28/09/2025
खाद ,बीज, स्प्रे कम्पनीयां कैसे व्यापारी को लालच, हिल स्टेशन, विदेशी टूर शराब, शबाब पार्टीयां करके किसान को लूटने के तरीके सिखाती है
खाद,बीज, स्प्रे और पहाड़ों पर मस्ती,
किसान लुटे तो कौन हंसी ठिठोली करे?
किसान भाईयों, जरा ठहरिए और सोचिए।
संगरिया की आवाज़।
किसान भाईयों ,
आपके खेत की मिट्टी में पसीना, आपकी आंखों में मेहनत के सपने और जेब में हमेशा खालीपन — यही आपकी पहचान बन गई है।
आप सोचते हैं कि बीज की दुकान आपके लिए मंदिर है और व्यापारी आपका पुजारी।
लेकिन असल में वह आपकी मेहनत का ठेकेदार है, जो कम्पनी का टारगेट पूरा करने के लिए आपको सबसे बढ़िया पैकेट बेच देता है।
आप खेत में पसीना बहाकर सूरज को सीधा माथे से ललकारते हैं, धूप–लू में झुलसते हैं, बीज से लेकर स्प्रे तक सब कुछ उधार या नकद खरीदते हैं। आपको भरोसा दिलाया जाता है – “भाई साहब, यह कम्पनी का सबसे बढ़िया माल है, इससे पैदावार डबल हो जाएगी।” आप भोलेपन से विश्वास कर लेते हैं।
आप खेत में धूप से पिघलते हैं,
वह बर्फ में स्नोबॉल लड़ता है।
आपकी पत्नी घर में राशन का हिसाब जोड़ती है,
वह होटल के बुफे में “कितना खाया जाए” सोचता है।
आप सूखे कुएं को निहारते हैं,
वह मालदीव,गोवा के नीले समंदर को।
और मजे की बात यह —
कम्पनी इन टूरों का नाम रखती है – “ #किसान_सेवा_यात्रा”।
सेवा किसकी?
किसान की या व्यापारी की जेब की?
सच तो यह है, भाई,
कि आपकी हर खरीदी हुई बोरी, हर खरीदा हुआ पैकेट, हर स्प्रे की बोतल
उसकी फ्री की हवाई टिकट है।
और जब आप कर्ज की किस्त चुकाने के लिए साहूकार के आगे झुकते हैं,
तो वही व्यापारी फेसबुक पर चढ़कर “ #ट्रिप_टू_थाईलैंड_विद_कम्पनी_टीम” पोस्ट डालता है।
किसान!
अब भी आंख न खोलोगे?
बीज और स्प्रे से ज्यादा, कभी अपने व्यापारी की जेब का हिसाब भी कर लो।
पर जरा पर्दे के पीछे झांकिए।
जिस व्यापारी से आप बीज, दवा और खाद खरीद रहे हैं, वही साल के अंत में कम्पनी की “ #सेल_टारगेट_स्कीम” का हीरो बनकर निकलता है। उसका टारगेट कौन पूरा करता है? आप!
आपकी जेब से निकली रकम उसे सीधे हिल स्टेशन के ठंडे झोंकों और विदेशी समुद्र तटों की रेत पर शराब और शबाब पर नाचने भेज देती है।
किसान खेत में धूप से झुलसे,
व्यापारी शिमला–मनाली में बर्फ से खेले।
किसान की कमर खाद–बीज की किश्तों से टूटी,
व्यापारी की कमर स्विस मसाज सेंटर में सीधी हुई।
क्या यह वही “ #कृषि_सेवा” है जिसके नाम पर दुकानें सजती हैं?
या फिर यह सीधा–सीधा “किसान की जेब से कम्पनी–व्यापारी की मौज” वाली स्कीम है?
किसान का सपना – फसल अच्छी हो जाए, घर का चूल्हा जलता रहे।
व्यापारी का सपना – अगले साल कम्पनी कहे, “भाई, इस बार तो थाईलैंड का टूर पक्का है!”
आप विश्वास कर लेते हैं।
“भाई साहब, ये नया स्प्रे है, एकदम गारंटी!”
आप दौड़ पड़ते हैं…
पर असली गारंटी कहाँ जाती है?
गारंटी जाती है व्यापारी की जेब में,
और वहीं से निकलता है कम्पनी का कूपन।
कूपन से मिलता है हिल स्टेशन का टिकट,
और टिकट से शुरू होता है उसका मौज–मस्ती का मौसम।
और हंसी की बात यह है कि जब आप खेत में कीड़े मारने का स्प्रे छिड़क रहे होते हैं, ठीक उसी वक्त आपका व्यापारी कम्पनी मीटिंग में “ #सेल्स_चैंपियन_ऑफ_द_ईयर” की ट्रॉफी उठा रहा होता है।
तो किसान भाई, अगर आपके व्यापारी की फेसबुक डीपी कभी–कभार बर्फीली पहाड़ियों, हवाई जहाज या विदेशी होटल से चमकती दिखे, तो समझ जाइए – वह टूर आपके ही पसीने और कर्ज से खरीदा गया है।
🎯 याद रखिए –
बीज और स्प्रे आप खरीदते हैं,
पर छुट्टियां व्यापारी मनाता है।
मौज उसकी, लूट आपकी।