गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से तात्पर्य है, कि ऐसी शिक्षा प्रणाली जो अपने निर्माण के उद्देश्य को दर्शाते हैं। और हमारे लिए फायदेमंद होती हैं। जो शिक्षा शिक्षण अधिनियम में छात्रों की रुचि उन शब्दों को समझे एवं समाज की आवश्यकता की पूर्ति करें और छात्रों को जीवनदान देने योग्य हो ऐसे ही शिक्षा को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा कहा जाता है। गुणवत्ता शिक्षा के कई उद्देश्य हैं, जो कि निम्न प्रकार है।
01. बनना सीखना: म
तलब व्यक्तियों के व्यक्तित्व का निर्माण करना एवं उन्हें आर्थिक सामाजिक सांस्कृतिक गुणों का विकास करना। छात्रों को तैयार करना जिससे कि देश काल परिस्थितियों के अनुसार समाज के साथ समन्वय की स्थापना कर सके।
02. करना सीखना: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा क्रियात्मक विकास पर बल देती है। या छात्रों को करके सिखाने का स्थायी शिक्षा मानती हैं।
03. जानना सीखना: इसका मतलब ज्ञान को जानना और जो ज्ञान छात्र को प्रात उसे ज्ञान के बारे में पता होना चाहिए, कि उसका उपयोग कब और कैसे करना है।
04. एक साथ रहना सीखना: जो शिक्षा समाज के समस्त कार्यों में सहयोग कर रहने सिखाती हो। उसे शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कहा जा सकता है, तथा यह एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
05. खेलना सीखना: पढ़ोगे-लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे तो होगे खराब। कभी बुजुर्गों द्वारा कही जाने वाली यह कहावत अब बच्चों पर सटीक नहीं बैठती है, क्योंकि पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों के लिए खेलकूद भी जरूरी है। अब तो खेलों को शिक्षा के बराबर महत्व दिया जाता है। बच्चों के सर्वांगीण विकास में खेलकूद का अपना विशिष्ट महत्व है ।