30/11/2023
अमेरिका के दिग्गज कूटनीतिज्ञ हेनरी किसिंजर नहीं रहे. 30 नवंबर को 100 साल की उम्र में उनका निधन हो गया. आधुनिक इतिहास को जिन लोगों ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया, किसिंजर उनमें से एक हैं.
वह 27 मई 1923 को जर्मनी के फर्थ शहर में पैदा हुए थे. बचपन में उनका नाम हाइंत्स आल्फ्रेड किसिंजर था. 1938 में उनका परिवार जर्मनी छोड़कर न्यूयॉर्क में बस गया था. फिर 1943 में किसिंजर अमेरिकी नागरिक बन गए.
दूसरे विश्व युद्ध के दौरान किसिंजर ने अमेरिकी सेना के लिए काम किया. वह जर्मनी में तैनात थे और जासूसी एजेंसियों के लिए अनुवाद का काम करते थे. उनकी सेवाओं के लिए उन्हें ब्रॉन्ज स्टार से नवाजा गया था.
किसिंजर ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाया भी. फिर 1969 में उन्हें अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन का राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया गया. निक्सन के बाद 1974 में गेराल्ड फोर्ड अमेरिका के राष्ट्रपति बने. उन्होंने भी किसिंजर को अपना सलाहकार बनाया. रिपब्लिकन पार्टी की इन दोनों ही सरकारों में वह विदेश मंत्री भी रहे.
1970 के दशक में दुनियाभर में जो बड़ी घटनाएं हुईं, उनमें से ज्यादातर में किसिंजर ने कोई न कोई अहम भूमिका निभाई. इनमें अमेरिका-वियतनाम युद्ध, चीन के साथ कूटनीतिक संबंधों की शुरुआत, सोवियत संघ के साथ हथियार नियंत्रण पर वार्ता और इस्राएल-अरब देशों के बीच संबंध बेहतर करना शामिल हैं.
वियतनाम में शांति स्थापना के लिए 1973 में किसिंजर को वियतनाम के नेता ला डक दो के साथ संयुक्त रूप से नोबेल शांति पुरस्कार से नवाजा गया. हालांकि, इस पर खूब विवाद हुआ था. इस फैसले से नोबेल समिति के दो सदस्य तो इतने नाराज हो गए कि उन्होंने इस्तीफा ही दे दिया. उधर ला डक दो ने यह कहते हुए पुरस्कार लेने से इनकार कर दिया था कि शांति स्थापना का काम अभी बाकी है.
1977 के बाद से किसिंजर अमेरिकी सरकार में किसी पद पर तो नहीं रहे, लेकिन जॉर्ज डब्ल्यू बुश के साथ उनके अच्छे संबंध थे. अमेरिका में 9/11 आतंकी हमले की जांच के लिए जो आयोग बनाया गया था, किसिंजर उसके अध्यक्ष बनाए गए. वैसे बाद में उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया था, क्योंकि वह अपने कंसल्टिंग बिजनेस के ग्राहकों के नाम जाहिर नहीं करना चाहते थे.