20/07/2023
परिषदीय विद्यालयों में छात्र उपस्थिति को लेकर जनपद सोनभद्र में विभिन्न अभियान चलाए जा रहें हैं। प्रदेश सरकार ने चहक कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों और अभिभावकों को विद्यालय से जोड़ने का प्रयास कर रही है। एक ओर जहां प्रशासन छात्रों के नामांकन, ठहराव और अधिगम स्तर में सुधार लाने के लिए आपरेशन स्कूल कायाकल्प से भौतिक संसाधन सुदृढ़ कर रही है और अभिभावकों के खाते में छात्रों के लिए वेशभूषा, जूता मोजा एवं बैग के लिए 1200 रुपये अनुदान दे रही है, वही अभिभावक भी अपने बच्चों की शिक्षा के प्रति सजग हो रहे हैं। ऐसे अभिभावक वास्तव में अपने बच्चों और समाज के चैंपियन हैं।
ऐसे ही चैंपियन ओबरा निवासी विजय मोदनवाल हैं जो सगड़ी चला कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हुए पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन करते हैं। विजय मोदन नियमित रूप से अपनी बेटी किरण मोदनवाल को अपनी सगड़ी पर बैठाकर उसके विद्यालय समय से पहुंचाते हैं। किरण प्राथमिक विद्यालय बिल्ली द्वितीय में कक्षा 5 की छात्रा है।
विजय शिक्षा के महत्व को समझते हैं और अपनी दोनों बेटियों को शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। इनकी बड़ी बेटी राजकीय इन्टर कॉलेज ओबरा में कक्षा 8 में अध्ययन करती है। विजय बेटी को समय से विद्यालय पहुंचाने के लिए उस समय कोई भी ढुलाई का काम नहीं लेते हैं। विजय उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रेषित किए जाने वाले अनुदान को उपयोगी बताते हैं। इससे उनपर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ता है।
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका स्नेहलता के अनुसार विजय अपने बेटी की शिक्षा के प्रति जागरूक हैं और अभिभावक शिक्षक बैठक में भी नियमित प्रतिभाग करते हैं। ऐसे जागरूक अभिभावक के सहयोग से विद्यालय का संचालन सुगम हो जाता है।