Iqra Urdu Coaching centre

Iqra Urdu Coaching centre Founder - Hafiz Amjad Ansari
Director - Hafiz Asad Ansari

21/04/2026

अल्हम्दुलिल्लाह!
यह हमारे लिए बहुत खुशी और सुकून की बात है कि हमारे प्यारे बच्चे कुरान पाक की तालीम शुरू कर रहे हैं। यह एक मुबारक सफर है, जो इंसान को दुनिया और आखिरत दोनों में कामयाबी की राह दिखाता है।
हम दिल से दुआ करते हैं:
ऐ अल्लाह! इन मासूम बच्चों को कुरान पाक की सही समझ अता फरमा। इनके दिलों को अपने कलाम की रोशनी से रोशन कर दे।
या रब! इनको इल्मे-नाफे (फायदेमंद ज्ञान) अता फरमा, ऐसा इल्म जो इनके लिए भी और पूरी उम्मत के लिए भी फायदेमंद हो।
ऐ अल्लाह! इन बच्चों को दीन का सच्चा रहबर बना, दीन का सिपाही बना, और इस्लाम का सच्चा खिदमतगार बना दे।
इनके अखलाक को बेहतरीन बना, इनके किरदार को बुलंद कर, और इन्हें कुरान पाक से सच्ची मोहब्बत अता फरमा।
या अल्लाह! इनके वालिदैन, उस्ताद और सरपरस्तों की मेहनतों को कबूल फरमा, और इन बच्चों को दुनिया और आखिरत में कामयाब और सरखरू बना।
आमीन या रब्बुल आलमीन।

16/04/2026

Alhamdulillah

08/04/2026

Alhamdulillah

07/04/2026

Aap sab doston se dua ki apeel karte hene in tamaam Talib E ilm ke liye

31/03/2026

अससलामु अलैकुम व रहमतुल्लाह व बरकातहू
जैसा कि आप तमाम हज़रात को मालूम है कि मौलाना अब्दुल्लाह सलीम कमर चतुर्वेदी साहब को यूपी पुलिस प्रशासन द्वारा गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि उनकी ज़ुबान से कुछ ऐसे अल्फ़ाज़ निकल गए थे, जिसकी वजह से यह कार्रवाई की गई।
हम यह भी सुन रहे हैं कि उनके साथ सख्ती और बदसलूकी की शिकायतें सामने आई हैं, जो किसी भी सभ्य समाज के लिए चिंता का विषय है।
मैं यहां एक अहम बात कहना चाहता हूँ — हमें अपने मुल्क के संविधान पर पूरा भरोसा है, वह संविधान जिसे B. R. Ambedkar साहब ने तैयार किया। यही संविधान हर नागरिक को इंसाफ, बराबरी और अभिव्यक्ति की आज़ादी का हक देता है।
मौलाना साहब ने अपनी बात पर अफसोस जताते हुए माफी भी मांग ली है और अपनी गलती को स्वीकार भी किया है। ऐसे में यह उम्मीद की जाती है कि कानून भी इंसाफ और इंसानियत के साथ पेश आए।
हमें पूरा यकीन है कि Supreme Court of India और High Courts of India संविधान के दायरे में रहते हुए इस मामले को देखेंगे और मौलाना अब्दुल्लाह सलीम कमर चतुर्वेदी साहब को इंसाफ जरूर मिलेगा।
हम सभी से गुजारिश है कि हम सब्र और अमन बनाए रखें, कानून का सम्मान करें, और किसी भी तरह की अफवाह या नफरत फैलाने से बचें।
अल्लाह तआला हम सबको हक और इंसाफ के रास्ते पर चलने की तौफीक अता फरमाए।
वस्सलाम।

26/03/2026

“सरपरस्त-ए-आला की सरपरस्ती किसी भी महफ़िल की रौनक को चार चाँद लगा देती हैं।
जब हज़रत मौलाना मुबारक हुसैन साहब دامت برکاتهم (दामाद-ए-बरकातुहुम) अपने वतन, गाँव मंजौरा, जिला मधेपुरा में अपनी भतीजी, जनाब मुमताज़ अहमद साहब की साहबज़ादी की शादी के मुबारक मौके पर तशरीफ़ लाए, तो महफ़िल की रौनक और भी बढ़ गई।
हज़रत की मुबारक मौजूदगी में हमें भी इस ख़ुशनुमा और बरकत भरे मौके पर शिरकत करने का सौभाग्य मिला — जो हमारे लिए किसी नेमत से कम नहीं।
अल्हम्दुलिल्लाह, अल्लाह तआला इस रिश्ते में मोहब्बत, रहमत और बरकत अता फरमाए, और दोनों शौहर बीबी की ज़िंदगी को खुशियों से भर दे। आमीन।”

आप सभी दोस्तों को मेरी तरफ़ ईद मुबारक हो
21/03/2026

आप सभी दोस्तों को मेरी तरफ़ ईद मुबारक हो

17/03/2026

एक छोटी सी यतीम बच्ची…
न सिर पर पिता का साया, न कोई मज़बूत सहारा…
लेकिन आज वो बैठी है, बहुत अच्छे अंदाज के साथ सूरह फ़ातिहा सुना रही है।
हर लफ़्ज़ उसके कानों से दिल तक उतर रहा है,
और दिल से सीधे उसके रब तक पहुँच रहा है…
उसकी आँखों में मासूमियत है,
लेकिन उन आँखों के पीछे एक गहरा दर्द भी छुपा है…
जो शायद सिर्फ उसका रब ही जानता है।
यतीम होना कमज़ोरी नहीं होता…
ये तो एक ऐसा दर्जा है, जिसे अल्लाह अपने खास बंदों को देता है।
क्योंकि यतीम का दिल सबसे ज्यादा नर्म होता है,
और उसकी दुआएँ सबसे जल्दी कबूल होती हैं…
ये बच्ची कोई आम बच्ची नहीं…
ये एक “यतीम मोती” है…
जो हालात की अंधेरी गहराइयों में रहकर भी,
ईमान की रोशनी से चमक रही है।
और आज जब वो सूरह फ़ातिहा सुना रही है,
तो ऐसा लगता है जैसे हर आयत उसके लिए रहमत बनकर उतर रही है…
ऐ अल्लाह!
इस मासूम बच्ची पर अपनी खास रहमत नाज़िल फरमा,
इसके दिल के हर दर्द को सुकून में बदल दे,
और इसकी जिंदगी को खुशियों से भर दे…
या रब!
जिस तरह तूने इसे सब्र दिया है,
उसी तरह इसे कामयाबी और खुशहाली भी अता फरमा…
ऐ अल्लाह!
इसकी माँ पर भी अपनी रहमतों की बारिश फरमा,
ऐ देखने वालों!
जरा अपने दिल से पूछिए…
क्या हमने कभी किसी यतीम का हाथ थामा है?
याद रखिए…
यतीम सिर्फ एक बच्चा नहीं होता,
वो अल्लाह की अमानत होता है।
और जो इस अमानत की हिफाज़त करता है,
अल्लाह उसके लिए जन्नत के दरवाज़े खोल देता है…

17/03/2026

यह बच्ची को गौर से सुनिए…
दुआ-ए-कुनूत को कितने खूबसूरत अंदाज़ में पढ़ रही है।
आपने बड़े-बड़े लोगों से, बुज़ुर्गों से भी सुना होगा, लेकिन इतनी छोटी सी मासूम बच्ची जिस तरह से दिल से, सही लहजे और प्यारी आवाज़ में पढ़ रही है, वो सच में काबिले-तारीफ़ है।
कहीं भी खींचने या गलती की जगह नहीं—सब कुछ इतना साफ़ और सलीके से… माशाअल्लाह! ❤️
आप सभी से गुज़ारिश है कि इस बच्ची के लिए दुआ करें:
अल्लाह पाक इसे और भी अच्छा पढ़ने का हुनर अता फरमाए, इसकी आवाज़ में और मिठास दे, और इसे दीन की खिदमत करने वालों में शामिल करे। 🤲
आमीन 🤍

15/03/2026

यह मासूम बच्ची रमज़ानुल मुबारक के रोज़ों की अहमियत बयान कर रही है।
हालाँकि इसकी उम्र अभी कम है, इसलिए इस पर रोज़ा फ़र्ज़ नहीं है, लेकिन फिर भी यह बड़े खूबसूरत अंदाज़ में रोज़ों की फ़ज़ीलत और अहमियत बता रही है।
आइए हम सब इस प्यारी बच्ची के लिए दुआ करें कि अल्लाह तआला इसे सेहत, इल्म और नेक ज़िंदगी अता फ़रमाए, इसे अपने दीन की अच्छी समझ दे और इसे आगे चलकर अपने माँ-बाप, अपने गाँव और पूरे समाज का नाम रोशन करने वाला बनाए।
आमीन।

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