21/08/2026
*नव नालंदा महाविहार के हिंदी विभाग में स्नेह मिलन समारोह संपन्न*
नालंदा, 20 अगस्त 2026। नव नालंदा महाविहार के हिंदी विभाग में "नवागंतुक एवं पूर्ववर्ती मिलन समारोह 2026" का आयोजन हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर नवागंतुक विद्यार्थियों का स्वागत किया गया तथा विदा हो रहे विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ दी गईं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. हरे कृष्ण तिवारी ने की। तिवारी सर ने तुलसीदास जी की प्रसिद्ध पंक्ति "मन पछतायै है अवसर बीतै" के माध्यम से विद्यार्थियों को समझाया कि बीता हुआ समय कभी वापस नहीं आता है। इसलिए, वर्तमान समय का सदुपयोग करके अपने जीवन को सफल और सार्थक बनाने का प्रयास करे । मुख्य अतिथि के रूप में पाली एवं अन्य भाषा संकाय के डीन प्रो. रवींद्र नाथ श्रीवास्तव 'परिचय दास' उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि साहित्य पढ़ना केवल शिक्षा अर्जित करना नहीं है बल्कि मनुष्य का संवेदनशील होना है । उन्होंने यह भी कहा कि साहित्य पढ़ने वाले लोग कभी किसी की हत्या या दुर्गम अपराध नहीं कर सकते हैं। उन्होंने हिंदी विभाग के परास्नातक उत्तीर्ण पूर्ववर्ती विद्यार्थियों के लिए कहा कि वे जा नहीं रहे बल्कि हमारी पढ़ाई हुई विद्या का प्रचार प्रसार करने जा रहे हैं । उन्होंने अपनी कविता "यहीं समय हैं" के माध्यम से समय की महत्ता के बारे में बतलाया
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. अनुराग शर्मा, जिन्होंने विश्वविधालय की उपयोगिता यहां की व्यवस्था जैसे लाइब्रेरी जीवक आदि से नए छात्रों का परिचय कराया।
उन्होंने यह भी बताया कि हिन्दी विभाग के प्रोफ़ेसर और पाली एवं अन्य भाषाओं के डीन रविन्द्र नाथ श्रीवास्तव "परिचय दास " के मार्ग दर्शक में 2 शोधार्थियों वर्षा कुमारी और रौनक कुमार का 1 महीने पहले ही UGC द्वारा सहायक शिक्षक के रूप में चयन हुआ हैं। सहायक आचार्या सुश्री निकिता आनंद ने पास आउट विद्यार्थियों को बधाई एवं आगे जीवन में सफ़लता प्राप्त करने की कामना करते हुए न्यायपरक ज्ञान के संवर्धन की बात की। नए बच्चों का स्वागत करते हुये कहा कि साहित्य पढ़ना मतलब संवेदनशील होना है वहीं सहायक आचार्या सुश्री शिवानी जायसवाल भी सम्मिलित हुईं। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी आने से हम सिर्फ किताबें नहीं पढ़ते बल्कि नए नए दोस्तों से मिलते है सामाजिक जीवन के पहलुओं को समझते हैं, राजनीति सीखते है। सहायक अध्यापक श्री विकास सिंह जी अपरिहार्य कारणों से इस समारोह में सम्मिलित न होने हेतु दूरभाष माध्यम से अपना खेड़ व्यक्त किया एवं सभी छात्रों का उत्साहवर्धन किया। इन्हीं सब विचारों भावनाओं के साथ अतिथियों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दीं और विभागीय एकता एवं आपसी स्नेह बनाए रखने की प्रेरणा दी।
समारोह में वर्त्तमान के परास्नातक एवं स्नातक के वरिष्ठ विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और विभिन्न सांस्कृतिक एवं मनोरंजक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यार्थी आयोजक दल की सक्रिय भूमिका रही। समन्वय एवं सूचना प्रौद्योगिकी की जिम्मेदारी चंदन कुमार ने बखूबी निभाई, जिनके प्रयासों से कार्यक्रम का संचालन सुचारु रूप से संपन्न हुआ। मंच संचालन एवं स्वागत की जिम्मेदारी शिवानी एवं जूली ने निभाई। सजावट व्यवस्था मुस्कान, सोनम, स्वीटी, श्रुति, खुशी एवं अविनाश ने संभाली, जबकि बाह्य व्यवस्था करण, आनंद एवं शशि तिवारी ने देखी।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी एवं शिक्षकों के मार्गदर्शन से विभाग में आपसी स्नेह, एकता एवं संवाद का सुंदर माहौल देखने को मिला। विद्यार्थियों के सहयोग से समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।