Manoj Kumar jaiswal

Manoj Kumar jaiswal LOHIYA PUBLIC SCHOOL GARHRAMPUR

12/01/2021
17/10/2020

" राजीव भाई " के सपनों का भारत बनाने के ल?

14/10/2020
15/09/2020

्विवेकानंद के लंदन यात्रा के दौरान एक अंग्रेज महिला मिली और उन्होंने विवेकानंद से पूछा- तुम हिंदुओं ने ...

13/09/2020

https://www.facebook.com/100026603951070/posts/662852591278200/

समसामयिक परिस्थितियों का सूक्ष्म अवलोकन करने के बाद यह स्पष्ट होता है कि:- १-अशांति की उत्पत्ति आपसी अविश्वास से उ.....

01/09/2020

G00D evening

05/06/2020

Edulife world's.com

5जून-विश्वपर्यायवरण दिवस

June 04, 2020

जैसा कि आप जानते हैं, विश्व पर्यावरण दिवस पर्यावरण संबंधी मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और अधिक स्थायी मानव गतिविधि की ओर कार्रवाई को प्रोत्साहित करने के लिए हर साल 5 जून को मनाया जाता है।

संयुक्त राष्ट्र ने इस वर्ष के विश्व पर्यावरण दिवस के लिए थीम the सेलिब्रेट बायोडायवर्सिटी ’के रूप में निर्धारित की है। एक मिलियन पौधे और पशु प्रजातियों के विलुप्त होने का सामना करने के साथ, जैव विविधता के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करना कभी भी अधिक महत्वपूर्ण नहीं रहा है।

पर्यावरण वकालत कई कैरियर विकल्पों में से एक है जो छात्रों के लिए एक कानूनी शिक्षा खोल सकती है। एक कानूनी शिक्षा पर्यावरण नीति को आकार देने, स्थायी आर्थिक विकास को बढ़ावा देने, नवाचार को बढ़ावा देने और मजबूत समुदायों का निर्माण करने के लिए उपकरण प्रदान करती है

Comments

Popular posts from this blog

विविधता में एकता:-विश्व इतिहास के आईने में जर्मनी,---आज ही के दिन यानी 23 मई 1990 को पूर्वी जर्मनी और पश्चिमी जर्मनी मिलकर एक जर्मनी का निर्माण किया था। वर्ष 1949 नाजी जर्मनी की हार और मित्र देशों की विजय ने जर्मनी को दो भागों में विभक्त करने का श्रेया पाया था,। वास्तव में जर्मनी का वर्गीकरण ना केवल जमीनी था बल्कि वैचारिक भी था जहां पश्चिमी जर्मनी पूंजीवादी व्यवस्था को मानता था वही पूर्वी जर्मनी समाजवादी व्यवस्था को मानता था। वर्ष 1961 में बहुत से मजदूर पूर्वी जर्मनी से पश्चिमी जर्मनी की ओर प्रस्थान करने लगे फलता दोनों देशों के बीच एक मजबूत दीवार खड़ी कर दी गई जो 1989 तक बनी रहे लेकिन 1989 के अंत में वह दीवार ढहा दी गई और एक नए जर्मनी का उदय हुआ। निश्चित रूप से यह वैचारिक मतभेदों के बावजूद मानवता का बहुत बड़ा उदाहरण है। आज विश्व पटल पर जहां एक तरफ पाकिस्तान आतंकवाद की फैक्ट्री बन चुका है वहीं दूसरी तरफ ऐसे देशों को प्रश्रय देकर चीन विखंडन की स्थिति उत्पन्न कर साम्राज्यवादी संकल्पना को जमीनी जामा बनाना चाहता है। यह सब कुछ चीन आर्थिक मजबूती के आधार पर कर रहा है,। चीन की साम्राज्यवादी नीति को विराम देने के लिए एक साधारण व्यक्ति भी अपना सहयोग दे सकता है। 130 करोड़ की भारतीय जनता एक बहुत बड़ी व्यापार की कड़ी बन चुका है ऐसी स्थिति में जहां हमारे दैनिक

Address

Pathardewa

Telephone

+918858540888

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Manoj Kumar jaiswal posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share

Category