21/05/2026
FB/WA/DIR-26/2026
पूर्व निदेशक प्रोo डॉo डीo केo सिंह का निधन, रिम्स परिवार ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि
दिनाँक 20 मई 2026 को रिम्स के पूर्व निदेशक प्रोo डॉo डीo केo सिंह का निधन हो गया । इस दुःखद अवसर पर रिम्स परिवार ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
रिम्स के वर्तमान निदेशक प्रो. डॉ. राज कुमार ने प्रो. डॉ. डी. के. सिंह को स्मरण करते हुए कहा कि वे एक कुशल, निडर एवं अनुशासनप्रिय प्रशासक थे। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान, विशेष रूप से निश्चेतना विभाग में, प्रो. डॉ. सिंह का योगदान सदैव आदर के साथ याद किया जाएगा। उनका व्यक्तित्व समावेशी था और वे सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते थे।
ट्रॉमा एवं क्रिटिकल केयर विभागाध्यक्ष तथा डीन रिसर्च प्रो. डॉ. पी. के. भट्टाचार्य ने भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि प्रो. डॉ. डी. के. सिंह ने रिम्स की अकादमिक संस्कृति को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उल्लेखनीय है कि प्रो. डॉ. डी. के. सिंह ने रिम्स में निदेशक के रूप में दिनाँक 05.12.2018 से 25.06.2020 तक अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दीं। इसके पश्चात उन्होंने कुछ समय के लिए एम्स, भटिंडा के निदेशक का दायित्व भी संभाला। अपने दीर्घ शैक्षणिक जीवन में उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में भी उल्लेखनीय योगदान दिया। चिकित्सा शिक्षा, प्रशासनिक नेतृत्व और संस्थागत विकास में उनके योगदान को सदैव सम्मानपूर्वक स्मरण किया जाएगा।
21/05/2026
FB/WA/AMS-25/2026
लिफ्ट-संचालन के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित
अस्पताल परिसर में आने वाले मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा एवं सुविधा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आज अपर चिकित्सा अधीक्षक की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में लिफ्ट संचालक कंपनियों के प्रतिनिधियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान लिफ्टों के सुचारु संचालन, आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी बाधाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
सभी कंपनियों ने पुष्टि की कि अस्पताल की लिफ्टों में ऑटोमेटेड रेस्क्यू डिवाइस (ARD), इमरजेंसी अलार्म, इमरजेंसी लाइट, इंटरकॉम और डोर सेंसर पूरी तरह क्रियाशील हैं। प्रशासन ने कंपनियों से इसकी विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। लिफ्ट में फंसने जैसी स्थिति से निपटने के लिए 25 मई से 30 मई 2026 तक एक विशेष प्रशिक्षण सप्ताह आयोजित किया जाएगा, जिसमें लिफ्ट ऑपरेटरों को रेस्क्यू और इवैक्यूएशन की ट्रेनिंग दी जाएगी।
लिफ्ट कंपनी द्वारा अवगत कराया गया कि अस्पताल में लगे लिफ्ट के डोर सेंसर पर लोगों द्वारा थूकने (गुटखा/पान) के कारण सेंसर खराब हो रहे हैं और लिफ्ट बंद हो रही हैं। अस्पताल प्रशासन ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए आम जनता से अस्पताल की संपत्ति को साफ रखने और सहयोग करने की अपील की है।
भविष्य में कंपनियों की कड़ाई से निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही सभी लिफ्टों का नियमानुसार सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा।
अपर चिकित्सा अधीक्षक द्वारा दिया गया निर्देश
अस्पताल में आने वाले गंभीर मरीजों के लिए लिफ्ट एक जीवन रक्षक माध्यम की तरह है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी कंपनियों को 24×7 अलर्ट रहने एवं निर्बाध संचालन और जनहित सुरक्षा के मद्देनज़र लिफ्ट के अंदर अनिवार्य आपातकालीन संपर्क नंबर (Emergency Contact Details) प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है एवं हर महीने इसकी नियमित समीक्षा की जाएगी।
19/05/2026
FB/VR/MS-24/2026
रिम्स में प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण की पहल: दो नए डीएमएस नियुक्त
राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) प्रबंधन ने अस्पताल के सुचारु, प्रभावी एवं उत्तरदायी संचालन को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दो नए Deputy Medical Superintendent (DMS) की नियुक्ति की है। इस क्रम में डॉ. मुकेश कुमार नीरज, सह-प्राध्यापक, बायोकेमिस्ट्री विभाग को DMS-II तथा डॉ. साकेत कुमार वर्मा, सह-प्राध्यापक, ट्रॉमा बायोकेमिस्ट्री विभाग को DMS-III का दायित्व सौंपा गया है। वहीं, डॉ. अजय कुमार, सह-प्राध्यापक, सर्जरी विभाग पूर्व से ही DMS-I के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। नई प्रशासनिक व्यवस्था के तहत DMS-I और DMS-II के बीच मुख्य अस्पताल भवन, सुपरस्पेशलिटी ब्लॉक एवं क्षेत्रीय नेत्र संस्थान के संचालन संबंधी दायित्वों का समुचित कार्य-विभाजन किया जाएगा, जबकि DMS-III को ट्रॉमा सेंटर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रिम्स प्रबंधन का मानना है कि इस तरह से उत्तरदायित्व तय होने पर अस्पताल प्रशासन को और अधिक प्रभावी, व्यवस्थित तथा मरीजोन्मुख बनाया जा सकेगा।
18/05/2026
FB/WA/DNR-23/2026
रिम्स में शॉर्ट टर्म फ़ेलोशिप इन गुड क्लीनिकल प्रैक्टिस (GCP) का सफल समापन, रिसर्च गतिविधियों को मिलेगी गति
विगत 16 मई 2026 को रिम्स में “शॉर्ट टर्म फेलोशिप इन गुड क्लीनिकल प्रैक्टिस” कार्यक्रम का सफल समापन हुआ। इस फेलोशिप कार्यक्रम का आयोजन रिम्स के रिसर्च सेल द्वारा किया गया, जिसे डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ रिसर्च, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार का सहयोग प्राप्त था।
लगभग एक माह तक संचालित इस कार्यक्रम में क्लीनिकल रिसर्च मेथड्स, रिसर्च में एथिकल इश्यूज तथा क्लीनिकल ट्रायल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत व्याख्यान दिए गए। कार्यक्रम दो मॉड्यूल में आयोजित किया गया था—पहला मॉड्यूल 06 अप्रैल 2026 से 18 अप्रैल 2026 तक तथा दूसरा मॉड्यूल 04 मई 2026 से 16 मई 2026 तक संचालित हुआ। इसमें रिम्स के वरीय एवं कनिष्ठ प्राध्यापकों, रेजिडेंट्स, स्नातकोत्तर विद्यार्थियों, पीएचडी स्कॉलर्स तथा अन्य विश्वविद्यालयों एवं चिकित्सा संस्थानों के प्रशिक्षुओं ने सक्रिय भागीदारी की। कोलकाता एवं अन्य संस्थानों से आए विशेषज्ञों के साथ-साथ रिम्स के विभिन्न विभागों के मेंटर्स ने प्रशिक्षण सत्रों का संचालन किया। सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम चिकित्सा अनुसंधान को अधिक गुणवत्तापूर्ण, प्रमाणिक और उपयोगी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे न केवल शोध संस्कृति को मजबूती मिलेगी, बल्कि मरीज-हित में नई तकनीकों और बेहतर चिकित्सीय प्रक्रियाओं के विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उल्लेखनीय है कि डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ रिसर्च (DHR), भारत सरकार ने इस फेलोशिप कार्यक्रम के लिए आगामी पाँच वर्षों तक रिम्स को रिसर्च ग्रांट प्रदान किया है। इस परियोजना की प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. अर्पिता राय तथा सह-प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. एस. बी. सिंह हैं। सम्पूर्ण कार्यक्रम डीन (रिसर्च), रिम्स, राँची के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
13/05/2026
FB/WA/AMS-22/2026
रिम्स निदेशक ने विश्राम सदन का किया औचक निरीक्षण, मिली कई खामियां
रिम्स निदेशक द्वारा आज विश्राम सदन का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि संबंधित एजेंसी द्वारा कार्यादेश के अनुरूप संचालन नहीं किया जा रहा है। परिसर में कई स्थानों पर कूड़े के ढेर पाए गए, जिससे साफ-सफाई व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े हुए हैं।
निरीक्षण के क्रम में विश्राम सदन स्थित कैफेटेरिया एवं मरीज कैंटीन की स्थिति भी अत्यंत खराब पाई गई। यह देखा गया कि इनका संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हो रहा था। निदेशक द्वारा उपलब्ध खाद्य सामग्री, आइटम सूची तथा मेन्यू की जानकारी मांगे जाने पर संचालक द्वारा उसे उपलब्ध नहीं कराया जा सका। साथ ही, खाद्य सामग्री की मांग करने पर उसे समय पर उपलब्ध नहीं कराया गया।
इसे मरीज हित में गंभीर लापरवाही मानते हुए निदेशक ने संबंधित एजेंसी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस संबंध में संबंधित एजेंसी, साउथ बिहार वेलफेयर सोसाइटी फॉर ट्राइबल, को पत्र जारी कर 24 घंटे के भीतर अपना पक्ष एवं प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया है। निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होने की स्थिति में रिम्स प्रबंधन द्वारा नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
12/05/2026
FB/WA/AMS-21/2026
राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS), राँची में अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस का आयोजन
रिम्स, राँची में आज “अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस” के अवसर पर अस्पताल प्रशासन विभाग के सहयोग से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह दिवस आधुनिक नर्सिंग की जननी फ्लोरेन्स नाइटिंगेल की जयंती और स्वास्थ्य प्रणाली में नर्सों के निस्वार्थ योगदान के स्मरण में मनाया जाता है।
कार्यक्रम की शुरूआत नर्सिंग स्टाफ द्वारा केक काटकर की गयी। समारोह में अपर चिकित्सा अधीक्षक, मातृका विणा कुमारी और आई०वी० रानी खलखो एवं विभागों के परिचारिका उपस्थित रहे।
अपर चिकित्सा अधीक्षक ने संबोधन में कहा कि नर्स अस्पताल की रीढ़ होती है। मरीजों की रिकवरी में उनके समर्पण और धैर्य का कोई विकल्प नहीं है। अस्पताल प्रशासन उनके कल्याण और कार्यस्थल की सुरक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।
मातृका विणा कुमारी और आई०वी० रानी खलखो ने प्रोत्साहित करते हुए नर्सिंग प्रोफेशन की गरिमा पर प्रकाश डाला एवं सेवा भाव को सबसे बड़ा धर्म बताया।
अस्पताल प्रशासन विभाग ने इस सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया और भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी।
09/05/2026
FB/WA/AMS-20/2026
रिम्स, राँची में 'अग्नि सुरक्षा सप्ताह' का सफल आयोजन: मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण से परखी गई तैयारी
राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS), राँची में 'अग्नि सुरक्षा सप्ताह' का सफल आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अस्पताल परिसर में आग जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए कर्मचारियों को कुशल बनाना और सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करना था। संस्थान के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में फायर मॉक ड्रिल एवं फायर ऑडिट का आयोजन किया गया। इसमें आग लगने की स्थिति में मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने (Evacuation) और फायर फाइटिंग सिस्टम के त्वरित उपयोग का प्रदर्शन किया गया।
अस्पताल के सबसे महत्वपूर्ण विभागों, यथा OT, ICU, NICU और SSICU के नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। चुकि इन विभागों में गंभीर मरीज होते हैं, इसलिए यहाँ 'जीरो कैजुअल्टी' रणनीति पर जोर दिया गया। प्रशिक्षण में न केवल चिकित्सा कर्मी, बल्कि हाउसकीपिंग स्टाफ और इंजीनियरिंग विभाग के सदस्य भी शामिल हुए। उन्हें अग्निशमन यंत्रों (Fire Extinguishers) को चलाने और बिजली से जुड़ी खामियों को तुरंत पहचानने की ट्रेनिंग दी गई।
रिम्स प्रशासन ने इस अवसर पर कहा कि मरीजों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW, Govt. of India) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, अस्पताल को किसी भी अप्रिय घटना के लिए तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जा रहा है।
08/05/2026
FB/WA/DI-19/2026
रिम्स का डेंटल इंस्टिट्यूट बनेगा एमडीएस पाठ्यक्रम शुरू करने वाला राज्य का पहला सरकारी संस्थान
केंद्र सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए रिम्स डेंटल इंस्टिट्यूट को विभिन्न विशेषज्ञताओं में मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी (MDS) पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति प्रदान कर दी है। डेंटल कॉउन्सिल ऑफ़ इंडिया (डीसीआई) की टीम ने रिम्स के डेंटल इंस्टिट्यूट का निरीक्षण किया था, जिसके पश्चात् यह अनुमति स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 9 अप्रैल 2026 को जारी लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) के अनुक्रम में आवश्यक दस्तावेज एवं अंडरटेकिंग प्रस्तुत किए जाने के बाद दी गई है।
जारी आदेश के अनुसार कॉलेज में कुल नौ विशेषज्ञताओं में MDS पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। प्रत्येक विभाग में 3-3 सीटों की स्वीकृति दी गई है (कुल 27 सीटें)।
स्वीकृत विशेषज्ञताएं
1. ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलॉजी
2. ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल पैथोलॉजी तथा ओरल माइक्रोबायोलॉजी
3. ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी
4. प्रोस्थोडॉन्टिक्स एंड क्राउन एंड ब्रिज
5. पीरियोडॉन्टोलॉजी
6. कंज़र्वेटिव डेंटिस्ट्री एंड एंडोडॉन्टिक्स
7. पीडियाट्रिक एंड प्रिवेंटिव डेंटिस्ट्री
8. ऑर्थोडॉन्टिक्स एंड डेंटोफेशियल ऑर्थोपेडिक्स
9. पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री
यह अनुमति प्रारंभिक रूप से एक वर्ष के लिए प्रदान की गई है, जिसे निर्धारित मानकों एवं वार्षिक लक्ष्यों की पूर्ति के आधार पर हर वर्ष नवीनीकृत किया जाएगा। निर्धारित शर्तों का उल्लंघन कर किए गए किसी भी प्रवेश को अनियमित माना जाएगा और डीसीआई के निहित नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। इस स्वीकृति से राज्य में उच्च स्तरीय दंत चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ छात्रों को विशेषज्ञता आधारित शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
दंत चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में झारखंड राज्य के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इसी के साथ, रिम्स स्थित डेंटल इंस्टिट्यूट राज्य में एमडीएस की पढ़ाई हेतु पहला सरकारी संस्थान बन गया है। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से एवं निदेशक रिम्स, डीन रिम्स एवं प्रिंसिपल डेंटल इंस्टिट्यूट, रिम्स के समेकित प्रयास से यह संभव हो पाया है। आने वाले वर्षों में इसके दूरगामी परिणाम परिलक्षित होंगे एवं दंत रोग के गंभीर मरीज इससे लाभान्वित भी होंगे।
04/05/2026
FB/VR/MS-17/2026
स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत टेंडर संबंधी कथित गड़बड़ियों की ख़बरों पर रिम्स प्रबंधन का पक्ष
हाल के दिनों में मीडिया (प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक) में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत टेंडर संबंधी कथित गड़बड़ियों के सन्दर्भ में ख़बरें आ रहीं हैं। इन पर रिम्स प्रबंधन निम्न बिंदुओं पर अपनी स्थिति स्पष्ट करता है:
1. रिम्स में प्रोक्योरमेंट की प्रक्रिया पूर्णत: पारदर्शी तरीके से सम्पादित की जाती है। Jharkhand Procurement Policy 2014 एवं Jharkhand Procurement of Goods and Services Manual 2024 में निहित प्रावधानों का अनुपालन करते हुए GeM पोर्टल अथवा झारखण्ड e-Procurement पोर्टल के माध्यम से प्रक्रिया पूर्ण की जाती है।
2. किसी भी निविदा के पूर्व, सक्षम स्तर से अनुमोदन के उपरांत संबंधित DPC (Departmental Purchase Committee) के द्वारा Specifications बनाये जाते हैं, जिसकी पुन: समीक्षा PPC (Pre Purchase Committee) के द्वारा की जाती है। तत्पश्चात निविदा आमंत्रित की जाती है।
3. सभी निविदाओं में आवश्यक रुप से Pre Bid बैठक आयोजित की जाती है, जिसमें इच्छुक निविदा दाताओं से फीडबैक लेते हुए नियमसंगत एवं संस्थान/विभाग के जरुरत के अनुसार अंतिम निविदा प्रपत्र तैयार किये जाते हैं।
4. सभी निविदाओं का निष्पादन रिम्स विनियमावली 2014 के अनुसार गठित स्थायी भंडार एवं क्रय समिति (Purchase Committee) के स्तर से किया जाता है। संस्थान के निदेशक की अध्यक्षता में गठित उक्त समिति के अन्य सदस्यों में संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक, स्वास्थ्य, निगरानी एवं उद्योग विभाग द्वारा मनोनीत सदस्य, निदेशक चिकित्सा शिक्षा, आंतरिक वित्तीय सलाहकार एवं शासी परिषद के सदस्यों में से एक चिकित्सा विशेषज्ञ सम्मिलित होते हैं।
5. स्थायी भंडार एवं क्रय समिति (Purchase Committee) के साथ बैठक में PPC (Pre Purchase Committee) के अध्यक्ष एवं सभी संबंधित विभागों के DPC की मौजूदगी व सक्रिय भागीदारी आवश्यक होती है।
6. बैठकों की कार्यवाही की समुचित वीडियो रिकॉर्डिंग कराकर उन्हें संरक्षित रखा जाता है।
7. मीडिया रिपोर्ट्स में जिन कंपनियों का नाम आ रहा है उनमें से किसी के द्वारा भी रिम्स में आपूर्ति कर्त्ता अथवा सेवा प्रदाता का कार्य नहीं किया जा रहा है।
अत: रिम्स प्रबंधन मीडिया से अपील करता है कि इस प्रकार की ख़बरों में रिम्स के छायाचित्रों अथवा वीडियो क्लिपिंग्स का उपयोग कर रिम्स की छवि को धूमिल न करें।
निर्देशानुसार प्रेषित।
04/05/2026
FB/WA/IC-BC-16/2026
दिनांक 03 मई 2026 को राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची के रक्त केंद्र द्वारा रिम्स एकेडमिक बिल्डिंग में वर्ल्ड मिशन सोसाइटी, चर्च ऑफ गॉड के सहयोग से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 200 से अधिक स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा लगभग 70 यूनिट रक्तदान कर रिम्स रक्त केंद्र को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की।
यह शिविर रक्त केंद्र, रिम्स की प्रभारी डॉ. सुषमा कुमारी के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उन्होंने इस आयोजन के लिए श्री नरेंद्र कुजूर एवं सभी रक्तदाताओं के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान मानव जीवन को बचाने का सर्वोच्च माध्यम है।
इस प्रकार के शिविर न केवल रक्त की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करते हैं, बल्कि समाज में रक्तदान के प्रति सकारात्मक जागरूकता भी उत्पन्न करते हैं। रिम्स भविष्य में भी जनसेवा एवं स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन हेतु प्रतिबद्ध है।
30/04/2026
FB/WA/AMS-15/2026
आज राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), राँची के चार वरिष्ठ स्टाफ नर्सों (ग्रेड-ए), Gloria Kandulna, Asha Kumari, Rekha Kumari एवं Nita Kumari के सेवानिवृति के उपलक्ष्य में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। संस्थान में अपनी वर्षों की अनवरत और अनुकरणीय सेवा पूरी करने के पश्चात आज ये सभी नर्सें अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त हुईं।
इस विशेष अवसर पर निदेशक, रिम्स, उप निदेशक (वित्त), डीन अकादमिक, डीन स्टूडेंट वेलफेयर, चिकित्सा अधीक्षक, अपर चिकित्सा अधीक्षक, कार्यालय अधीक्षक मुख्य रूप से उपस्थित रहे। साथ ही, अन्य पदाधिकारिओं यथा नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट इत्यादि ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज करायी।
संस्थान के निदेशक ने सेवानिवृत होने वाली नर्सों को उनके सेवानिवृति के सारे कागजात सौंपकर उन्हें उनकी लंबी सेवा के लिए आभार प्रेषित किया। उन्होंने कहा कि इन नसों ने अपने समर्पण भाव से रिम्स की सेवा-संस्कृति को मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है, जो सभी के लिए अनुकरणीय है ।
विभिन्न विभागों के प्रतिनिधिओं ने समारोह में उपस्थित होकर इन कर्मियों के उत्तम स्वास्थ्य एवं उज्जवल भविष्य की कामना की।
सहकर्मियों एवं चिकित्सा विशषज्ञों ने इनके साथ बिताये हुए कार्यानुभव को साझा किया ।
कार्यक्रम के अंत में निदेशक महोदय ने सभी के उत्तम स्वास्थ्य एवं मंगलमय सेवानिवृति की कामना करते हुए इन्हें शुभकामनायें दी।