27/09/2026
संघर्ष से सफलता तक: खुद बनीं मिसाल, अब गांव की बेटियों को दिखा रहीं सरकारी नौकरी का रास्ता
बिना कोचिंग, सेल्फ स्टडी से बनीं BPSC TGT शिक्षिका, अब छुट्टियों में गांव की बेटियों को दे रही हैं निःशुल्क मार्गदर्शन।
बिहार की बेटियां आज अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से सफलता की नई इबारत लिख रही हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी हैं सुश्री विभा कुशवाहा की, जिन्होंने बिना किसी कोचिंग संस्थान का सहारा लिए सेल्फ स्टडी के दम पर BPSC TGT शिक्षक बनने का सपना साकार किया।
विभा कुशवाहा की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उन हजारों छात्राओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद सरकारी नौकरी पाने का सपना देखती हैं। उन्होंने साबित किया है कि मजबूत इच्छाशक्ति, सही दिशा और निरंतर मेहनत से सफलता हासिल की जा सकती है।
शिक्षिका बनने के बाद भी विभा कुशवाहा का संघर्ष और सामाजिक सरोकार थमा नहीं है। छुट्टियों के दिनों में वे अपने गांव की बेटियों के लिए निःशुल्क मार्गदर्शन शिविर आयोजित करती हैं। इन शिविरों के माध्यम से वे छात्राओं को प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी, सेल्फ स्टडी और बुनियादी किताबों के महत्व के बारे में जागरूक करती हैं।
उनका उद्देश्य केवल बेटियों को सरकारी नौकरी दिलाने में मदद करना ही नहीं, बल्कि उनमें आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की भावना जगाना भी है।
बिहार की ऐसी शिक्षित, जागरूक और समाज के प्रति समर्पित बेटी के जज्बे को सलाम! विभा कुशवाहा की यह पहल साबित करती है कि सच्ची सफलता वही है, जिससे दूसरों के जीवन में भी नई रोशनी आए। Vibha Kushwaha