रैबार Devbhoomi

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27/08/2026

#अनोखा_लोकपर्व_हिलजात्रा'
#मुखौटों के पीछे छिपी #सदियों पुरानी #आस्था:

​हिलजात्रा: कृषि संस्कृति, लोकजीवन और अलौकिक आस्था का जीवंत रंगमंच

देवभूमि का एक ऐसा लोकपर्व, जहां भय नहीं, बल्कि अपार श्रद्धा का साम्राज्य होता है। पिथौरागढ़ का कुमौड़ गांव जब ढोल-दमाऊं की थाप पर थिरकता है, तो सदियों पुरानी कृषि संस्कृति और आस्था का एक अद्भुत संगम जीवंत हो उठता है।

हिलजात्रा केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि पिथौरागढ़ के जनजीवन की आत्मा है। सुबह की पहली किरण के साथ ही ग्रामीण रंग-बिरंगे काष्ठ (लकड़ी) के मुखौटों को सजाने में जुट जाते हैं। मैदान में जैसे ही उत्सव शुरू होता है, पूरा गांव एक जीवंत रंगमंच में बदल जाता है:

* #लोकजीवन की झलक: झाड़ू लगाते स्त्री-पुरुष, हुक्का गुड़गुड़ाते मछुआरे, शिकार पर निकले शिकारी और साधना में लीन साधु।

* #खेती की सजीव झांकी: खेत जोतता हलवाहा, अटखेलियां करते 'गैल्या बैल' और धान की रोपाई करती महिलाएं—यह दृश्य बताता है कि यहां संस्कृति और खेती एक साथ झूमती हैं।

* #वन्यजीवों का सौंदर्य: हिरण और चीतल की सजीव चाल हर किसी के चेहरे पर मुस्कान बिखेर देती है।

#नेपाल के राजदरबार से #कुमौड़ के मैदान तक: इतिहास की देन

ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, इस अनोखी परंपरा की जड़ें पड़ोसी देश नेपाल से जुड़ी हैं। नेपाल के राजा ने पिथौरागढ़ के चार महर भाइयों की वीरता से प्रसन्न होकर उन्हें यह जात्रा, पारंपरिक मुखौटे और काष्ठ के हल भेंट स्वरूप दिए थे।

चारों भाई जब इन धरोहरों को लेकर कुमौड़ पहुंचे, तो उत्तराखंड की धरती पर हिलजात्रा का बीज बोया गया। #नेपाल में आज भी इसे ' #इंद्रजात्रा' के रूप में मनाया जाता है, जबकि कुमौड़ में यह परंपरा पीढ़ियों से उसी उल्लास के साथ रची-बसी है।

जब गरजते हुए अवतरित होते हैं ' #लखिया_बाबा'
उत्सव अपने चरम पर तब पहुंचता है, जब ढोल-दमाऊं का ताल तेज़ हो जाता है और माहौल में एक अलौकिक ऊर्जा भर जाती है।

* #रौद्र रूप और अटूट आस्था: लोहे की भारी जंजीरों में बंधे, रौद्र रूप धारे जब 'लखिया भूत' मैदान में कदम रखते हैं, तो हजारों भक्तों की सांसें थम सी जाती हैं।

* #शिव के महागण: जिन्हें दुनिया 'भूत' कहती है, वे दरअसल भगवान शिव के प्रिय गण वीरभद्र का स्वरूप हैं।

* #संरक्षक देवता: लखिया बाबा का यह अवतार डरावना नहीं, बल्कि अभय देने वाला है। जंजीरों से बंधे बाबा को संभालना ग्रामीणों के लिए चुनौती होता है, लेकिन भक्त डरने की बजाय हाथ जोड़कर शीश नवाते हैं, अक्षत और पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत करते हैं।

मान्यता है कि लखिया बाबा का प्रसन्न होना नई फसल के आगमन, गांव की खुशहाली और आपदाओं से रक्षा की गारंटी है। रौद्र रूप में दिखने वाले बाबा हर श्रद्धालु को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देकर अंततः शांत होते हैं।

हिलजात्रा महज़ एक आयोजन नहीं, बल्कि अपनी मिट्टी, प्रकृति और पुरखों की विरासत को नमन करने का कुमाऊं का सबसे अनोखा तरीका है।

"जय लखिया बाबा"

 #खबर भले ही  #नेपाल से हो, लेकिन  #बच्चों की  #मासूमियत और  #रब की  #मेहरबानी तो हर सरहद से परे होती है। कहते हैं न—'जि...
27/08/2026

#खबर भले ही #नेपाल से हो, लेकिन #बच्चों की #मासूमियत और #रब की #मेहरबानी तो हर सरहद से परे होती है।

कहते हैं न—'जिसका कोई नहीं होता, उसका भगवान होता है।' इस बात को सच साबित कर दिखाया है नेपाल के गैंडाकोट की एक ऐसी घटना ने, जिसने हर किसी की सांसें थाम दी थीं।
घने जंगल में 48 घंटे: जब मासूमियत पर मेहरबान हुआ खुदा

गैंडाकोट-14 के अपर भागर में ननिहाल रह रहा ढाई साल का नन्हा सिवान तमांग मंगलवार की सुबह खेल-खेल में अपनी दादी के पीछे-पीछे शंखदेवी कम्युनिटी फॉरेस्ट की तरफ निकल गया। दादी तो मशरूम चुनने जंगल में आगे निकल गईं, लेकिन मासूम सिवान रास्ता भटक कर घने और खतरनाक जंगल के अंधेरे में कहीं खो गया।

माता-पिता रोजी-रोटी के सिलसिले में भारत में थे और गांव में नन्हे सिवान की गुमशुदगी की खबर फैलते ही हड़कंप मच गया।

फरिश्ते बने तलाशने वाले हाथ
मासूम की जान बचाने के लिए पूरा तंत्र एक हो गया। नेपाल पुलिस, आर्म्ड पुलिस फोर्स और गांव के हर एक शख्स ने जंगल का चप्पा-चप्पा छान मारा। दिन-रात बिना सोचे चलाए गए इस विशाल सर्च ऑपरेशन का नतीजा वो चमत्कार बनकर सामने आया, जिसकी हर कोई दुआ कर रहा था।

पूरे दो दिन (48 घंटे) तक घने जंगल के खतरों के बीच अकेला रहने के बाद भी नन्हा सिवान बिल्कुल सही-सलामत मिल गया। इस चमत्कार ने साबित कर दिया कि जब रक्षक बनकर ऊपर वाला साथ खड़ा हो, तो जंगल का अंधेरा भी मासूम का बाल बांका नहीं कर सकता।

 #समाचार_जगत से आज की  #मुख्य  #सुर्खिया **गुरुवार, 27 अगस्त 2026 🔶नेपाल: भोटेकोशी नदी बनी काल, दर्जनों गांव साफ, 1000 ल...
27/08/2026

#समाचार_जगत से आज की #मुख्य #सुर्खिया *
*गुरुवार, 27 अगस्त 2026

🔶नेपाल: भोटेकोशी नदी बनी काल, दर्जनों गांव साफ, 1000 लोग बहे, रेस्क्यू जारी

🔶नेपाल बाढ़ का चीन कनेक्शन: 157 लोगों की मौत, 133 भारतीयों समेत 750 से ज्यादा लापता; तस्वीरों में दिखा तबाही का मंजर

🔶नेपाल बाढ़ पर PM मोदी ने नेपाली प्रधानमंत्री से की बात, कहा- भारत हर संभव मदद के लिए तैयार

🔶इस्लामाबाद के अस्पताल में दर्दनाक हादसा: AC का कंप्रेसर फटने से लगी आग, 15 नवजात शिशुओं की मौत

🔶भागवत अमेरिका में, 29 को मेडिसन स्क्वेयर में कार्यक्रम: न्यूयॉर्क मेयर ममदानी बोले- RSS की रैली को समर्थन नहीं, बांटने वाली विचारधारा का विरोध

🔶कर्नाटक में पूरा वंदेमातरम नहीं गाया जाएगा: सीएम शिवकुमार बोले- हम पार्टी के फैसले के साथ, भाजपा तुष्टीकरण की राजनीति करती है

🔶भारत ने वाहक-6 मल्टी-ड्रोन मदरशिप सिस्टम तैयार किया: बिना जीपीएस करेगा हमला; सर्च-डिटेक्ट से डिस्ट्रॉय तक सेना की मदद करेगा

🔶पंजाब में अकालियों से गठजोड़ फाइनल, BJP 'बिग ब्रदर' बनेगी: 70+ और 40+ का फॉर्मूला तैयार; दिल्ली से मैसेज- SAD के खिलाफ न बोलें

🔶'स्कूल की बदहाली दिखाई तो पिता को मार डाला': बंगाल का CJP कार्यकर्ता अब्दुल बोला- भाजपा के गुंडों ने मुझे भी पीटा, आतंकी कनेक्शन के आरोप लगाए

🔶मोदी गुरुवार को 'खेलो इंडिया' संवाद को संबोधित करेंगे और खेल- राष्ट्र-निर्माण में युवाओं की आकांक्षाओं को रखेंगे केंद्र में

🔶‘ये हमारी दोस्ती का प्रतीक है’, नेपाल से बालेन शाह ने जताया पीएम मोदी का आभार

🔶देश का सबसे लंबा डिजिटल अरेस्ट, 97 दिनों तक निगरानी में रखकर 22 लाख ठगे

🔶मोजतबा खामेनेई जिंदा हैं या नहीं?: ट्रंप ने मौत की खबरों को नकारा, बोले- घायल हैं, लेकिन मारे नहीं गए

🔶ठग सुकेश चंद्रशेखर दोषी करार: सुप्रीम कोर्ट का जज बनकर किया था फोन, धमकी दी', आज तीस हजारी अदालत सुनाएगी सजा

🔶भारत-चीन सीमा वार्ता: अजित डोभाल और वांग यी के बीच बनी 8 बिंदुओं पर सहमति

🔶खड़गे का भाजपा सरकार पर हमला, बोले- त्योहारों पर महंगाई से बिगड़ा रसोई का बजट, जनता को राहत के लिए उठाएं ठोस कदम

🔶यूपी चुनाव से पहले सपा का महिला कार्ड, अखिलेश बोले- महिलाओं को हर साल देंगे 40 हजार रुपये

🔶ईरान के हमले से अमेरिकी खुफिया नेटवर्क को अरबों डॉलर का नुकसान, रिपोर्ट में कहा- हमलों में निगरानी उपकरणों को बनाया निशाना

🔶हवा में मिली प्लेन को बम से उड़ाने की धमकी, इंडिगो फ्लाइट की बेंगलुरु में इमरजेंसी लैंडिंग

🔷श्रीलंका का तीसरा विकेट गिरा, स्कोर-182/3: प्रसिद्ध ने 115 रन की साझेदारी तोड़ी, पहली पारी में 290 पर ऑलआउट हुई थी टीम

*आपका दिन शुभ और मंगलमय हो सुप्रभात..!!*
जय

27/08/2026

्री_केदार
आज के प्रातः कालीन दिव्य दर्शन

26/08/2026

प्रकृति के आगे इंसान की हैसियत ताश के पत्तों जैसी है—एक झोंका, और सब बिखर जाता है।

नेपाल और तिब्बत में आई विनाशकारी बाढ़ ने आज फिर यह कड़वा सच आंखों के सामने लाकर रख दिया।

पानी के इस प्रचंड रूप ने न जाने कितने हंसते-खेलते परिवारों को पल भर में उजाड़ दिया। उन बेबस निगाहों का दर्द महसूस कर पाना भी मुश्किल है, जिन्होंने अपनी आंखों के सामने अपने सपनों और अपनों को बहते देखा। इस कुदरती कहर में जिन मासूम जिंदगियों ने हमेशा के लिए आंखें मूंद लीं, उन सभी दिवंगत आत्माओं को अश्रुपूरित श्रद्धासुमन...

ईश्वर से प्रार्थना है कि वे बिछड़ी हुई आत्माओं को अपने श्रीचरणों में मोक्ष प्रदान करें और इस असहनीय दुख को सहने के लिए शोकाकुल परिवारों को संबल व असीम हिम्मत दें।

इस कठिन घड़ी में हमारी संवेदनाएं हर उस पीड़ित के साथ हैं।
ॐ शांति! 🙏🕯️

26/08/2026

"अगर अन्याय के खिलाफ लड़ना मुमकिन न हो, तो कम से कम सच के पक्ष में एक लफ़्ज़ बोलिए।

अगर बोल भी न पाएँ, तो अपनी कलम से क्रांति की नींव रखिए।

और अगर कलम भी न उठा सकें, तो उन निडर कंधों के साथ खड़े हो जाइए जो सच की मशाल लिए आगे बढ़ रहे हैं।

​याद रखिए, अगर आप उनका साथ भी नहीं दे सकते, तो कम से कम उनका मनोबल गिराने का पाप मत कीजिए—क्योंकि वे जिस आग में तप रहे हैं, उसकी रोशनी कल आपके भी घर को रोशन करेगी।

​खामोशी आपकी व्यक्तिगत मजबूरी हो सकती है, मगर ज़ुल्म की तरफदारी कभी नहीं।

मजबूरी में शांत रहना स्वीकार्य है, लेकिन अन्याय के आगे झुकना नहीं।

इंसानियत और सच्चाई के इस सफर में अपना हिस्सा चुनिए।"

​​सच का साथ दें, इंसानियत को चुनें।

जय हिंद | इंकलाब ज़िंदाबाद! 🇮🇳

🌅 समाचार जगत से: देश-दुनिया और राज्यों की बड़ी खबरें 🗞️🗓️ 26 अगस्त, बुधवार💥 प्रमुख राष्ट्रीय समाचार🔹 गडकरी का बयान: निति...
26/08/2026

🌅 समाचार जगत से: देश-दुनिया और राज्यों की बड़ी खबरें 🗞️
🗓️ 26 अगस्त, बुधवार

💥 प्रमुख राष्ट्रीय समाचार
🔹 गडकरी का बयान: नितिन गडकरी ने कहा— नई पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपने का समय आ गया है, अब पहले जितना काम नहीं कर सकता। हालांकि बाद में सफाई देते हुए कहा कि इसका राजनीति से कोई संबंध नहीं है।
🔹 केरल का नाम बदला: केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी की, 25 अगस्त से आधिकारिक रूप से लागू हुआ नया नाम 'केरलम'।
🔹 मिशन समृद्ध गांव: केंद्र सरकार की नई पहल; गांवों से गरीबी खत्म करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार देने का लक्ष्य।
🔹 तरुण तेजपाल को झटका: तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल की छूट की याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने 2 हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश दिया।
🔹 वरिष्ठ नागरिकों को राहत: देखभाल न करने वाले बच्चों को संपत्ति से बेदखल कर सकेंगे माता-पिता, योगी सरकार ने बदला कानून।
🔹 शिक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम: देश के 1 करोड़ छात्रों को मिलेगी फ्री कोचिंग; JEE, NEET और UPSC के लिए सरकार ने तैयार किया बड़ा प्लान।

🌍 अंतरराष्ट्रीय & विदेश नीति
🔹 भागवत का अमेरिका दौरा: RSS के 100 साल पूरे होने पर मोहन भागवत पहुंचे न्यूयॉर्क; 29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में भारतीय समुदाय को करेंगे संबोधित।
🔹 चीन में डोभाल-वांग यी की बैठक: भारत-चीन सीमा विवाद और द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने पर हुई गंभीर चर्चा।
🔹 ट्रंप का ईरान पर कसता शिकंजा: डिजिटल करेंसी से लेकर सोने और शिपिंग तक आर्थिक प्रतिबंध लागू; भारतीय व्यापार पर भी असर संभव।
🔹 ट्रेड वॉर का पलटवार: कनाडा ने US प्रोडक्ट्स पर लगाया 20 अरब डॉलर का भारी टैरिफ।
🔹 रूस में CIA चीफ की गुप्त यात्रा: पुतिन और ट्रंप के बीच शांति वार्ता को लेकर यूरोप से आ सकती है बड़ी खबर।

🛡️ रक्षा एवं सुरक्षा
🔹 रक्षा क्षेत्र में बड़ा फैसला: आकाश, अस्त्र और नाग जैसी मिसाइलें अब बनाएंगी निजी कंपनियां; रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा— घरेलू उत्पादन बढ़ाना मुख्य लक्ष्य।
🔹 ऑपरेशन सिंदूर पर बयान: पूर्व CDS ने कहा— पाकिस्तान के किराना हिल्स पर गिरा ड्रोन टारगेट नहीं था, अनजाने में हुई दुर्घटना थी।
🔹 घाटी में सुरक्षा बलों की कार्रवाई: शोपियां और पुलवामा से 8 संदिग्ध आतंकी व सहयोगी गिरफ्तार; भारी मात्रा में हैंड ग्रेनेड बरामद।
🔹 इंफाल में बड़ी सफलता: पुलिस और सेना का संयुक्त ऑपरेशन, भारी हथियारों के साथ 3 उग्रवादी गिरफ्तार।

💼 व्यापार, बाजार एवं अर्थव्यवस्था
🔹 रियायती प्याज की सप्लाई: 'कांदा एक्सप्रेस' के जरिए 800 मीट्रिक टन प्याज दिल्ली पहुंचेगा; NCCF और नैफेड पर ₹35/किलो की दर से मिलेगा।
🔹 सस्ती हुई चीनी: थोक बाजार में चीनी की एक्स-मिल कीमत 18% घटकर ₹55/किलो हुई, जल्द ही खुदरा कीमतों में भी दिखेगा असर।
🔹 सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को बढ़ावा: जापान दौरे पर पीयूष गोयल का बड़ा ऐलान— हाई-टेक कारखानों के लिए BIS मानक मंजूरी के नियमों में दी जाएगी छूट।

🚨 राज्य एवं प्रादेशिक अपडेट्स
🔹 सूरत में वंदे भारत पर पथराव: यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल थीं सवार; 2 कोच के शीशे टूटे, आरोपी युवक गिरफ्तार।
🔹 स्वाइन फ्लू का कहर: दिल्ली में मरीजों की संख्या 2308 पहुंची, नोएडा में 24 घंटे में 8 गुना बढ़े मामले; NCR के अस्पताल अलर्ट मोड पर।
🔹 अयोध्या संत विवाद: चंपत राय के खिलाफ संतों की बैठक पुलिस ने रोकी; भड़के संतों ने लगाए नारेबाजी के आरोप।
🔹 हिमाचल में दर्दनाक हादसा: नयना देवी जा रहे हरियाणा के श्रद्धालुओं का ट्रक खाई में पलटा, 52 लोग घायल।

🏏 खेल समाचार
🔹 IND vs SL 2nd Test (Day 3): तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका का स्कोर 265/8; भारतीय टीम अभी भी 238 रनों से आगे।

✨ आपका दिन शुभ और मंगलमय हो!
जय हिंद! 🙏

26/08/2026

्री_केदार 🔱
मंगलमयी शुभकामनाओं के साथ, श्री केदारनाथ धाम से दिव्य दर्शन 🙏🙏

25/08/2026

#पहाड़ का #पसीना और #कागज़_का_श्रमिक’: #राहत या #दुश्वारी?

पहाड़ों में आज भी हज़ारों परिवारों की ज़िंदगी का सिरा दो ही चीज़ों से बंधा है—खेत की मिट्टी और हाथों के छाले। लेकिन अब गांवों की तस्वीर बदल रही है। खेत बंजर हो रहे हैं, जंगली जानवरों की दहशत ने हल-कुदाल से हाथ छुड़ा दिए हैं। ऐसे दौर में जब श्रम विभाग की ‘श्रम किट योजना’ की गूंज सुनाई देती है, तो उम्मीद जागती है। लेकिन धरातल की हकीकत एक कड़वा सवाल पूछती है—क्या यह किट वाकई उस मजदूर तक पहुंच रही है, जिसका पसीना हर रोज़ पहाड़ की पगडंडियों पर गिरता है?
एक हज़ार का खर्चा, दिनभर का धक्का... और हाथ में एक छोटी सी किट
इन दिनों वितरण केंद्रों पर कतारें लंबी हैं। दूर-दराज के गांवों से लोग गाड़ियों में भरकर पहुंच रहे हैं। आने-जाने का भाड़ा, दिनभर की दिहाड़ी का नुकसान और कड़ी धूप में घंटों का इंतजार... कुल मिलाकर जेब से चले गए करीब ₹500!
शाम को जब वो घर लौटते हैं, तो हाथ में होती है—एक छोटी सी प्लास्टिक किट।
सवाल किट की कीमत का नहीं, नीयत का है। जिस मजदूर को राहत देने का दावा किया गया था, उसी को ₹500 के कर्ज और मानसिक पीड़ा के जाल में धकेल दिया गया। इस पीड़ा को वही समझ सकता है, जिसने अपनी भूख मारकर, दिनभर लाइन में धक्का खाया हो।
क्या कागज़ पर कार्ड बनते ही कोई ‘मज़दूर’ हो जाता है?
इस पूरे मंज़र की सबसे बड़ी विडंबना कतार में खड़े वो चेहरे हैं, जिन्होंने शायद ज़िंदगी में कभी फावड़ा नहीं उठाया, न ही कभी कड़कड़ाती ठंड में पत्थर तोड़े। वे किट की लाइन में सबसे आगे हैं!
अगर गैर-हकदार लोग कतार में हैं, तो यह सिर्फ अव्यवस्था नहीं है, यह धोखा है। सवाल सीधे प्रशासनिक पारदर्शिता पर उठते हैं:
* क्या श्रमिक कार्ड सिर्फ कागजी खानापूर्ति से बांटे गए?
* क्या सत्यापन के नाम पर सिर्फ दफ्तर की मेज थपथपाई गई?
* यदि अपात्रों के कार्ड बने हैं, तो यह उस असली मजदूर के हक पर डाका नहीं, तो और क्या है?
कल्याणकारी योजना या चुनावी प्रलोभन का खेल?
सरकार की योजनाओं पर सवाल उठाना विरोध नहीं, बल्कि लोकतंत्र का हक है। जब किसी योजना का ढोल ज़ोर-शोर से पीटा जाता है और एन चुनाव के आसपास किट बांटी जाती हैं, तो जनता के मन में शंका उपजती ही है—यह राहत का मरहम है या वोटों की खेती?
जनता सब समझती है। लेकिन क्या कोई इस तंत्र से यह पूछने की हिम्मत करेगा:
* क्या श्रम कार्ड बनाने की प्रक्रिया में ज़रा भी ईमानदारी बरती गई?
* क्या हर कार्डधारी वाकई पसीना बहाने वाला मजदूर है?
* इस अव्यवस्था और हकमारी का असली जिम्मेदार कौन है?
कलम का आखिरी सवाल
पहाड़ का असली श्रमिक आज भी सड़कों के कटान पर, निर्माण स्थलों पर, या बंजर होते खेतों में अपना खून-पसीना एक कर रहा है। उसे कागजों पर ‘श्रमजीवी’ का ठप्पा नहीं, अपने श्रम का सम्मान और हक चाहिए।

सरकारें लोकप्रिय योजनाओं से नहीं, ईमानदार नीयत से बनती हैं। किट बांटने से पहले हकदारों को तलाशिए, वरना पहाड़ की खामोशी एक दिन बहुत भारी सवाल बनकर उभरेगी!
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साभार:

 #मानसून के बाद  #गड्ढा_मुक्त होंगी  #उत्तराखंड की सड़कें?  #सीएम धामी का  #नया_प्लान,  #अक्टूबर से खुद निकलेंगे ' #ग्रा...
25/08/2026

#मानसून के बाद #गड्ढा_मुक्त होंगी #उत्तराखंड की सड़कें?
#सीएम धामी का #नया_प्लान, #अक्टूबर से खुद निकलेंगे ' #ग्राउंड_रिपोर्ट' लेने!

उत्तराखंड में मानसून के बाद सड़कों की सूरत बदलने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के शहरी और ग्रामीण इलाकों की सड़कों के सुधार के लिए एक व्यापक कार्ययोजना पर मुहर लगी है।
कैबिनेट बैठक के बड़े फैसले और निर्देश:

* युद्धस्तर पर मरम्मत: मानसून खत्म होते ही लोक निर्माण विभाग (PWD) और PMGSY सहित सभी संबंधित विभागों को निर्माण एवं मरम्मत कार्य तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

* समय पर टेंडर प्रक्रिया: काम में देरी न हो, इसके लिए निविदाएं (टेंडर्स) समय से पूरी करने को कहा गया है।

* पुरानी PMGSY सड़कों को बजट: जिन ग्रामीण सड़कों की मेंटेनेंस अवधि खत्म हो चुकी है, उनके सुधार के लिए राज्य सरकार खुद आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराएगी।

* शहरी निकायों को मदद: नगर निगम, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों को शहरी सड़कों को दुरुस्त करने के लिए पर्याप्त संसाधन और फंड दिए जाएंगे।

* सीएम की ग्राउंड रिपोर्ट: मुख्यमंत्री धामी खुद अक्टूबर महीने से सड़क मार्ग से विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर सड़कों का हाल देखेंगे।

उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में खस्ताहाल सड़कें हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही हैं। मानसून के दौरान भूस्खलन और भारी बारिश से सड़कों को भारी नुकसान पहुंचता है, जिससे आम जनता को रोजमर्रा की आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

सरकार की तरफ से सड़कों को दुरुस्त करने की घोषणाएं और समयसीमा (डेडलाइन) तय करना निसंदेह एक सकारात्मक पहल है। लेकिन धरातल पर इसका क्रियान्वयन कितनी मजबूती से होता है और ठेकेदारों व विभागों का समन्वय कितना सटीक रहता है—यही इस योजना की सफलता तय करेगा।

मुख्यमंत्री धामी का अक्टूबर में खुद सड़क मार्ग से निरीक्षण करने का निर्णय अधिकारियों पर दबाव बनाए रखने के लिए एक अच्छा कदम साबित हो सकता है।

अब देखना यह होगा कि क्या बारिश थमने के बाद सड़कों की हालत वाकई बदलती है या जनता को गड्ढों से राहत के लिए और इंतजार करना पड़ेगा। यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

आपकी क्या राय है?

क्या आपके क्षेत्र में मानसून के बाद सड़कों की स्थिति में सुधार होता है? कमेंट सेक्शन में अपनी राय ज़रूर साझा करें!

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