10/11/2025
🌟 कविता संसार 🌟
जब थक जाओ, रुकना मत,
अपने भीतर झाँकना मत भूलो,
तुम्हारे शब्द, तुम्हारी राह —
खुद में ही ढूँढो उजालों की चाह।
विश्वास रखो, तुम कर सकते हो,
हर मंज़िल का अधिकार,
दिल से लिखो, जी से जियो —
यही बनेगा तुम्हारा कविता संसार।