारी ने हफ्तेभर पहले ये मुर्गा काटने वाला चाकू खरीदा था। इसी से पत्नी और बेटी की हत्या की है।
आरोपी राजा अंसारी ने हफ्तेभर पहले ये मुर्गा काटने वाला चाकू खरीदा था। इसी से पत्नी और बेटी की हत्या की है।
तीन दिन पहले हत्या की कोशिश की, लेकिन हिम्मत नहीं हुई
आरोपी राजा अंसारी पुलिस पूछताछ में लगातार अपने बयान बदलता रहा। कभी वह आर्थिक हालत खराब होने और घर का खर्चा न चला पाने पर हत्या की बात करता, तो कभी कहता कि मेरे बेटा नहीं था, मेरे बाद परिवार का क्या होता। मैं मर जाउंगा तो फिर मेरा परिवार भी नहीं बचेगा। इसलिए सबकी हत्या की प्लानिंग की।
राजा अंसारी ने बताया कि एक सप्ताह पहले गाजीपुर मछली मंडी से मुर्गा काटने वाला चाकू लिया था। इसे लाकर घर में कपड़ों में छिपा दिया था। मैंने मन बना लिया था कि पत्नी और दोनों बेटियों की हत्या करनी ही है। तीन दिन पहले भी रात में पत्नी और दोनों बेटियों की हत्या की सोची, लेकिन हत्या नहीं कर सका। हिम्मत टूट गई थी।
पुलिस पहुंची तो कमरे से लेकर बाहर वॉशरूम तक खून की छीटें पड़ी थी। दोनों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
पुलिस पहुंची तो कमरे से लेकर बाहर वॉशरूम तक खून की छीटें पड़ी थी। दोनों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
पत्नी ने झगड़े की बाद मायके में बता दी, फिर गुस्सा और बढ़ा
राजा अंसारी ने बताया कि शुक्रवार शाम 7 बजे मैं मंडी से अपने घर पहुंचा, उस समय दोनों बेटी एक साथ खाना खा रही थी। इसके बाद मैं अपने कमरे में चला गया। रात 9 बजे पत्नी तबस्सुम और मैंने खाना खाया। इसके बाद दोनों बेटी दूसरे कमरे में सोने चली गईं।
राजा अंसारी ने बताया कि इस बीच मेरा पत्नी से झगड़ा शुरू हो गया, इसके बाद हम दोनों एक कमरे में चले गए। पत्नी ने अपने मायके में रात 10 बजे फोन पर झगड़े की बात बता दी। इसके बाद मेरा गुस्सा और बढ़ गया। मैंने पूरी हिम्मत से मन बना लिया कि आज सोते ही पत्नी का गला चाकू से काट देना है।
रात करीब सवा 12 बजे मुझे लगा कि पत्नी सो गई, इस बीच कपड़ों में छिपाकर रखे बड़े चाकू को निकाला और पत्नी के गले में मारा। लेकिन, वह जाग रही थी, उसने हाथ लगा लिया। इससे निशाना चूक गया। उसके बाद पत्नी चिल्लाने लगी।
पत्नी ने हाथापाई कर चाकू पकड़ने का प्रयास किया, इसी बीच मैंने चाकू की नोक उसके पेट में खोप दी। वह कमरे के बाहर फर्श पर गिरकर तड़पने लगी। फिर उसके बाद पेट और कंधे पर चाकू से कई वार किए।
राजा अंसारी ने बताया कि इस बीच बड़ी बेटी भी दूसरे कमरे से बाहर आ गई। वह वॉशरूम की तरफ गई। पत्नी की हत्या करने के बाद बड़ी बेटी को मारने के लिए पीछे-पीछे गया। पीछे से बेटी सना को दबोच लिया और उसका गला रेत दिया। सना के गले की हड्डी तक कट गई।
पत्नी और बड़ी बेटी की हत्या कर छोटी बेटी को भी मारना चाहता था, लेकिन उसको एक चाकू लग पाया। वह सीढ़ी से चिल्लाते हुए नीचे भागी। मैंने उसे पकड़ना चाहा, लेकिन अंधेरे में दिखी नहीं।
मुझे लगा कि नीचे गया तो मोहल्ले के लोग आ जाएंगे। वह मुझे मार देंगे। मैं डरकर नीचे नहीं जा सका। छोटी बेटी ने नीचे जाकर लोगों को बताया कि मैंने पत्नी और बेटी की हत्या कर दी। इसके बाद किसी ने पुलिस बुला ली।
घायल छोटी बेटी बोली- पापा बंद कमरे में अक्सर मम्मी को पीटते थे
8वीं क्लास में पढ़ने वाली घायल छोटी बेटी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा- पापा मुझे भी मारना चाहते थे। एक चाकू लग गया था। मम्मी और बड़ी बहन सना को मार दिया। मैं किसी तरह भागकर नीचे पहुंची। शोर मचाकर लोगों को बुलाया। जब पुलिस अंकल आ गए तो मुझसे पूछा कि क्या हो गया।
पापा हम दोनों बहनों के सामने मम्मी को नहीं मारते थे, लेकिन वह मम्मी को बंद कमरे में बहुत पीटते थे। डरकर मम्मी बोलती नहीं थी। मम्मी को डर था कि वह कुछ बोलेंगी तो पता नहीं क्या हो जाएगा। मुझे खुद भी याद नहीं है कि मम्मी को कैसे मारा। मम्मी की लाश फर्श पर पड़ी थी, बड़ी बहन सना का शव वॉशरूम के गेट के पास पड़ा था।
आरोपी राजा अंसारी ने दैनिक भास्कर के सवाल पर कहा- रात में पछतावा नहीं था कि मैंने पत्नी और बेटी को मार दिया। लेकिन, अब मुछे पछतावा है कि मैंने क्या कर दिया। अब जेल जाउंगा तो छोटी बेटी का क्या होगा, उसे कौन संभालेगा। बस मैं डिप्रेशन में था। इसलिए दोनों को मार दिया। मैंने बहुत बुरा किया, इसका अंजाम भी बुरा ही होगा।
उसने कहा कि 12 साल पहले मैं पत्नी और बच्चों के साथ बिहार से दिल्ली आया। पहले दिल्ली के गाजीपुर के पास किराए पर रहा। तीन साल पहले खोड़ा में ससुर ने ही मकान खरीदवाया था, लेकिन डिप्रेशन के चलते मैं परेशान रहता हूं