UPSC Preparation

UPSC Preparation

Share

Serving the Nation

21/08/2025

by

21/08/2025
23/02/2022

देश के दिग्गज शिक्षक मार्गदर्शक और मोटिवेशनल स्पीकर Sunil Abhivyakti Sir , IAS 🎯 PCS अभ्यर्थियों को नि:शुल्क पढ़ाते हैं प्रतिदिन शाम 6:00 बजे यूट्यूब पर। वैसे तो सर के नाम से ही आपको यूट्यूब पर वीडियो मिल जाएगा फिर भी असुविधा होने पर 9958341713 पर Link लिखकर व्हाट्सएप करें। प्रतिदिन आपको लिंक भेज दिया जाएगा।

08/02/2022

गरीबी, भुखमरी, शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य और खुशहाली, शिक्षा, लैंगिक समानता, जल एवं स्‍वच्‍छता, ऊर्जा, आर्थिक वृद्धि और उत्‍कृष्‍ट कार्य, बुनियादी सुविधाएं, उद्योग एवं नवाचार, असमानताओं में कमी, संवहनीय शहर, उपभोग एवं उत्‍पादन, जलवायु कार्रवाई, पारिस्थितिक प्रणालियां, शांति एवं न्‍याय और भागीदारी। इस समग्र एजेंडा में माना गया है कि अब केवल आर्थिक वृद्धि पर फोकस करना पर्याप्‍त नहीं है, बल्कि निष्‍पक्ष और अधिक समतामूलक समाजों तथा अधिक संरक्षित एवं अधिक संपन्‍न पृथ्‍वी पर फोकस करना होगा। इसमें माना गया है कि शांति, न्‍याय, पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास के कार्य एक-दूसरे से अलग नहीं है बल्कि उसी परिवर्तन के अंग हैं। इसमें सबसे अधिक मान्‍यता इस बात की है कि वैश्विक और परस्‍पर जुड़ी चुनौतियों से लड़ने के लिए केवल वैश्विक और परस्‍पर जुड़े समाधानों की ही आवश्‍यकता है। यह एक महत्‍वाकांक्षी योजना है जिसके लिए सरकारों, कारोबार जगत, प्रबुद्ध समाज और व्‍यक्तियों के बीच नए सिरे से वैश्विक साझेदारी की आवश्‍यकता है। हम जैसे-जैसे 169 उद्देश्‍यों की पूर्ति की ओर बढ़ेंगे वैसे-वैसे राष्‍ट्रीय और वैश्विक विकास को अधिक सतत् और अधिक सुदृढ़ मार्ग पर मोड़ते जाएंगे

🔺🔻कोई पीछे न छूटे
2030 के लिए वैश्विक एजेंडा का मूल मंत्र सार्वभौमिकता का सिद्धांत है : ‘कोई पीछे न छूटे’। इन उद्देश्‍यों पर अमल के लिए जरूरी है कि ये सभी सरकारों और काम करने वालों के लिए प्रासंगिक होने चाहिए। विकास को अपने सभी आयामों में सभी के लिए, हर जगह समावेशी होना चाहिए और उसका निर्माण हर किसी की, विशेषकर सबसे लाचार और हाशिए पर जीते लोगों की भागीदारी से होना चाहिए।

🔺🔻भारत की अग्रणी भूमिका
भारत सरकार, सतत् विकास लक्ष्य सहित 2030 के एजेंडा के प्रति दृढ़ता से समर्पित है इसका प्रमाण राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बैठकों में प्रधानमंत्री और सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों के वक्तव्यों से मिलता है। भारत के राष्ट्रीय विकास लक्ष्य और समावेशी विकास के लिए “सबका साथ सबका विकास” नीतिगत पहल, सतत् विकास लक्ष्यों के अनुरूप है और भारत दुनियाभर में सतत् विकास लक्ष्यों को हासिल करने में सफलता निर्धारित करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है, ” इन लक्ष्यों से हमारे जीवन को निर्धारित करने वाले सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय पहलुओं के बारे में हमारी विकसित होती समझ की झलक मिलती है।”

🔺🔻भारत में सतत् विकास लक्ष्यों के बारे में राष्ट्रीय कार्रवाई
सतत् विकास लक्ष्यों के बारे में तालमेल का काम भारत सरकार के नीति आयोग को सौंपा गया है। नीति आयोग ने सतत् विकास लक्ष्यों औऱ उनके उद्देश्यों से जुड़ी योजनाओं की पहचान शुरु की है और हर उद्देश्य लिए अग्रणी एवं सहायक मंत्रालयों की भी पहचान कर ली है। उन्होंने समूचे सरकारी तंत्र में सतत् विकास से जुड़ा दृष्टिकोण अपनाया है औऱ इस बात पर ज़ोर दिया है कि सतत् विकास लक्ष्य, सामाजिक, आर्थिक औऱ पर्यावरणीय पहलुओं में परस्पर जुड़े हुए हैं। राज्यों को सलाह दी गई है कि वे भी केन्द्र प्रायोजित योजनाओं के साथ –साथ अपनी योजनाओं की भी इसी तरह पहचान करें।

इसके अलावा, साँख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय सतत् विकास लक्ष्यों के राष्ट्रीय संकेतक विकसित करने के लिए चर्चाओं की अगुवाई कर रहा है। सतत् विकास एजेंडा के मामले में भारत की प्रगति की कुंजी राज्य सरकारों के पास है औऱ उनमें से अनेक ने इन लक्ष्यों पर अमल के लिए कार्रवाई शुरु कर दी है।

🔺🔻सतत् विकास लक्ष्यों की दिशा में प्रगति में राज्य सरकारों की निर्णायक भूमिका है
सतत् विकास लक्ष्यों की दिशा में प्रगति की कुंजी राज्य सरकारों के हाथ में है क्योंकि वही जनहित को प्राथमिकता देने और यह सुनिश्चित करने में सबसे अधिक समर्थ हैं कि कोई पीछे न छूटे। सरकार के अनेक प्रमुख कार्यक्रम, जैसे, स्वच्छ भारत, मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया औऱ डिजिटल इंडिया, सतत् विकास लक्ष्यों के मूल में हैं। राज्य औऱ स्थानीय सरकारें इनमें से अनेक कार्यक्रमों में मुख्य भूमिका निभाती हैं।

स्थानीय सरकारों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है; 17 में से 15 सतत् विकास लक्ष्यों का सीधा संबंध देश में स्थानीय सरकारों की गतिविधियों से है। राज्य सरकारें सतत् विकास लक्ष्यों पर अमल और उनकी निगरानी के लिए संकल्पना, नियोजन, बजट निर्धारण और विकास में गहरी रुचि ले रही हैं।

🔺🔻2015 के उपरांत की परामर्श प्रक्रिया को समर्थन
भारत में संयुक्त राष्ट्र ने, नई वैश्विक एजेंडा प्रक्रिया की पहचान बन चुकी व्यापक आधार वाली परामर्श प्रक्रिया की हिमायत करते हुए, अंतःसरकारी वार्ताओं, विकास एवं सतत् विकास के लिए धन की व्यवस्था पर गोष्ठियों और अदीस अबाबा में विकास वित्त अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान तथा न्यूयॉर्क में महासभा के दौरान चर्चाओं में सामाजिक संगठनों, अध्ययन संस्थानों औऱ भारतीय मीडिया की भागीदारी का समर्थन किया है।

🔺🔻मुद्दों के बीच पारस्परिक संबंध से सम्बद्ध रणनीतिक समर्थन
भारत में संयुक्त राष्ट्र की कंट्री टीम लक्ष्यों के बीच पारस्परिक संबंध पर ध्यान देने के लिए नीति आयोग के प्रयासों को समर्थन देती है ताकि कोई पीछे छूटने न पाए और सतत् विकास लक्ष्य हासिल करने के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराए जाने की हिमायत हो। संयुक्त राष्ट्र ने नीति आयोग औऱ उसके साझीदारों के साथ मिलकर सतत् विकास लक्ष्यों के बारे में विषय-परक् परामर्शों को समर्थन दिया है ताकि विभिन्न राज्य सरकारों, केन्द्रीय मंत्रालयों, प्रबुद्ध समाज के संगठनों और विद्वानों को अलग-अलग सतत् विकास लक्ष्यों पर चर्चा के लिए एकजुट किया जा सके।

🔺🔻राज्य सरकारों को समर्थन
भारत में संयुक्त राष्ट्र, इन दिनों, सतत् विकास लक्ष्यों को स्थानीय स्वरूप में ढालने के लिए राज्य सरकारों को समर्थन दे रहा है ताकि राज्य स्तर पर विकास की प्रमुख चुनौतियों का समाधान हो सके।

Daily Current Affairs & Editorial Analysis | 13-January-22 | The Hindu/Indian Express/PIB #UPSCCSE 13/01/2022

https://youtu.be/rHay8JPuUwk
✍️ मेरे प्रिय आईएएस पीसीएस अभ्यर्थियों !!!
Sir is Now... इनसे जुड़ी है और अपनी तैयारी को मजबूत आधार दीजिए.
13/1/22... 6pm

Daily Current Affairs & Editorial Analysis | 13-January-22 | The Hindu/Indian Express/PIB #UPSCCSE In this session, Sunil Abhivyakti will be teaching on 13th-January-22 Current Affairs & Editorial Analysis from The Hindu, The Indian Express, and PIB for UP...

Want your school to be the top-listed School/college?

Website