24/04/2026
कैंसर से डरें नहीं, डटकर मुकाबला करें: आर्य कॉलेज में विशेषज्ञों ने दिया 'जागरूकता का मंत्र
पानीपत- शुक्रवार 24 अप्रैल 2026
आर्य कॉलेज,द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप और एंड्रोमेडा कैंसर हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में कैंसर जागरूकता: तथ्य, मिथक और उससे परे विषय पर एक विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डॉ. वैशाली ज़ामरे (डायरेक्टर, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी व डॉ. राकेश कुमार अग्रवाल (सीनियर कंसल्टेंट एवं एचओडी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी ने विशेषज्ञों ने शिरकत करते हुए कैंसर से जुड़े विभिन्न पहलुओं और विशेषकर ब्रेस्ट कैंसर (स्तन कैंसर) पर गहन मंथन किया। कॉलेज की उपाचार्या डॉ. अनुराधा सिंह ने विशेषज्ञों का कॉलेज प्रांगण में पहुँचने पर पुष्पगुछ व स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर शिरकत कर रही डॉ. वैशाली ज़ामरे ने स्तन कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, "आज के समय में महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। समय पर जांच और लक्षणों की पहचान ही इस बीमारी को हराने का एकमात्र तरीका है। हमें समाज में फैले उन मिथकों को तोड़ना होगा जो इलाज में देरी का कारण बनते हैं. उन्होंने वजन कम करने के लिए भी कहा। साथ ही उन्होंने बताया कि वर्तमान में चिकित्सा विज्ञान ने बहुत प्रगति की है। अब सर्जरी के साथ-साथ ऐसी तकनीकें उपलब्ध हैं जिनसे न केवल बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सकता है, बल्कि मरीज के जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाए रखा जा सकता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कैंसर के इलाज को लेकर समाज में कई भ्रांतियां हैं। लोग अक्सर कीमोथेरेपी या सर्जरी के नाम से डर जाते हैं, लेकिन डॉ. ज़ामरे के अनुसार, ये जीवन रक्षक थेरेपी हैं और सही समय पर इनका उपयोग मरीज की जान बचा सकता है। वक्तव्य के अंत में उन्होंने कहा कि"जागरूकता ही कैंसर से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।" उन्होंने उपस्थित छात्राओं और शिक्षकों से आह्वान किया कि वे इस जानकारी को समाज के अन्य वर्गों तक पहुँचाएं ताकि शुरुआती दौर में ही इलाज संभव हो सके। वहीं डॉ. राकेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि आधुनिक रेडिएशन तकनीक अब इतनी सटीक हो गई है कि यह केवल कैंसर कोशिकाओं को ही लक्षित करती है, जिससे शरीर के स्वस्थ अंगों को कम से कम नुकसान पहुँचता है।