11/10/2020
क्या आप न्यू स्टार्टअप हैं ? तो भूल कर भी ना करें ये गलतियाँ ।
आपका स्टार्टप आईडिया कितना भी बढ़िया क्यों नही हो, पर आपकी एक छोटी सी गलती आपके स्टार्टअप को सफलता से कोसों दूर ले जा सकती है । ऐसे में आपको अपने आईडिया को इम्प्लीमेंट करते वक़्त कुछ गलतियों से बचना चाहिये । आज के इस आलेख में अपने युवा साथियों को ऐसे ही कुछ छोटी-छोटी गलतियों के बारे में बताऊंगा जिससे की वो एक सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना सकें ।
एक रिसर्च के अनुसार देश मे करीब 45 प्रतिशत स्टार्टअप इसलिये फेल हो जाते हैं क्योकि उनका आईडिया मार्केट के हिसाब से फिट नही है । जबकि 25 प्रतिशत स्टार्टअप के फेल होने के पीछे सही टीम मैनेजमेंट का ना होना होता है । ऐसे में स्टार्टअप शुरू होने से पहले ही दम तोड़ देते हैं । ऐसी ही कुछ गलतियाँ निम्न है -
1. दूसरों के आईडिया से प्रेरित आईडिया पर काम करना या दूसरे के आईडिया का नकल करना - कभी कभी हम अपने स्टार्टअप आईडिया को ले कर अपने परिचित, वेल विशर, दोस्त आदि से डिस्कस करते हैं जिन्हें की आपके आईडिया से जुड़ा कोई जमीनी अनुभव नही होता और वो ना आपके टीम के सदस्य होते हैं जो आपके बिजनेस को नजदीक से जान या समझ रहें होते हैं । ऐसे में मेरा मनाना है कि वे आपके कितने भी शुभचिंतक क्यों ना हो आप उनसे सलाह तो ले पर अमल से पहले किसी विषय विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें ।
दूसरी बात आप बाजार के प्रतिद्वंदियों पर नजर रखते हैं ये अच्छी बात है पर अपनी हर प्लानिंग उनके स्ट्रेटजी को आधार बना कर करना सही नही है । बल्कि आपके स्टार्टअप की प्लानिंग, स्ट्रेटजी बिल्कुल यूनिक हो तो सक्सेस के चांसेस काफी बढ़ जाते हैं ।
[11/10, 2:53 pm] Rakesh Jha: 2. खराब लोकेशन - किसी भी स्टार्टअप के फेल होने का सबसे बड़ा कारणों में से एक कारण है खराब लोकेशन । जबकि किसी स्टार्टअप को अपना लोकेशन सेलेक्ट करने से पहले मार्केट साइज़, टारगेट कस्टमर्स तक पहुंच, कच्चा माल की प्राप्ति, सस्ता श्रम आदि बातों का ख्याल रखते हुवे अपने वर्क स्टेशन का लोकेशन का चुनाव करना चाहिए । अगर आप ये सोचते हैं कि शुरुआत कहीं से भी की जा सकती तो ठीक है पर सही लोकेशन से आपको अपने बिजनेस को बढ़ाने में काफी आसानी होती है ।
3. टीम पर भरोषा नही करना - कभी-कभी ऐसा होता है कि अपने बिजनेस के प्रति हद से ज्यादा लगाव या इनसिक्योर होने के कारण आप सबकुछ अकेले करने के चक्कर मे अपनी ऊर्जा और समय दोनों का सही उपयोग नही कर पाते जो कि आपके बिजनेस के लिए सही हैं । अतः आपको अपने टीम पर भरोषा अवश्य करना चाहिए और टीम के प्रत्येक सदस्य को उनके एक्सपर्टाइज और क्षमता के हिसाब से काम दे कर उनको समय समय पर मोटिवेट कर खुद की ऊर्जा और समय को तरीके से यूज करना चाहिये ताकि टीम में एक वर्क कल्चर डेवलप हो सके और बिजनेस स्मूथली रन कर सके ।
4. कभी कभी स्टार्टअप कंपनियों के द्वारा अपने उत्पाद को लेकर असुरक्षा की भावना के साथ कि क्या पता प्रॉडक्ट बाजार में बिकेगा की नही या हमारी सर्विस को लोक पसंद करेंगे कि नही । ये सोच आत्मविश्वास की कमी के कारण अपनी सेवाओं का मूल्य कम लागते हैं । जबकि वस्तु की कीमत इन सब बातों पर नहीं ये तो मार्केट रिसर्च, डिमांड और सप्लाई जैसे चीजों से निर्धारित होती है । अतः मैं यहाँ यही सलाह दूँगा की आप प्रॉपर मार्केट रिसर्च के आधार पर अपने उत्पाद या सेवाओं का मूल्य निर्धारण करें ।
5. फंडिंग की जल्दबाजी - ऐसा देखा गया है कि स्टार्टअप के द्वारा फंडिंग की बहुत जल्दबाजी होती है । इसके पीछे एक कारण यह भी है कि बाजार में किसी स्टार्टअप को फंड मिल जाना इंक्यूबेटर द्वारा उसके सफलता के रूप में प्रचारित किया गया है । जबकि होना ये चाहिए कि प्रारंभिक चरण में ही स्टार्टअप में फंड जुटाने की कवायद कभी-कभी गलत भी हो जाता है । क्योंकि एक बार मार्केट का पैसा आपके स्टार्टअप में इन्वेस्ट हो जाने पर परफॉर्मेंस को ले कर आप पर एक छोटा मोटा प्रेसर तो बन ही जाता है । अतः यहाँ हमारी सलाह रहेगी कि सबसे पहले आप अपने स्टार्टअप में खुद की सेविंग या फंड से काम लें तद्पश्चात जब आपका स्टार्टअप आईडिया बिजनेस करने लगेगा तो इंवेस्टर्स खुद आपके स्टार्टअप में इन्वेस्ट करने में रुचि लेने लगेंगे ।
6. जरूरत से ज्यादा तेज इम्प्लीमेंटेशन - हमर उद्यमी की ये चाहत होती है कि वो अपने स्टार्टअप को फ़ास्ट ग्रोइंग बनाए । एक हद तक ये सही भी है क्योकि आज के युग मे कस्टमर तक तेज सर्विस प्रोवाइड करना बिजनेस की खूबी है पर कुछ मामलों में निहायत सोच समझ कर प्रॉपर समय लेने की जरूरत होती है । अतः मेरा सलाह यही रहेगा कि आप अपना छोटा - छोटा टारगेट सेट करें । हर टारगेट पर पहुँचने में पूरी ताकत लगाए और फिर नेक्स्ट टारगेट के लिए विदा होने से पुर्व थोड़ा रुक कर अपने प्लान को रिवाइज कर आगे की योजना को ध्यान में रख आगे बढ़े । हमेशा स्पीड में रहना कभी कभी आपने बिजनेस को नुकसान पहुँचा सकता है । अतः समय समय पर स्व मूल्यांकन होते रहना चाहिए ।
7. वेबसाइ न होना - भले ही आप ऑनलाइन बिजनेस ना करते हों पर आज के इस टेक्नोलॉजी के युग मे आपके बिजनेस का एक वेबसाइट होना अत्यंत ही आवश्यक है । क्योंकि कोई भी कस्टमर आपकी सेवा खरीदने से पहले आपको जानना चाहता है ऐसे में आपके स्टार्टअप का वेबसाइ ना होना खुद में एक कमी होगी । अतः इस कमी को जितना जल्दी हो दूर कर लेना ही स्टार्टअप के हित में होगा ।
8. टीम चुनाव में जल्दबाजी - टीम के चुनाव में किसी भी प्रकार की जल्दबाजी ना करें बल्कि मैं तो कहूँगा की डिग्री से ज्यादा काबलियत और वर्किंग एक्सपीरियंस को देख कर टीम हायर करना स्टार्टअप ज्यादा सही होता है । क्योंकि किसी भी स्टार्टअप के पास उतनी बड़ी पूँजी शुरुआत में नही होती कि वो बड़े-बड़े बिजनेस मैनेजमेंट की डिग्री वाले को हायर कर सके । ऐसे में अपने काम के प्रति प्यार और पैशन रखने वाले बन्दे को टीम में जगह दे डिग्री थोड़ी कमजोर भी रहेगा तो चलेगा ।
उपर्युक्त बातों को ध्यान में रख अगर आप अपने स्टार्टअप का संचालन करते है तो स्टार्टअप की सफलता की संभावना कई गुणा बढ़ जाती है ।
नोट- आपको आज का आलेख कैसा लगा ? हमें जरूर बताएँ । स्टार्टअप से संबंधित आपकी अगर कोई जिज्ञासा हो तो हमसे आप इस पेज के माध्यम से सम्पर्क कर सकते हैं ।