24/09/2026
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ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् 🙏
🗓️ गुरु प्रदोष व्रत — 24 सितंबर 2026, गुरुवार
प्रदोष पूजा मुहूर्त (वाराणसी): सायं 5:52 से रात्रि 8:15 बजे तक।
भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना को समर्पित गुरु प्रदोष व्रत श्रद्धा, आत्मसंयम और आध्यात्मिक साधना का पावन अवसर है। गुरुवार के दिन त्रयोदशी तिथि के संयोग से इसे गुरु प्रदोष कहा जाता है।
इस दिन प्रातः स्नान करके महादेव का स्मरण करें तथा अपनी सामर्थ्य के अनुसार व्रत का संकल्प लें। संध्याकाल में प्रदोष मुहूर्त के दौरान शिवलिंग पर स्वच्छ जल, बेलपत्र, चंदन एवं पुष्प अर्पित करें। घी का दीपक प्रज्वलित कर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें।
पूजन के समय ॐ नमः शिवाय और ॐ उमा शिवाय नमः मन्त्र का जाप करना बेहद ही शुभ माना गया है। इस दिन श्रद्धानुसार महामृत्युंजय मंत्र, शिव स्तुति और प्रदोष व्रत कथा का पाठ भी किया जा सकता है।