05/09/2026
दिशा बैठक में कंगना का अफसरों पर फूटा गुस्सा
सांसद निधि खर्च न होने पर अधिकारियों को खरी-खोटी, बोलीं—फंड लेकर कुंडली मारकर बैठे लोगों पर बनाओ रिपोर्ट
मंडी। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में मंडी की भाजपा सांसद कंगना रनौत के तेवर बेहद तल्ख नजर आए। सांसद निधि और केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत जारी धनराशि का अपेक्षित उपयोग नहीं होने पर उन्होंने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए और लंबित विकास कार्यों को लेकर जमकर फटकार लगाई।
कंगना ने साफ कहा कि जनता का पैसा किसी भी सूरत में गलत हाथों में नहीं जाना चाहिए। जिन लोगों ने फंड ले लिया है लेकिन काम शुरू नहीं किया, उनसे धन वापस लेने के लिए दबाव बनाने के निर्देश उन्होंने अधिकारियों को दिए।
बैठक में सांसद ने कहा कि कई मामलों में पैसा जारी होने के बावजूद काम शुरू नहीं हुआ है। कहीं जमीन उपलब्ध नहीं है, कहीं आवश्यक अनुमति नहीं ली गई और कुछ मामलों में दस्तावेजों तथा एनओसी को लेकर भी सवाल हैं। उन्होंने ऐसे सभी मामलों की जांच कर जिम्मेदारी तय करने और सरकारी धन की वसूली पर जोर दिया।
“पहले पुराना पैसा खर्च करो, फिर नई निधि कैसे बांटूं?”
कंगना ने सांसद निधि के लंबित कार्यों पर अधिकारियों से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि जब पिछली निधि का बड़ा हिस्सा अभी तक खर्च नहीं हुआ है तो अगले चरण में मिलने वाली सांसद निधि का वितरण कैसे किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर व्यक्ति और हर क्षेत्र के लंबित काम की अलग-अलग रिपोर्ट तैयार की जाए। किसके क्षेत्र में कितना पैसा आया, कितना खर्च हुआ और कितना काम बाकी है—इसका पूरा ब्योरा सामने रखा जाए।
“किसी का 60%, किसी का 40%, किसी का 20%—सबका हिसाब चाहिए”
सांसद ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक क्षेत्र में विकास कार्यों और धनराशि के उपयोग की स्थिति स्पष्ट की जाए। उन्होंने कहा कि दो साल में अगर किसी क्षेत्र में केवल आधा पैसा ही खर्च हुआ है तो इसके पीछे की वजह भी सामने आनी चाहिए।
कंगना ने अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि केंद्र से बार-बार पत्र भेजकर काम करवाने की स्थिति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि अगर विकास कार्यों की निगरानी और फंड के उपयोग का काम भी नहीं होगा तो फिर बैठकों का क्या मतलब है।
सोशल मीडिया पर नकारात्मक प्रचार का भी उठाया मुद्दा
बैठक में कंगना ने सोशल मीडिया पर हो रहे नकारात्मक प्रचार और लगातार बन रही रील्स का भी जिक्र किया। उन्होंने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब योजनाओं और विकास कार्यों को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो प्रशासन को गंभीरता से काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों की कार्यप्रणाली का असर केवल उनके विभाग तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे जनप्रतिनिधियों और पूरे प्रशासन की छवि प्रभावित होती है।
हर अधिकारी के काम की बनेगी डिटेल रिपोर्ट
कंगना ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक व्यक्ति के क्षेत्र में सांसद निधि से जुड़े कार्यों की विस्तृत सूची और जांच रिपोर्ट तैयार की जाए। इसमें लंबित कार्य, खर्च हुई राशि, बची धनराशि और देरी के कारणों का पूरा विवरण शामिल किया जाए।
बैठक में सांसद के सख्त तेवरों के बाद सांसद निधि के लंबित कार्य, सरकारी धन के उपयोग और अधिकारियों की जवाबदेही का मुद्दा चर्चा के केंद्र में रहा।
#कंगना_रनौत #मंडी #दिशा_बैठक #सांसदनिधि