10/08/2026
16 शासकीय ITI के निजीकरण के विरोध में विद्यार्थियों की 70 किलोमीटर की पदयात्रा का समापन; राज्यपाल के नाम सीहोर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
'परम फाउंडेशन' (SPV) को तकनीकी संस्थान सौंपने के फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरे विद्यार्थी!
चकल्दी से शुरू होकर लाड़कुई और इछावर होते हुए सीहोर मुख्यालय पहुंची 3 दिवसीय ऐतिहासिक पदयात्रा!
प्रशासनिक दबाव और तेज बारिश के बावजूद 'अखिल भारतीय क्रांतिकारी विद्यार्थी संगठन' (AIRSO) के नेतृत्व में छात्रों ने दिखाया अदम्य साहस!
सीहोर, 10 अगस्त 2026। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा राज्य की 16 शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं (ITI) को 'पी.पी.पी. (PPP) मॉडल' के नाम पर 'परम फाउंडेशन' (SPV) जैसी निजी संस्था को सौंपने की नीतिगत तैयारी के विरोध में छात्रों का आक्रोश सड़कों पर उतर आया है। शिक्षा के व्यवसायीकरण और निजीकरण के खिलाफ अखिल भारतीय क्रांतिकारी विद्यार्थी संगठन (AIRSO) के नेतृत्व में सीहोर जिले के चकल्दी आईटीआई से कलेक्ट्रेट मुख्यालय तक आयोजित 70 किलोमीटर की लम्बी पदयात्रा आज 10 अगस्त को सीहोर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर संपन्न हुई।
आंदोलनकारी विद्यार्थियों ने महामहिम राज्यपाल, मध्य प्रदेश शासन के नाम संबोधित एक विस्तृत 9-सूत्रीय मांग पत्र जिलाधीश (कलेक्टर), जिला सीहोर को सौंपा और निजीकरण के इस सरकारी निर्णय को तत्काल रद्द करने की मांग की। 8 अगस्त को चकल्दी ITI से प्रारंभ हुई यह पदयात्रा काकारिया, पातलाई, भसान, लाड़कुई और नोदान होते हुए इछावर पहुंची। यात्रा के दौरान पुलिस व स्थानीय प्रशासन के भारी दबाव, धमकियों और मानसूनी बारिश के बावजूद विद्यार्थियों के हौसले पस्त नहीं हुए। पहले दिन 28 किलोमीटर पैदल चलने के बाद छात्रों ने लाड़कुई में खुले आसमान के नीचे डेरा डाला। दूसरे दिन 25 किलोमीटर की यात्रा के बाद इछावर तहसील में रात्रि विश्राम करने के पश्चात आज तीसरे दिन सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने सीहोर कलेक्ट्रेट का घेराव कर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन सौंपने के उपरांत AIRSO के राज्य संयोजक संदीप कलाम ने कहा कि सीहोर के चकल्दी जैसे सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब, किसान, मजदूर और सर्वहारा वर्ग के युवाओं के लिए शासकीय ITI ही तकनीकी कौशल प्राप्त करने का एकमात्र सहारा हैं। PPP और SPV (स्पेशल पर्पज व्हीकल) मॉडल के नाम पर जनता के टैक्स से बनी बहुमूल्य सरकारी संपत्तियों को निजी कंपनियों के हवाले करना सीधे तौर पर संविधान प्रदत्त समानता (अनुच्छेद 14) और शिक्षा के अधिकार का हनन है। निजी नियंत्रण आते ही भारी-भरकम फीस थोपी जाएगी, जिससे वंचित वर्ग तकनीकी शिक्षा से पूरी तरह बेदखल हो जाएगा।
ज्ञापन में शामिल प्रमुख माँगें:
◾ निजीकरण पर तुरंत रोक: चकल्दी ITI सहित प्रदेश की सभी 16 सरकारी ITI को 'परम फाउंडेशन' या किसी भी NGO/ट्रस्ट को सौंपने का निर्णय तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए और इन्हें पूर्णतः शासकीय नियंत्रण में रखा जाए।
◾ सुलभ व मुफ्त शिक्षा: KG से PG तक की शिक्षा सभी के लिए पूरी तरह मुफ्त की जाए तथा सभी वर्गों के लिए एक समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था लागू की जाए।
◾ बजट वृद्धि व मूलभूत सुविधाएँ: ITI संस्थानों के लिए राज्यकोष से बजट बढ़ाया जाए। आधुनिक लैब, योग्य व स्थायी अनुदेशक तथा सुदृढ़ बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जाए।
◾ चकल्दी ITI का विस्तार: चकल्दी ITI में 6 नए आधुनिक ट्रेड शुरू किए जाएं और पारदर्शी अप्रेंटिसशिप व्यवस्था लागू की जाए।
◾ छात्रावास सुरक्षा व चिकित्सा अधिकार: SC/ST छात्रावासों में स्थायी महिला अधीक्षक/वार्डन की नियुक्ति की जाए तथा विद्यार्थियों के लिए 24x7 आपातकालीन वाहन व्यवस्था सुनिश्चित हो।
◾ भ्रष्टाचार की जांच: चकल्दी ITI के प्राचार्य एवं संबंधित भ्रष्टाचार मामलों की निष्पक्ष प्रशासनिक जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
AIRSO ने शासन-प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने इस छात्र-विरोधी निर्णय को वापस नहीं लिया और शिक्षण संस्थानों को निजी हाथों में बेचने की जिद जारी रखी, तो विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षक और मजदूर-किसान वर्ग एक साथ लामबंद होकर पूरे प्रदेश में तीखा और व्यापक जन-आंदोलन खड़ा करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।
कृष्णा
जिला अध्यक्ष
अखिल भारतीय क्रांतिकारी विद्यार्थी संगठन (AIRSO)
सीहोर, मध्य प्रदेश
संपर्क: 9617492670, 6263235456
िजीकरण_बंद_करो ाओ #शिक्षा_का_निजीकरण_बंद_करो