20/10/2025
इंसान की पहचान
कभी-कभी सोचता हूँ…
कितनी अजीब दुनिया है —
जो झूठ बोलता है वो...✍️
सुनो..
मत करना भरोसा गैरों पर,
क्योंकि चलना तुम्हे है,
अपने ही पैरों पर.
20/10/2025
इंसान की पहचान
कभी-कभी सोचता हूँ…
कितनी अजीब दुनिया है —
जो झूठ बोलता है वो...✍️
18/10/2025
💔 आज के दौर में सच्चा इंसान सबसे ज़्यादा अकेला है,
क्योंकि लोग सच्चे को समझते नहीं,
और झूठे....
29/10/2024
"Accept the situation and say .... चलो ये भी ठीक है."
27/10/2024
पिता का दृष्टिकोण: पिता ने सोचा कि बच्चे को जन्म देकर उसने अपने कर्तव्य पूरे कर लिए हैं, और अब वह अपने बच्चे से आदर की अपेक्षा करता है।
पिता होना एक बड़ी जिम्मेदारी: बच्चे को जन्म देना जीवन की शुरुआत है, परंतु यह पिता की जिम्मेदारी का अंत नहीं है।
आदर की अपेक्षा: पिता अपने बच्चे से आदर की मांग कर रहा है, लेकिन यह सम्मान मांगने का तरीका कठोर और भयभीत करने वाला हो सकता है। पिता श्रद्धा और आस्था की अपेक्षा करते हुए, कभी-कभी बच्चों के विचारों और भावनाओं को अनदेखा कर देते हैं।
बच्चों के मन में उठते सवाल: जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, उनके मन में भी कई सवाल उठते हैं। यह सवाल स्वाभाविक होते हैं और उन्हें अपने जीवन में सही मार्गदर्शन के लिए उत्तर की आवश्यकता होती है।
एक उदाहरण:
एक युवा ने अपने पिता से पूछा: "आप हमेशा आदर की बात करते हैं क्योंकि आपने मुझे जन्म दिया और बड़ा किया, लेकिन क्या आपने मुझे जन्म देने के लिए कोई विशेष प्रयास किया था, या मैं केवल संयोग से आपके जीवन में आ गया?"
इस सवाल से पिता नाराज हो गए, क्योंकि उन्होंने इस सवाल को अपने सम्मान पर प्रश्न समझा।
सीख: पिता और बच्चों के बीच एक स्वस्थ संवाद आवश्यक है। आदर मांगने से ज्यादा जरूरी है, बच्चों के सवालों और उनकी भावनाओं को समझना।