14/04/2024
सच बताना
St. Anthony's High School now become St. Anne's High School.
14/04/2024
सच बताना
अपूर्व: कोपि कोशोयं विद्यते तव भारति।
व्ययतो वृद्धिमायाति क्षयमायाति संचयात्॥
विद्या रूपी कोष अपूर्व है, आश्चर्यजनक है। विद्या का उपयोग करने से एवं दूसरों में बाँटने से वह बढ़ती है। इसके विपरीत संग्रहित करने से क्षीण होती जाती है।
The knowledge has different characteristics. It increases while being spent and decreases when kept unused.
शिक्षा का उपयोग करें,
अधिकाधिक सहयोग करें,
सीखें भी सिखलाएँ भी,
विद्या को फैलाएँ भी।
आज डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन शिक्षक दिवस पर सभी शिक्षकों को नमन करते हुए शिक्षा के अधिकाधिक प्रचार प्रसार हेतु संकल्पित हों।
12/08/2023
पांचवीं तक स्लेट की बत्ती को जीभ से चाटकर कैल्शियम की कमी पूरी करना हमारी स्थाई आदत थी लेकिन इसमें पापबोध भी था, कि कहीं विद्यामाता नाराज न हो जायें...
पढ़ाई का तनाव हमने पेन्सिल का पिछला हिस्सा चबाकर मिटाया था..
पुस्तक के बीच पौधे की पत्ती और मोरपंख रखने से हम होशियार हो जाएंगे ऐसा हमारा दृढ विश्वास था..
कपड़े के थैले में किताब कॉपियां जमाने का विन्यास हमारा रचनात्मक कौशल था..
हर साल जब नई कक्षा के बस्ते बांधते तब कॉपी किताबों पर जिल्द चढ़ाना हमारे जीवन का वार्षिक उत्सव था..
माता-पिता को हमारी पढ़ाई की कोई फ़िक्र नहीं थी.. न हमारी पढ़ाई उनकी जेब पर बोझा थी.. सालों साल बीत जाते पर माता-पिता के कदम हमारे स्कूल में न पड़ते थे ।
एक दोस्त को साईकिल के डंडे पर और दूसरे को पीछे कैरियर पर बिठा हमने कितने रास्ते नापें हैं , यह अब याद नहीं बस कुछ धुंधली सी स्मृतियां हैं..
स्कूल में पिटते हुए और मुर्गा बनते हमारा ईगो हमें कभी परेशान नहीं करता था , दरअसल हम जानते ही नही थे कि ईगो होता क्या है ?
पिटाई हमारे दैनिक जीवन की सहज सामान्य प्रक्रिया थी ,"पीटने वाला और पिटने वाला दोनो खुश थे" , पिटने वाला इसलिए कि कम पिटे , पीटने वाला इसलिए खुश कि हाथ साफ़ हुआ..
हम अपने माता-पिता को कभी नहीं बता पाए कि हम उन्हें कितना प्यार करते हैं,क्योंकि हमें "आई लव यू" कहना नहीं आता था..
आज हम गिरते - सम्भलते , संघर्ष करते दुनियां का हिस्सा बन चुके हैं , कुछ मंजिल पा गये हैं तो कुछ न जाने कहां खो गए हैं..
हम दुनिया में कहीं भी हों लेकिन यह सच है , हमे हकीकतों ने पाला है , हम सच की दुनियां में थे..
कपड़ों को सिलवटों से बचाए रखना और रिश्तों को औपचारिकता से बनाए रखना हमें कभी नहीं आया इस मामले में हम सदा मूर्ख ही रहे..
अपना अपना प्रारब्ध झेलते हुए हम आज भी ख्वाब बुन रहे हैं , शायद ख्वाब बुनना ही हमें जिन्दा रखे है, वरना जो जीवन हम जी कर आये हैं उसके सामने यह वर्तमान कुछ भी नहीं..
हम अच्छे थे या बुरे थे पर हम एक साथ थे, काश वो समय फिर लौट आए..
"एक बार फिर अपने बचपन के पन्नो को पलटिये, सच में फिर से जी उठेंगे”...
क्या आप भी इन पुरानी यादों के साथ गुजरे हैं ?
11/07/2023
Happy Birthday Sir
Happy Birthday Sanju Sir.
28/10/2022
सरस्वतीं च तां नौमि वागधिष्ठातृदेवताम्।
देवत्वं प्रतिपद्यन्ते यदनुग्रहतो जना:॥
यदि वाणी का अनुग्रह हो तो सामान्य जन भी देवत्व से पूरित हो जाते हैं अर्थात् देव तुल्य बन जाते हैं।
वाणी की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती को नमन है।
If Speech of a person is well mannered, he will become a noble. I bow towards _Saraswati_ the Goddess of Speech.
बसंत के आगमन एवं सृष्टि के प्रारम्भ होने के इस विशेष दिवस _बसंत पंचमी_ पर माँ सरस्वती का वंदन कर अपनी वाणी में सदैव विराजित रहने की प्रार्थना करें।
नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे त्वया हिन्दुभूमे सुखं वर्धितोऽहम्।
महामङ्गले पुण्यभूमे त्वदर्थे पतत्वेष कायो नमस्ते नमस्ते।।
हे वात्सल्य से पूर्ण मातृभूमि! हम सभी के सुखों में निरन्तर वृद्धि करने वाली, हे हिन्दभूमि! आपको सदैव नमन है।
हे महामंगलमयी पुण्यभूमि! आपके ही कार्य में मेरा यह शरीर अर्पण हो। आपको बारम्बार नमन है, नमन है।
O loving motherland! You increase constantly our happiness, O Indian land! I always salute you.
O virtuous land! May this body be offered in your work only. I bow myself to you. Salute to you.
आज 73 वें गणतन्त्र दिवस पर आएँ इस महान भारत भूमि का हृदय से वंदन करें एवं राष्ट्रहित सर्वोपरि भावना हृदय में भरें।
शुभकामनाएँ
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11/11/2021
ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते।
अनुकंपय माम् भक्त्या गृहणार्घ्यं दिवाकर:।।
समस्त प्राणियों को नित्य नवजीवन प्रदान करने वाले ऊर्जा के अक्षुण्ण स्रोत सूर्य देवता की प्रथम किरण ऊषा को अर्घ्य समर्पित करूँ एवं सूर्य देव अपनी असीम अनुकम्पा हम सभी पर बरसाए।
We pray the first ray Usha of the eternal source of energy the Sun on this auspicious day of Soorya Shashthi and be blessed.
आज उदय होते सूर्य की प्रथम किरण ऊषा को अर्घ्य देते हुए सूर्य आराधना के महापर्व सूर्य षष्ठी (छठ पूजा) पर भगवान भास्कर से हम सभी के जीवन में प्रखरता भरने की प्रार्थना।
छठी मैया हम सबका कल्याण करें।
किरण प्रथम को अर्घ्य हमारा, सूर्य देव स्वीकार करो,
भाव पुष्प अर्पण हैं छठ माँ, हम सबका उद्धार करो।
30/08/2021
यदा-यदा ही धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत।
अभ्युत्थानम् अधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्॥
परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्।
धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे॥
गीता : अध्याय ४, श्लोक ७-८।
जब जब होय धर्म की हानी,
बाढ़हिं असुर, अधम, अभिमानी,
तब तब प्रभु धर विविध शरीरा,
हरहि कृपानिधि, सज्जन पीरा।
रामचरितमानस : बालकाण्ड
भगवान श्री कृष्ण ने सम्पूर्ण मानव जाति को यह आश्वासन देते हुए कहा है कि
जब जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब-तब ही मैं अपने रूप को रचता हूँ अर्थात् साकार रूप में लोगों के सम्मुख प्रकट होता हूँ। सज्जन पुरुषों की रक्षार्थ, पाप कर्म करने वालों को नष्ट करने के लिए और धर्म की स्थापना के लिए मैं युग-युग में अर्थात् हर समय प्रकट होता हूँ।
The assurance of _Krishn_ to all mankind is, "Whenever virtue subsides and wickedness prevails, I manifest Myself. To establish virtue, to destroy evil, to save the good I come at every Yuga (age).
आज श्री कृष्ण जन्मोत्सव पर परमसत्ता के इस सङ्कल्प को स्वयं में अवतरित करें, जो हमारी समस्त बुराइयों को नष्ट कर दे।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ।
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