30/07/2026
तट पर बैठे-बैठे तेरे
हाथ कहाँ कुछ आएगा,
रत्न मिलेंगे तुझको जब
सागर के तह में जाएगा।
कुछ ना आए हाथ समझना
डुबकी अभी अधूरी है,
चाहे कितना भी मुश्किल हो
पहला कदम जरूरी है।।
~ डॉ विष्णु सक्सेना