10/04/2026
एक विजनरी मेंटर की यात्रा:
डॉ. कुमार मयंक और 'कर्तव्य' का संकल्प
Kumar Mayank ... kartavyaias__
प्रयागराज की विद्वता और दिल्ली के प्रतिस्पर्धी माहौल के बीच एक नाम ऐसा है जिसने हज़ारों सपनों को हकीकत में बदला है— डॉ. कुमार मयंक।
यह कहानी केवल एक कोचिंग संस्थान की नहीं, बल्कि एक शिक्षक के अपने छात्रों के प्रति 'कर्तव्य' की है।
विद्वता और अनुभव का संगम
डॉ. #कुमार #मयंक मात्र एक #शिक्षक नहीं, बल्कि विषय के गहरे जानकार हैं। अर्थशास्त्र ( ) और सांख्यिकी (Statistics) जैसे जटिल विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद, उन्होंने इकोनॉमिक्स में पीएचडी (Ph.D.) की उपाधि प्राप्त की। उनकी यही शैक्षणिक गहराई उन्हें अन्य मेंटर्स से अलग खड़ा करती है, क्योंकि वे डेटा और सिद्धांतों को व्यावहारिक रूप से समझाने में माहिर हैं।
नींव: जब अनुभव बना मार्गदर्शक (2013-14)
डॉ. मयंक की यात्रा में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब 2013 में उन्होंने स्वयं का #इंटरव्यू दिया। सफलता की दहलीज तक पहुँचने के उस व्यक्तिगत अनुभव ने उन्हें यह महसूस कराया कि सही #मार्गदर्शन की कीमत क्या होती है।
वर्ष 2014 में उन्होंने #इलाहाबाद में #आईएएस की तैयारी कर रहे छात्रों को निस्वार्थ भाव से मार्गदर्शन देना शुरू किया। उनका उद्देश्य स्पष्ट था—ज्ञान को बांटना और युवाओं को प्रेरित करना।
संस्था का जन्म: छात्रों का अटूट विश्वास
डॉ. मयंक सर के पढ़ाने के सटीक तरीके और अर्थशास्त्र जैसे विषयों पर उनकी पकड़ ने छात्रों को इतना प्रभावित किया कि उनके अनुरोध पर वर्ष 2015 में 'कर्तव्य एजुकेशनल सोसाइटी' का पंजीकरण हुआ। यह एक शिक्षक के प्रति छात्रों के सम्मान और दबाव का ही परिणाम था कि 'कर्तव्य' एक औपचारिक संस्था के रूप में उभरी।
एक दशक का गौरवशाली सफर (2016 - वर्तमान)
दिल्ली में विस्तार: वर्ष 2016 में डॉ. मयंक ने दिल्ली के मुखर्जी नगर में कदम रखा, ताकि देश भर के छात्र उनकी विशेषज्ञता का लाभ उठा सकें।
विशेषज्ञ मार्गदर्शन: अर्थशास्त्र और सांख्यिकी में अपनी पीएचडी और उच्च शिक्षा के अनुभव का उपयोग कर उन्होंने हज़ारों छात्रों को कठिन से कठिन विषयों में पारंगत बनाया।
सफलता के झंडे: पिछले 10 वर्षों में डॉ. कुमार मयंक के मार्गदर्शन में हज़ारों छात्रों ने प्रशासनिक सेवाओं में सफलता हासिल कर 'कर्तव्य' का मान बढ़ाया है।
क्यों चुनें डॉ. कुमार मयंक और कर्तव्य IAS?
उच्च शैक्षणिक योग्यता: पीएचडी (इकोनॉमिक्स) और सांख्यिकी में विशेषज्ञता रखने वाले शिक्षक से पढ़ने का अवसर।
प्रैक्टिकल अनुभव: स्वयं आईएएस इंटरव्यू तक पहुँचने का अनुभव।
निस्वार्थ समर्पण: शिक्षा को व्यवसाय के बजाय एक सामाजिक जिम्मेदारी (कर्तव्य) समझना।
"शिक्षा जब अनुभव और विद्वता से मिलती है, तभी सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है।"
संपर्क सूत्र:
दिल्ली: B-7/8, शॉप-4, भंडारी हाउस, यूको बैंक के पास, मुखर्जी नगर।
प्रयागराज: स्वराज भवन के सामने (आनंद भवन), सलोरी शुक्ला मार्केट, प्रयागराज।