18/09/2026
Durga Saptashati | Class 82 | Adhyay 11 | पदार्थ • अन्वय • भावार्थ सहित | Chandi Path Training | https://youtube.com/live/0Mx4AA-Ga-k
🌺 Durga Saptashati Path Training Series — Class 82 🌺
📖 एकादश अध्याय — पदार्थ • अन्वय • हिन्दी भावार्थ सहित
दुर्गा सप्तशती के एकादश अध्याय में शुम्भ-निशुम्भ आदि दैत्यों के संहार के पश्चात् देवताओं द्वारा भगवती महादेवी की अत्यन्त भावपूर्ण स्तुति का विस्तारपूर्वक वर्णन प्राप्त होता है।
देवताओं की स्तुति से प्रसन्न होकर माँ भगवती साक्षात् प्रकट होती हैं और लोककल्याण के लिए देवताओं को वरदान प्रदान करती हैं। देवी यह भी आश्वासन देती हैं कि भविष्य में जब-जब अधर्म और आसुरी शक्तियों का प्रभाव बढ़ेगा, तब-तब वे प्रकट होकर भक्तों की रक्षा तथा दुष्टों का विनाश करेंगी।
इस अध्याय में देवी के सर्वव्यापक, जगदाधार, करुणामयी एवं भक्तवत्सल स्वरूप की स्तुति के साथ देवी-कृपा, शरणागति और लोककल्याण का अत्यंत महत्वपूर्ण तत्त्व प्रतिपादित हुआ है।
इस कक्षा में प्रत्येक श्लोक का पदार्थ, अन्वय एवं हिन्दी भावार्थ सप्तटीका-आधारित शास्त्रीय पद्धति से प्रस्तुत किया गया है, जिससे साधक पाठ के साथ उसके शास्त्रीय अर्थ, प्रसंग और देवी-तत्त्व को भी समझ सकें।
✨ इस कक्षा में
🔹 शुम्भ-निशुम्भ आदि दैत्यों के संहार के पश्चात् देवताओं द्वारा देवी की स्तुति
🔹 भगवती महादेवी का प्रसन्न होकर साक्षात् प्रकट होना
🔹 देवी के सर्वव्यापक एवं जगदाधार स्वरूप की स्तुति
🔹 देवताओं द्वारा लोककल्याण एवं अभय के लिए वरदान की याचना
🔹 देवी द्वारा भक्तों की रक्षा एवं दुष्टों के विनाश का आश्वासन
🔹 देवी-कृपा, भक्ति, शरणागति एवं लोककल्याण का प्रतिपादन
🎧 अध्ययन विवरण
📚 ग्रंथ: श्रीदुर्गासप्तशती (देवीमाहात्म्यम्)
📖 अध्याय: एकादश अध्याय — देवी-स्तुति एवं वरदान
🕉️ अध्ययन-विधि: पदार्थ • अन्वय • हिन्दी भावार्थ सहित
📖 अध्ययन-पद्धति: सप्तटीका-आधारित शास्त्रीय अध्ययन
🎙️ प्रस्तुति: Dr. Akhilesh Kumar Mishra
📺 चैनल: Adhyaatma Jagat
🌸 यह कक्षा दुर्गा सप्तशती के देवी-स्तुति एवं वरदान प्रसंग, देवी-कृपा, शरणागति तथा देवी-माहात्म्य के शास्त्रीय अर्थ को समझने वाले प्रत्येक साधक के लिए अत्यंत उपयोगी है।