20/06/2015
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को मनाया जाएगा। जिसकी पहल भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 27 सितम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण में रखकर की। जिसके बाद 21 जून को "अंतरराष्ट्रीय योग दिवस" घोषित किया गया। 11 दिसम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र में 193 सदस्यों द्वारा 21 जून को "अंतरराष्ट्रीय योग दिवस" को मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। प्रधानमंत्री मोदी के इस प्रस्ताव को 90 दिन के अंदर पूर्ण बहुमत से पारित किया गया, जो संयुक्त राष्ट्र संघ में किसी दिवस प्रस्ताव के लिए सबसे कम समय है।
11/06/2015
राम प्रसाद 'बिस्मिल' (जन्म: ११ जून १८९७ फाँसी: १९ दिसम्बर १९२७) भारत के क्रान्तिकारी, स्वतन्त्रता सेनानी व कवि, शायर, अनुवादक, बहुभाषाभाषी, इतिहासकार व साहित्यकार थे।
शुक्रवार ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी (निर्जला एकादशी) विक्रमी संवत् १९५४ को उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर में जन्मे राम प्रसाद को ३० वर्ष की आयु में सोमवार पौष कृष्ण एकादशी (सफला एकादशी) विक्रमी संवत् १९८४ को ब्रिटिश सरकार ने गोरखपुर जेल में फाँसी दे दी।
'बिस्मिल' उनका उर्दू तखल्लुस (उपनाम) था जिसका हिन्दी में अर्थ होता है आत्मिक रूप से आहत। बिस्मिल के अतिरिक्त वे राम और अज्ञात के नाम से भी लेख व कवितायें लिखते थे। उन्होंने सन् १९१६ में १९ वर्ष की आयु में क्रान्तिकारी मार्ग में कदम रखा था।
११ वर्ष के क्रान्तिकारी जीवन में उन्होंने कई पुस्तकें लिखीं और स्वयं ही उन्हें प्रकाशित किया। उन पुस्तकों को बेचकर जो पैसा मिला उससे उन्होंने हथियार खरीदे और उन हथियारों का उपयोग ब्रिटिश राज का विरोध करने के लिये किया। ११ पुस्तकें ही उनके जीवन काल में प्रकाशित हुईं और ब्रिटिश सरकार द्वारा ज़ब्त की गयीं।
बिस्मिल को तत्कालीन संयुक्त प्रान्त आगरा व अवध की लखनऊ सेण्ट्रल जेल की ११ नम्बर बैरक[5] में रखा गया था। इसी जेल में उनके दल के अन्य साथियोँ को एक साथ रखकर उन सभी पर ब्रिटिश राज के विरुद्ध साजिश रचने का ऐतिहासिक मुकदमा चलाया गया था।
बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वन्दे मातरम के बाद राम प्रसाद 'बिस्मिल' की रचना सरफरोशी की तमन्ना ही है जिसे गाते हुए न जाने कितने लोग फाँसी के तख्ते पर झूल गये।
02/12/2014
लौह पुरुष सरदार पटेल का जन्म 31 अक्तूबर सन् 1875 को गुजरात प्रान्त के करमसद नामक गांव में हुआ I इनके पिता का नाम झेवर भाई पटेल था I अपने उग्र स्वभाव के कारण सरदार पटेल अपनी शिक्षा पूरी नहीं कर सके I
18 वर्ष की आयु में इनका विवाह हो गया I बाद में उन्होंने वकालत प्रथम श्रेणी में पास की I फिर पटेल 1913 को भारत लौटे और अहमदाबाद में वकालत करने लगे I बाद में वे कांग्रेस के संयोजक मंत्री बने I गांधी जी को सरदार पटेल की क्षमता पर पूर्ण विश्वास था और वे पटेल जी की सलाह लिए बिना कोई काम नहीं करते थे I
सरदार पटेल किसानों के लिए बहुत लड़े, उन्होंने घोषणा कि कोई भी सरकार को टैक्स न दे I अंग्रेजो ने इस आंदोलन को कुचलने का बहुत प्रयास किया पर उनकी सरदार पटेल के आगे एक न चली I इस सफल आंदोलन से सरदार पटेल लोगों में बहुत लोकप्रिय हो गये और जनता ने उनको सरदार पटेल बना दिया I
15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ I सरदार पटेल भारत के पहले गृहमंत्री बने I अंग्रेज लगभग 700 रियासतों को उनकी इच्छा पर छोड़ कर चले गये I बहुत सी रियासतें पाकिस्तान से मिलना चाहती थी, लेकिन इस साहसी वीर ने अपनी कुशाग्र बुद्धि से सब रियासतों को भारत से मिला दिया और अखण्ड भारत का निर्माण किया I इसके लिए पटेल जी को लौह पुरुष की उपाधि मिली I 1950 में इस महान पुरुष की मृत्यु हो गई और लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल इतिहास में हमेशा अमर हो गये