17/08/2025
🇮🇳 1947 के विभाजन के समय मालदा ज़िला🇮🇳 :-
1️⃣विभाजन से पहले की स्थिति :-
मालदा ज़िला अविभाजित बंगाल का एक ज़िला था।
ज़िला मुख्यालय था अंग्रेज़बाज़ार (वर्तमान मालदा टाउन)l विभाजन के समय की स्थिति :-
2️⃣14 अगस्त 1947, पाकिस्तान के गठन के दिन से ही मालदा ज़िला अस्थायी रूप से पूर्वी पाकिस्तान में शामिल कर दिया गया था।
क्योंकि उस समय तक रैडक्लिफ़ आयोग (Radcliffe Commission) की रिपोर्ट प्रकाशित नहीं हुई थी।
3️⃣ रैडक्लिफ़ आयोग का निर्णय (17 अगस्त 1947) :-
रैडक्लिफ़ आयोग ने सीमा रेखा की घोषणा की।
उसके अनुसार –
मालदा ज़िले का मुख्य भाग (अंग्रेज़बाज़ार, गौड़, मानिकचक, हरिश्चंद्रपुर, गाज़ोल, हबीबपुर आदि) पश्चिम बंगाल (भारत) में शामिल हुआ।
चापाइनवाबगंज महकमा का हिस्सा (विशेषकर शिवगंज, गोमस्तापुर, भोला हाट क्षेत्र) पाकिस्तान (पूर्वी पाकिस्तान, वर्तमान बांग्लादेश) में चला गया।
4️⃣ ज़िला मुख्यालय में परिवर्तन :-
मालदा का ज़िला मुख्यालय तब अंग्रेज़बाज़ार में था, जो भारत के हिस्से में रहा।
पाकिस्तान में चले गए चापाइनवाबगंज महकमा का मुख्यालय बाद में चापाइनवाबगंज ज़िला बना।
5️⃣ विशेष तथ्य :-
14 अगस्त से 17 अगस्त तक 3 दिन मालदा “पूर्वी पाकिस्तान” के अधीन था।
17 अगस्त 1947 से यह भारत का हिस्सा बन गया।
इसीलिए इतिहास में मालदा को कहा जाता है – “3 दिन का पाकिस्तान”।
🗓️ सारांश :-
14–17 अगस्त 1947 → मालदा ज़िला पूर्वी पाकिस्तान में था।
17 अगस्त 1947 से → मालदा ज़िला पश्चिम बंगाल (भारत) में शामिल हो गया।
चापाइनवाबगंज महकमा → पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में रह गया।