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Im4Change.org हिंदी वेबसाइट का परिचय. Introduction Video of Im4Change.org. #Inclusivemediaforchange 04/10/2022

Im4Change.org हिंदी वेबसाइट का परिचय. Introduction Video of Im4Change.org,

It is about Hindi website.

https://www.youtube.com/watch?v=I51LYnP8BOk

Im4Change.org हिंदी वेबसाइट का परिचय. Introduction Video of Im4Change.org. #Inclusivemediaforchange बडी छोटी-सी टोली है हमारी. लेकिन इस टोली में आपको विकासपरक मुद्दों के चिन्तकों से भेंट हो जाएगी, शोधकर्ताओं और मीडि....

चर्चा में.... | अधिक बच्चे पैदा करने की शक्तियों जैसे जुमलों से गुमराह होने वाले मतदाताओं को इससे 14/12/2021

'हम पांच, हमारे पचीस' जैसे अफवाहबाजी नारे का इस्तेमाल एक से अधिक बार इस मिथक को बनाने के लिए किया गया है कि मुस्लिम पुरुष अन्य धार्मिक पृष्ठभूमि के पुरुषों की तुलना में अधिक पौरुष (यानी, यौन सक्रिय) हैं. नतीजतन, मुस्लिम पुरुषों पर एक से अधिक बार शादी करने का आरोप लगाया जाता है और उनकी एक से अधिक पत्नियां होती हैं जिनसे कई-कई बच्चे पैदा होते हैं. इस तथ्य के कारण, भारत की कुल जनसंख्या में मुसलमानों का अनुपात हिंदुओं की तुलना में बढ़ रहा है. मुस्लिम पुरुषों की कथित पौरुष शक्तियों को उनके मांसाहारी भोजन (लाल मांस - मटन, बीफ, आदि सहित), प्याज, लहसुन, और गर्म मसालों / अन्य मसालों की अत्यधिक खपत, भोजन और उनके धार्मिक विश्वास और प्रथाओं से जोड़ा गया है.

चर्चा में.... | अधिक बच्चे पैदा करने की शक्तियों जैसे जुमलों से गुमराह होने वाले मतदाताओं को इससे अन्य धार्मिक समुदायों के पुरुषों की तुलना में मुस्लिम पुरुषों द्वारा बच्चे पैदा करने को अक्सर एक राजनैतिक प्रोपै...

चर्चा में.... | एनएसओ सर्वेक्षण: साल 2019 में उत्तर भारत के मुकाबले दक्षिणी राज्यों में ऋणग्रस्त कृष 27/09/2021

एनएसओ सर्वेक्षण: साल 2019 में उत्तर भारत के मुकाबले दक्षिणी राज्यों में ऋणग्रस्त कृषि परिवारों का अनुपात अधिक है!

https://im4change.org/hindi/news-alerts-57/southern-states-had-a-higher-proportion-of-indebted-farm-households-in-2019-shows-nso-survey.html



https://im4change.org/hindi/news-alerts-57/southern-states-had-a-higher-proportion-of-indebted-farm-households-in-2019-shows-nso-survey.html

चर्चा में.... | एनएसओ सर्वेक्षण: साल 2019 में उत्तर भारत के मुकाबले दक्षिणी राज्यों में ऋणग्रस्त कृष राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के 77वें दौर के सर्वेक्षण पर आधारित 'ग्रामीण भारत में परिवारों की स्थिति का आक....

महामारी के दौरान स्कूलों पर लगे ताले के कारण गांवों में 37 फीसदी बच्चे पढ़ाई से हुए दूर 09/09/2021

महामारी के दौरान स्कूलों पर लगे ताले के कारण गांवों में 37 फीसदी बच्चे पढ़ाई से हुए दूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लगभग तीन-चौथाई माता-पिता को लगता है कि स्कूल बंद होने के दौरान उनके बच्चे की पढ़ने ....

चर्चा में.... | बिजली गिरने से होने वाली मौतों से बचने के लिए अधिक मौसम सुरक्षा जागरूकता और बिजली च 27/07/2021

दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम की शुरुआत में, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश राज्यों में एक ही दिन यानी 11 जुलाई, 2021 को बिजली गिरने से 70 से अधिक लोगों की मौत हो गई. उन अलग-अलग घटनाओं से पहले इस साल 13 मई को असम के नगांव जिले में स्थित कंडाली प्रस्तावित रिजर्व फॉरेस्ट में बिजली गिरने से, अठारह हाथी एक पहाड़ी की चोटी पर मृत पाए गए थे.


चर्चा में.... | बिजली गिरने से होने वाली मौतों से बचने के लिए अधिक मौसम सुरक्षा जागरूकता और बिजली च मीडिया रिपोर्टों से पता चलता है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम की शुरुआत में, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रद.....

खेतिहर संकट | पलायन (माइग्रेशन) 08/03/2021

• अध्ययन में पाया गया है कि सर्वेक्षण किए गए प्रवासी निर्माण श्रमिकों के बीच प्राथमिक चिंता खाद्य असुरक्षा थी.
https://cutt.ly/Ezfcz5w

खेतिहर संकट | पलायन (माइग्रेशन) खास बात • किसी प्रांत से उसी प्रांत में और किसी एक प्रांत से दूसरे प्रांत में पलायन करने वालों की संख्या पिछले एक...

05/01/2021

2019 में, 189 देशों के बीच भारत की मानव विकास सूचकांक (एचडीआई) रैंकिंग 131वीं (एचडीआई वेल्यू 0.645) थी, जबकि चीन की रैंकिंग 85वीं (एचडीआई वेल्यू 0.761), श्रीलंका की 72वीं (एचडीआई वेल्यू 0.782), भूटान की 129वीं (एचडीआई वेल्यू 0.654), बांग्लादेश की 133वीं (एचडीआई वेल्यू 0.632) और पाकिस्तान की 154वीं (एचडीआई वेल्यू 0.557) रैंकिंग थी.
https://bit.ly/3ngap9s

www.im4change.org

Sign the Petition 14/12/2020

कॉमन कॉज़ ने अभियान शुरू किया है

यह अभियान क्यों?

2019 मोटर वाहन संशोधन अधिनियम में चालान होने पर वसूले जाने वाले जुर्माने में बढ़ोतरी की गई है. इसके अलावा, महामारी के इस दौर में, बड़े महानगरों में ट्रैफिक लाइटों पर कई सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए, जोकि चालान जारी करने के लिए नए उपकरण थे. महामारी काल के पहले दो महीनों में, सिर्फ दिल्ली में ही लगभग 17 लाख चालान काटे गए.

जहां एक ओर सरकार प्रौद्योगिकी का उपयोग कर प्रशासन और नागरिकों के बीच संबंधों को बेहतर ढ़ंग से स्थापित करना चाहती है. वहीं दूसरी ओर चालान काटने के लिए लगाए गए कैमरों के बारे में नागरिक अनजान हैं और प्रशासन ने उन्हें इस बारे में जागरूक भी नहीं किया गया है.

आप कैसे मदद कर सकते हैं?

सबसे पहले आप E-parivahan वेबसाइट: https://echallan.parivahan.gov.in/index/accused-challan से अपना चालान चेक करें.

अगर कभी अनुचित तरीके से आपको चालान जारी किया गया हो, या आप किसी ऐसी घटना के बारे में जानते हों, तो हमें [email protected] पर लिखें या अपने चालान के आंकड़े और उसकी तस्वीर हैशटैग के साथ ट्वीट करें.

https://www.change.org/p/traffic-police-check-your-challan

Sign the Petition Check Your Challan

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