09/07/2021
आँखों के अंदर नाक की तरफ कुछ लोगों में पलकों पर पीले-पीले रंग के धब्बे पड़ जाते हैं ।यह ज़्यादातर दोनों आँखों की तरफ़ पड़ते हैं।चिकित्सीय भाषा में इन्हें जैनथिलैज्मा (xanthelesma) कहते हैं।यह माना जाता है कि यह धब्बे त्वचा के नीचे कोलेस्ट्रोल के जमा होनेसे बनते हैं।विभिन्न अध्ययनों में यह पाया गया है कि जिन लोगों में यह धब्बे मिलते हैं उनके शरीर में ख़राब कोलेस्ट्रोल की मात्रा या तोअधिक होती है अथवा अच्छे कोलेस्ट्रोल की मात्रा कम होती है।बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रोल त्वचा के नीचे हल्के पीले धब्बों के रूप में जमा होनेलगता है जो कि समय के साथ-साथ बढ़ भी सकता है।यह शरीर के उन स्थानों पर अधिक मिलता है जहां त्वचा पतली होती है जैसे किपलकों के ऊपर।यह सामान्यतः १-२ प्रतिशत लोगों में मिलता है।पुरुषों की अपेक्षा यह महिलाओं में ज़्यादा मिलता है।
क्यों पड़ते हैं यह धब्बे-
शरीर में खराब कोलेस्ट्रोल की अधिकता होने पर।कभी कभार कुछ जेनेटिक म्यूटेशन की वजह से शरीर में कोलेस्ट्रोल जमा होने लगताहै,ऐसी स्थिति में यह धब्बे आनुवांशिक होते हैं और परिवार के अन्य सदस्यों में भी मिल सकते हैं।
किससे बने होते हैं यह धब्बे-
त्वचा के नीचे जमा वसा (कोलेस्ट्रोल) से।
ऐसे धब्बे होने पर क्या करें-
ख़ाली पेट अपना लिपिड प्रोफाइल चेक करायें।व खराब कोलेस्ट्रोल (LDL) सामान्य से अधिक होने पर अपने चिकित्सक से परामर्शकरें।
इस तरह के पीले धब्बे होने पर क्या हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है?
बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रोल हार्ट अटैक का एक प्रमुख कारण होता है।प्रायः जिन लोगों में इस तरह के धब्बे मिलते हैं उनमें कोलेस्ट्रोल सामान्यस्तर से बढ़ा हुआ होता है इस कारण अगर इसे समय पर नियंत्रित ना किया गया तो हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
निदान-
१-अपना ब्लड कोलेस्ट्रोल नियंत्रित रखें।
२-सैचुरेटिड फ़ैट जैसे कि घी,मक्खन,मलाई आदि का सेवन ना करें।
३-चर्म रोग विशेषज्ञ की सलाह अनुसार लेजर थिरैपी आदि से इन धब्बों को ठीक किया जा सकता है।हालाँकि यह दुबारा भी हो सकते हैंअगर ब्लड कोलेस्ट्रोल स्तर को सामान्य नहीं किया गया तो।
(साभार-skin-disorder, Skin & you clinic चित्रों के लिये)