04/09/2025
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25/08/2025
25 अगस्त 1609 को गैलीलियो ने अपनी दूरबीन वेनिस (Venice) के शासकों को दिखाई।
19/08/2025
ভারতের প্রধানমন্ত্রীদের তালিকা (১৯৪৭–২০২৫):-
১. পণ্ডিত জওহরলাল নেহরু – ১৫ আগস্ট ১৯৪৭ থেকে ২৭ মে ১৯৬৪ ।
২. গুলজারিলাল নন্দা (কার্যনির্বাহী) – ২৭ মে ১৯৬৪ থেকে ৯ জুন ১৯৬৪ ।
৩. লাল বাহাদুর শাস্ত্রী – ৯ জুন ১৯৬৪ থেকে ১১ জানুয়ারি ১৯৬৬ ।
৪. গুলজারিলাল নন্দা (কার্যনির্বাহী) – ১১ জানুয়ারি ১৯৬৬ থেকে ২৪ জানুয়ারি ১৯৬৬ ।
৫. ইন্দিরা গান্ধী – ২৪ জানুয়ারি ১৯৬৬ থেকে ২৪ মার্চ ১৯৭৭ ।
৬. মোরারজি দেশাই – ২৪ মার্চ ১৯৭৭ থেকে ২৮ জুলাই ১৯৭৯ ।
৭. চরণ সিং – ২৮ জুলাই ১৯৭৯ থেকে ১৪ জানুয়ারি ১৯৮০ ।
৮. ইন্দিরা গান্ধী – ১৪ জানুয়ারি ১৯৮০ থেকে ৩১ অক্টোবর ১৯৮৪ ।
৯. রাজীব গান্ধী – ৩১ অক্টোবর ১৯৮৪ থেকে ২ ডিসেম্বর ১৯৮৯ ।
১০. বিশ্বনাথ প্রতাপ সিং – ২ ডিসেম্বর ১৯৮৯ থেকে ১০ নভেম্বর ১৯৯০ ।
১১. চন্দ্রশেখর – ১০ নভেম্বর ১৯৯০ থেকে ২১ জুন ১৯৯১ ।
১২. পি. ভি. নরসিমা রাও – ২১ জুন ১৯৯১ থেকে ১৬ মে ১৯৯৬ ।
১৩. অটল বিহারী বাজপেয়ী – ১৬ মে ১৯৯৬ থেকে ১ জুন ১৯৯৬ ।
১৪. এইচ. ডি. দেবগৌড়া – ১ জুন ১৯৯৬ থেকে ২১ এপ্রিল ১৯৯৭ ।
১৫. আই. কে. গুজরাল – ২১ এপ্রিল ১৯৯৭ থেকে ১৯ মার্চ ১৯৯৮ ।
১৬. অটল বিহারী বাজপেয়ী – ১৯ মার্চ ১৯৯৮ থেকে ২২ মে ২০০৪ ।
১৭. ড. মনমোহন সিং – ২২ মে ২০০৪ থেকে ২৬ মে ২০১৪ ।
১৮. নরেন্দ্র মোদী – ২৬ মে ২০১৪ থেকে বর্তমান (২০২৫)
ভারতের সবচেয়ে দীর্ঘকালীন প্রধানমন্ত্রী:-
১. পণ্ডিত জওহরলাল নেহরু:-
কার্যকাল: ১৫ আগস্ট ১৯৪৭ – ২৭ মে ১৯৬৪
মোট সময়কাল: ১৬ বছর ২৮৬ দিন (সবচেয়ে দীর্ঘ, ধারাবাহিকভাবে)
২. ইন্দিরা গান্ধী:-
কার্যকাল (দুই দফায়):
২৪ জানুয়ারি ১৯৬৬ – ২৪ মার্চ ১৯৭৭
১৪ জানুয়ারি ১৯৮০ – ৩১ অক্টোবর ১৯৮৪
মোট সময়কাল: ১৫ বছর ৩৫০ দিন
ভারতের সবচেয়ে স্বল্পমেয়াদি প্রধানমন্ত্রী:-
১. অটল বিহারী বাজপেয়ী:-
কার্যকাল: ১৬ মে ১৯৯৬ – ১ জুন ১৯৯৬
সময়কাল: ১৩ দিন (রেকর্ড করা সবচেয়ে কম মেয়াদ)
২. গুলজারিলাল নন্দা (কার্যনির্বাহী, দুইবার)
২৭ মে ১৯৬৪ – ৯ জুন ১৯৬৪ (১৩ দিন)
১১ জানুয়ারি ১৯৬৬ – ২৪ জানুয়ারি ১৯৬৬ (১৩ দিন)
বৈদ্যুতিক বাতি (Light bulb) কে আবিষ্কার করেন?
a) আলেকজান্ডার গ্রাহাম বেল
b) নিকোলা টেসলা
c) টমাস আলভা এডিসন
d) আইজ্যাক নিউটন l
18/08/2025
नेताजी सुभाषचंद्र बोस – जीवन यात्रा (23th January 1897–18th August 1945-?)
जन्म और प्रारंभिक शिक्षा:-
23 जनवरी 1897 – कटक (ओडिशा) में जन्म।
पिता जानकीनाथ बोस (वकील) और माता प्रभावती देवी।
कलकत्ता (अब कोलकाता) में शिक्षा।
उच्च शिक्षा
1919 – इंग्लैंड के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से शिक्षा।
1920 – आई.सी.एस. (Indian Civil Service) परीक्षा उत्तीर्ण की, लेकिन अंग्रेज़ों की सेवा करने से इंकार कर दिया।
स्वतंत्रता संग्राम में प्रवेश:-
1921 – भारत लौटकर महात्मा गांधी और कांग्रेस से जुड़े।
1930s – कांग्रेस के युवा नेता के रूप में लोकप्रिय हुए।
1938 – कांग्रेस अध्यक्ष चुने गए (हरिपुरा अधिवेशन)।
1939 – गांधीजी से मतभेद के कारण इस्तीफ़ा दिया।
आज़ाद हिंद आंदोलन:-
1941 – ब्रिटिश नज़रबंदी से भागकर जर्मनी पहुँचे।
1943 – सिंगापुर में आज़ाद हिंद फ़ौज (INA) की कमान संभाली।
नारा दिया → “तुम मुझे ख़ून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा।”
1944 – जापान की मदद से इम्फ़ाल और कोहिमा की लड़ाई में भाग लिया।
अंतिम दिन:-
18 अगस्त 1945 – कहा जाता है कि उनका विमान ताइहोकू (ताइवान) में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
सरकार ने उनकी मृत्यु की घोषणा की, लेकिन नेताजी की “गुमशुदगी” और “वापसी की आशा” आज भी रहस्य और विवाद का विषय है।
17/08/2025
🇮🇳 1947 के विभाजन के समय मालदा ज़िला🇮🇳 :-
1️⃣विभाजन से पहले की स्थिति :-
मालदा ज़िला अविभाजित बंगाल का एक ज़िला था।
ज़िला मुख्यालय था अंग्रेज़बाज़ार (वर्तमान मालदा टाउन)l विभाजन के समय की स्थिति :-
2️⃣14 अगस्त 1947, पाकिस्तान के गठन के दिन से ही मालदा ज़िला अस्थायी रूप से पूर्वी पाकिस्तान में शामिल कर दिया गया था।
क्योंकि उस समय तक रैडक्लिफ़ आयोग (Radcliffe Commission) की रिपोर्ट प्रकाशित नहीं हुई थी।
3️⃣ रैडक्लिफ़ आयोग का निर्णय (17 अगस्त 1947) :-
रैडक्लिफ़ आयोग ने सीमा रेखा की घोषणा की।
उसके अनुसार –
मालदा ज़िले का मुख्य भाग (अंग्रेज़बाज़ार, गौड़, मानिकचक, हरिश्चंद्रपुर, गाज़ोल, हबीबपुर आदि) पश्चिम बंगाल (भारत) में शामिल हुआ।
चापाइनवाबगंज महकमा का हिस्सा (विशेषकर शिवगंज, गोमस्तापुर, भोला हाट क्षेत्र) पाकिस्तान (पूर्वी पाकिस्तान, वर्तमान बांग्लादेश) में चला गया।
4️⃣ ज़िला मुख्यालय में परिवर्तन :-
मालदा का ज़िला मुख्यालय तब अंग्रेज़बाज़ार में था, जो भारत के हिस्से में रहा।
पाकिस्तान में चले गए चापाइनवाबगंज महकमा का मुख्यालय बाद में चापाइनवाबगंज ज़िला बना।
5️⃣ विशेष तथ्य :-
14 अगस्त से 17 अगस्त तक 3 दिन मालदा “पूर्वी पाकिस्तान” के अधीन था।
17 अगस्त 1947 से यह भारत का हिस्सा बन गया।
इसीलिए इतिहास में मालदा को कहा जाता है – “3 दिन का पाकिस्तान”।
🗓️ सारांश :-
14–17 अगस्त 1947 → मालदा ज़िला पूर्वी पाकिस्तान में था।
17 अगस्त 1947 से → मालदा ज़िला पश्चिम बंगाल (भारत) में शामिल हो गया।
चापाइनवाबगंज महकमा → पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में रह गया।
कोवैक्सिन किस संगठन ने विकसित किया था?
a) सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया
b) भारत बायोटेक
c) भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR)
d) दोनों b एवं c
11/08/2025
“ইনকিলাব জিন্দাবাদ” স্লোগান কে দিয়েছিলেন?
a) ভগৎ সিং ।
b) চন্দ্রশেখর আজাদ ।
c) বটুকেশ্বর দত্ত ।
d) রাজগুরু ।