19/08/2026
तुलसी जयंती पर साहित्य और अभिव्यक्ति का सुंदर संगम
O.P. Jindal School, Patratu में आज तुलसी जयंती के अवसर पर “अंतर्सदनीय आशुभाषण प्रतियोगिता” का आयोजन किया गया। कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया। नेहरू, रमन, टैगोर एवं रामानुजन सदन से तीन-तीन प्रतिभागियों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से मंच को जीवंत बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कक्षा छठी ‘भाव’ के विद्यार्थियों द्वारा रामचरितमानस की चौपाइयों के सुमधुर गायन से हुआ। प्रतियोगिता के निर्णायक श्री बी.के. शर्मा रहे, जबकि कार्यक्रम का संयोजन हिंदी शिक्षिका श्रीमती आभामंडल ने किया।
इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती संतोष चौधरी जी ने अपने संदेश में कहा कि "तुलसीदास का साहित्य हमें केवल भाषा और अभिव्यक्ति नहीं सिखाता, बल्कि जीवन-मूल्यों, संस्कारों और मानवीय संवेदनाओं से भी जोड़ता है। विद्यार्थियों को साहित्य पढ़ने के साथ उसे अपने जीवन में आत्मसात करने का प्रयास करना चाहिए।"
जहाँ साहित्य संस्कार बनता है,
वहीं मंच आत्मविश्वास गढ़ता है।
और जहाँ विद्यार्थी निर्भीक होकर बोलते हैं,
वहीं भविष्य की सशक्त आवाज़ जन्म लेती है।
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