23/01/2026
“या देवी सर्वभूतेषु विद्या रूपेण संस्थिता…”
वसंत पंचमी के पावन अवसर पर सरदार भगत सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर) में विद्या की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती की विधिवत वंदना की गई। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं छात्र-छात्राओं ने माँ सरस्वती के चरणों में श्रद्धा अर्पित करते हुए ज्ञान, विवेक और विश्व-कल्याण की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार एवं सरस्वती वंदना के माध्यम से शैक्षिक एवं नैतिक मूल्यों के संरक्षण का संकल्प लिया गया। प्रभारी प्राचार्य प्रो.सर्वजीत सिंह ने कहा कि वसंत पंचमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि ज्ञान, सृजन और बौद्धिक चेतना के जागरण का प्रतीक है।
महाविद्यालय परिवार ने इस अवसर पर यह भी संकल्प लिया कि शिक्षा को केवल परीक्षा तक सीमित न रखकर समाज और मानवता के कल्याण का माध्यम बनाया जाएगा।
इस अवसर पर प्रो. हेमलता सैनी, प्रो. रविन्द्र सैनी, प्रो. मनोज पांडेय, डॉ वकार खान, डॉ. अपर्णा सिंह, डॉ वसुंधरा उपाध्याय, डॉ. शिल्पी अग्रवाल, डॉ. प्रद्युम्न कुमार रिछारिया, डॉ. ए. के. पालीवाल, डॉ.इंदु शेखर ममगाई, रोशनी, छात्र संघ अध्यक्ष रजत सिंह बिष्ट, नीरज मेहरा , पीयूष नगरकोटी, रोहित बोरा आदि उपस्थित रहे।
20/01/2026
सरदार भगत सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रुद्रपुर में अभिभावक–शिक्षक परिषद का गठन
सरदार भगत सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर) में आज दिनांक 20/01/2026 को अभिभावक–शिक्षक परिषद का गठन सफलतापूर्वक किया गया। इस अवसर पर परिषद के अध्यक्ष पद पर श्री उदय भान तिवारी, उपाध्यक्ष पद पर श्रीमती विनीता दुबे तथा सचिव पद पर श्री मुकेश कुमार का सर्वसम्मति से चयन किया गया। इसके साथ ही अन्य सदस्यों का भी चयन किया गया। परिषद का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के शैक्षिक, नैतिक एवं सर्वांगीण विकास हेतु अभिभावकों और शिक्षकों के मध्य सुदृढ़ समन्वय स्थापित करना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी प्राचार्य प्रो. सर्वजीत सिंह ने कहा कि अभिभावक–शिक्षक परिषद विद्यार्थियों की समस्याओं, आवश्यकताओं एवं संभावनाओं को समझने का एक प्रभावी मंच है। इससे न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को भी नई दिशा मिलेगी। उन्होंने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ देते हुए परिषद से सक्रिय एवं सकारात्मक भूमिका निभाने की अपेक्षा व्यक्त की।
अभिभावक–शिक्षक परिषद के संयोजक प्रो. रविन्द्र सैनी ने अपने वक्तव्य में कहा कि अभिभावकों और शिक्षकों के बीच निरंतर संवाद से विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, अनुशासन तथा व्यक्तित्व विकास को मजबूती मिलेगी। परिषद भविष्य में नियमित बैठकों के माध्यम से रचनात्मक सुझावों पर कार्य करेगी।अभिभावक–शिक्षक परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री उदय भान तिवारी ने कहा कि अभिभावक–शिक्षक परिषद अभिभावकों और शिक्षकों के बीच सहयोग एवं संवाद का सशक्त माध्यम है, जो विद्यार्थियों के शैक्षणिक, नैतिक एवं सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस अवसर पर डॉ. अपर्णा सिंह ने कहा कि अभिभावक–शिक्षक परिषद विद्यार्थियों के मानसिक, भावनात्मक एवं शैक्षणिक पक्षों को संतुलित रूप से समझने में सहायक सिद्ध होगी, जिससे शिक्षा प्रक्रिया अधिक संवेदनशील, सहभागी और परिणामोन्मुख बनेगी।
अपने वक्तव्य में डॉ. राजेश कुमार मौर्य ने कहा कि अभिभावक–शिक्षक परिषद शिक्षकों और अभिभावकों के बीच विश्वास, सहयोग और पारदर्शिता को सुदृढ़ करने का माध्यम है। इससे विद्यार्थियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान संभव होगा तथा सकारात्मक शैक्षिक वातावरण का निर्माण किया जा सकेगा।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. रूमा शाह ने सभी उपस्थित अभिभावकों एवं शिक्षकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। महाविद्यालय परिवार ने आशा व्यक्त की कि यह परिषद विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कार्यक्रम में प्रो. दीपा वर्मा, प्रो. अमिता चौरसिया, प्रो. आशा राणा, डॉ. राजेश कुमार सिंह, छात्र संघ अध्यक्ष रजत सिंह बिष्ट, सचिव जसवंत गंगवार सहित अन्य प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।