10/10/2026
Qaum Ki Taraqqi Ya Dikhawa? Hamari Tarjeehat Kya Hain? | क़ौम की तरक़्क़ी या दिखावा? हमारी तरजीहात क्या हैं?
क्या हम अपने बच्चों की तालीम और मुस्तक़बिल को उतनी अहमियत देते हैं, जितनी मोबाइल, महंगे कपड़ों, शादी-ब्याह और दिखावे को देते हैं? क्या हमारी ख़र्च करने की आदतें हमारी तरक़्क़ी में रुकावट बन रही हैं?
इस IIEC INDIA वीडियो में हम बात करेंगे मुस्लिम समाज में तालीम की अहमियत, बच्चों की बेहतर परवरिश, इल्म की फ़ज़ीलत और अपनी तरजीहात को सही करने की ज़रूरत पर।
इस्लाम में इल्म हासिल करना और बच्चों की अच्छी तरबियत करना बेहद अहम है। तालीम सिर्फ़ नौकरी पाने का ज़रिया नहीं, बल्कि शऊर, क़ाबिलियत, सही-ग़लत की पहचान और बेहतर इंसान बनने का रास्ता भी है।
📖 कुरआन की रौशनी में इल्म की अहमियत
अल्लाह ईमान वालों और इल्म दिए गए लोगों के दर्जे बुलंद करता है।
— सूरह अल-मुजादिला, 58:11
नबी करीम ﷺ ने फरमाया:
“तुममें सबसे बेहतर वह है जो कुरआन सीखे और उसे सिखाए।”
— सहीह बुख़ारी, 5027
इस वीडियो में जानिए:
* मुस्�